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Alwar: कलेक्टर की "क्लीन अलवर" और "अतुल्य अलवर" मुहिम के बाद भी बिगड़े हालात, AQI सामान्य से सौ गुना ज्यादा
Tue, 12 Nov 2024 06:41 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Tue, 12 Nov 2024 06:41 PM IST
सार
अलवर में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, जिसमें शहर का एक्यूआई 320 रिकॉर्ड किया गया। सर्दियों में यह पहला मौका है, जब प्रदूषण का स्तर इतना अधिक बढ़ा है, जिससे लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
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प्रदूषण को लेकर जिला कलेक्टर ने की बैठक।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अलवर शहर का एक्यूआई का स्तर 320 पर पहुंच गया। सर्दी के मौसम में यह पहला अवसर है, जब शहर का एक्यूआई इस स्तर पर पहुंचा है। शहर में इन दिनों दिन के मुकाबले रात करीब नौ बजे के आसपास वायु प्रदूषण अधिक रहने लगा है। कल रात को एक्यूआई 320 पर पहुंच गया। वायु प्रदूषण अधिक रहने से लोगों को आंखों में जलन होने लगी है स्वांस लेने में भी परेशानी हुई।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार शहर में वायु प्रदूषण कल सबसे अधिक रहा। सुबह एक्यूआई 106 था जो बढ़ते बढ़ते 320 पर जा पहुंचा। एक्यूआई का सामान्य स्तर 100 मन जाता है और अलवर का एक्यूआई इससे ज्यादा ही आ रहा है।
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ग्रेप-1 लागू होने के बावजूद बिगड़े हालात
हालांकि दीपावली पर शहर में वायु प्रदूषण को देखते हुए पटाखों पर रोक लगाई हुई थी, लेकिन एन वक्त पर राज्य के प्रदूषण विभाग ने ग्रीन पटाखों की अनुमति दे दी, जिसकी आड़ में धड़ल्ले से पटाखे चलाये गए। यह इजाजत भी आठ से दस बजे तक के लिए थी, लेकिन लोगों ने देर रात तक तक पटाखे जलाये। अग्यारा तक कूड़ा कचरा पहुंचाने की बजाय लोग और नगर निगम के कर्मचारी शहर में ही सड़कों पर कूड़ा जला रहे हैं, जिससे वायु प्रदूषण और ज्यादा होता है। ग्रेप-1 लागू होने के बावजूद इसकी कोई परवाह नहीं कर रहा।
चिंता में जिला कलेक्टर
जिला कलेक्टर इसको लेकर काफी चिंताग्रस्त हैं। उन्होंने क्लीन अलवर के नाम से एक पोर्टल भी चालू कर रखा है। इसके अलावा उनकी ओर से अतुल्य अलवर के नाम से अभियान भी चलाया जा रहा हैं। इसमें सभी वरिष्ठ अधिकारियों को भी सेक्टर वाइज इंचार्ज बनाया गया है, जो हर शनिवार को अपने सेक्टर में जाकर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करते हैं। जिला कलेक्टर की ओर से रामगढ़ उप चुनाव को भी ग्रीन इलेक्शन के नाम से संचालित किया जा रहा है। इसमें प्लास्टिक के यूज पर बिल्कुल मनाही रखी गई है। कलेक्टर की इन कोशिशों के बावजूद एक्यूआई बढ़ रहा है, जो काफी चिंता की बात है।