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16 करोड़ के घोटाले में एसओजी ने 3000 पन्नों की चार्जशीट पेश की
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 15 Mar 2017 10:43 PM IST
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घोटाला
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राजस्थान के बहुचर्चित अलवर अरबन को—आॅपरेटिव बैंक में 16 करोड़ रुपए के घोटाले में एसओजी ने बुधवार को 3000 पन्नों की चार्जशीट पेश की है।
आईजी (एसओजी) दिनेश एम.एन. ने बताया कि पिछले साल 19 नवंबर को अलवर के एक होटल में दबिश देकर अलवर अरबन को-ऑपरेटिव बैंक में 16 करोड़ रुपए का घोटाला उजागर किया था। एस.ओ.जी ने जांच में पाया कि मास्टर माईंड अभिषेक जोशी ने बैंक के पूर्व चेयरमैन ओमप्रकाश सैनी व सीईओ महेश मुदगल के साथ मिलकर बैंक के संचालन पर अपना कब्जा स्थापित कर फर्जी तरीके से दस्तावेजों में कांट छांट कर बोर्ड का गठन किया।
अभिषेक जोशी के भाई मृदुल जोशी व बैंक के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा 92 फर्जी फर्म बनाकर उनके नाम पर बैंक से करोड़ों का ऋण उठा लिया। साथ ही बैंक मैनेजर दीपक तांती के साथ मिलकर बैंक के नोड़ल खातों से करोड़ों रुपए की निकासी कर अपने निजी कार्यों में उपयोग कर भारी हानी पहुंचाई। इस मामले में कुल 11 अभियुक्तों के खिलाफ अलवर न्यायालय में करीब 3000 पन्नों की चार्जशीट पेश की गई। उन्होंने बताया कि एसओजी द्वारा प्रकरण में अभियुक्त दीपक तांती (बैंक मैनेजर) व शशिमोहन शर्मा के विरुद्ध पूर्व में ही चालान न्यायालय में पेश किया जा चुका है। प्रकरण में शेष अभियुक्त हरलीन, रविन्द्र दहिया, नरेन्द्र सिंह उर्फ नन्दू, पूर्व निदेशकगण व अन्य अभियुक्तों के खिलाफ अनुसंधान लम्बित रखा गया है।
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आईजी (एसओजी) दिनेश एम.एन. ने बताया कि पिछले साल 19 नवंबर को अलवर के एक होटल में दबिश देकर अलवर अरबन को-ऑपरेटिव बैंक में 16 करोड़ रुपए का घोटाला उजागर किया था। एस.ओ.जी ने जांच में पाया कि मास्टर माईंड अभिषेक जोशी ने बैंक के पूर्व चेयरमैन ओमप्रकाश सैनी व सीईओ महेश मुदगल के साथ मिलकर बैंक के संचालन पर अपना कब्जा स्थापित कर फर्जी तरीके से दस्तावेजों में कांट छांट कर बोर्ड का गठन किया।
अभिषेक जोशी के भाई मृदुल जोशी व बैंक के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा 92 फर्जी फर्म बनाकर उनके नाम पर बैंक से करोड़ों का ऋण उठा लिया। साथ ही बैंक मैनेजर दीपक तांती के साथ मिलकर बैंक के नोड़ल खातों से करोड़ों रुपए की निकासी कर अपने निजी कार्यों में उपयोग कर भारी हानी पहुंचाई। इस मामले में कुल 11 अभियुक्तों के खिलाफ अलवर न्यायालय में करीब 3000 पन्नों की चार्जशीट पेश की गई। उन्होंने बताया कि एसओजी द्वारा प्रकरण में अभियुक्त दीपक तांती (बैंक मैनेजर) व शशिमोहन शर्मा के विरुद्ध पूर्व में ही चालान न्यायालय में पेश किया जा चुका है। प्रकरण में शेष अभियुक्त हरलीन, रविन्द्र दहिया, नरेन्द्र सिंह उर्फ नन्दू, पूर्व निदेशकगण व अन्य अभियुक्तों के खिलाफ अनुसंधान लम्बित रखा गया है।
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