Rajasthan: भावुक तस्वीर ! शिक्षकों के ट्रांसफर पर फूट-फूटकर रोईं छात्राएं, बोलीं-ऐसी टीचर दोबारा नहीं मिलेंगी
अलवर के कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल की तीन शिक्षिकाओं का ट्रांसफर हो गया। ऐसे में छात्राएं रोने लगी। वो कहने लगी कि हमें छोड़कर मत जाओ। आपने हमें पेरेंटस की कमी महसूस नहीं होने दी है। उनको रोता देख शिक्षिका भी भावुक हो गईं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजस्थान में शिक्षक की पिटाई से दलित छात्र की मौत को लेकर बवाल मचा हुआ है। वहीं उदयपुर में भी शिक्षक ने एक बच्चे को पीटकर दांत तोड़ दिया लेकिन इससे ठीक उल्टा अलवर से एक भावुक कर देने वाला मामला सामने आया। जिसमें गुरु और शिक्षक के सुंदर रिश्ते को देखकर हर कोई भावुक हो गया।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार अलवर जिले के बानसूर के गिरूडी स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल के तीन शिक्षिका का ट्रांसफर हो गया। ललतेश सैन, मनीषा कुमारी और उर्मिला मीणा का 18 अगस्त को ट्रांसफर हो गया। ऐसे में 22 अगस्त को स्कूल परिसर में ही शिक्षिकों का विदाई समारोह का आयोजन किया गया था। इस दौरान छात्राएं अपनी फेवरेट शिक्षिकाओं के जाने पर रोने लगीं। छात्राओं ने रोते हुए कहा कि 'हमें छोड़कर मत जाओ। आप जैसी टीचर हमें दोबारा नहीं मिलेगी। हमें आपने पैरेंटस की कमी महसूस नहीं होने दी। छात्राओं को बिलख-बिलखकर रोते हुए दिख तीनों शिक्षिका भी भावुक हो गईं।
ललतेश सैन स्कूल में संस्कृत संस्कृत पढ़ाती थी। मनीषा कुमारी साइंस मैथ्स की शिक्षिका थी। वहीं उर्मिला मीणा 1st लेवल की टीचर थीं। तीनों चार साल से स्कूल में पोस्टेड थी। तीनों टीचर ने यहां 24 जुलाई 2018 को जॉइन किया था। अब उर्मिला मीणा को अलवर जिला हेड क्वार्टर, ललतेश सैन को सीकर जिला और मनीषा कुमारी को झुंझुनूं में लगाया गया है। टीचर के जाने से छात्राएं दुखी हैं।