{"_id":"676664d43ad1179c3c0e8b11","slug":"the-sandal-which-is-offered-at-gareeb-nawazs-shrine-throughout-the-year-will-be-removed-on-31-december-and-will-be-distributed-among-the-pilgrims-ajmer-news-c-1-1-noi1334-2438952-2024-12-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ajmer News: गरीब नवाज की मजार पर साल भर चढ़ने वाला संदल 31 दिसंबर को उतरेगा, जायरीनों में किया जाएगा तकसीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ajmer News: गरीब नवाज की मजार पर साल भर चढ़ने वाला संदल 31 दिसंबर को उतरेगा, जायरीनों में किया जाएगा तकसीम
Sat, 21 Dec 2024 12:30 PM IST
अजमेर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
Published by: अजमेर ब्यूरो
Updated Sat, 21 Dec 2024 12:30 PM IST
सार
Ajmer: दरगाह के खादिम कुतुबुद्दीन सखी ने बताया की सालभर ख्वाजा साहब की मजार पर संदल पेश किया जाता है और यह संदल चांद की 28 तारीख को उतारने की परंपरा रही है।
विज्ञापन
गरीब नवाज की मजार पर साल भर चढ़ने वाला संदल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अजमेर में ख्वाजा गरीब नवाज के 813वें उर्स की शुरूआत से पहले 31 दिसंबर 2024 मंगलवार को संदल उतारने की रस्म अदा होगी। चांद दिखने के साथ ही गरीब नवाज के सालाना उर्स की शुरुआत हो जाएगी और इसी दौरान 6 दिन के लिए जन्नती दरवाजा खोला जाएगा। चांद दिखाई देने पर 1 या 2 जनवरी से उर्स की विधिवत शुरूआत होगी। वैसे उर्स की अनौपचारिक शुरुआत 28 दिसंबर को बुलंद दरवाजे पर झंडा चढ़ने के साथ हो जाएगी और इसके बाद से भी दरगाह में जायरीन की आवक भी बढ़ जाएगी।
उर्स को लेकर दरगाह कमेटी, पुलिस व प्रशासन की ओर से इंतजाम किए जा रहे हैं। दरगाह के खादिम कुतुबुद्दीन सखी ने बताया की सालभर ख्वाजा साहब की मजार पर संदल पेश किया जाता है और यह संदल चांद की 28 तारीख को उतारने की परम्परा रही है। ऐसे में मंगलवार 31 दिसंबर को उतारे जाने वाले संदल को जायरीनों में वितरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ख्वाजा गरीब नवाज की मजार पर साल भर चढ़ने वाले संदल को लेने के लिए बड़ी संख्या में जायरीनों की भीड़ उमड़ती है, मान्यता है कि इस संदल को पानी में मिलाकर पीने से लाइलाज बीमारों से राहत मिलती है।
खादिम कुतुबुद्दीन सखी ने बताया कि चांद दिखने के बाद तड़के 4 बजे जन्नती दरवाजा खुल जाएगा। सालभर में जन्नती दरवाजा चार बार खोला जाता है, लेकिन उर्स में सबसे ज्यादा 6 दिन के लिए खुलता है। एक दिन ईद उल फितर के मौके पर, एक दिन बकरा ईद के मौके पर और एक दिन ख्वाजा साहब के गुरु हजरत उस्मान हारूनी के सालाना उर्स के मौके पर यह दरवाजा खुलता है। परंपरा के अनुसार जन्नती दरवाजा उर्स में आने वाले जायरीन के लिए खोला जाता है।
विज्ञापन
दरगाह के खादिम कुतुबुद्दीन सखी ने बताया कि इसी परंपरा के अनुसार यह दरवाजा कुल की रस्म के बाद 6 रजब को बंद कर दिया जाता है। जन्नती दरवाजे पर साल भर जायरीन मन्नत का धागा बांधते हैं। दरगाह जियारत को आने वाले जायरीन जन्नती दरवाजा से जियारत करने के लिए बेकरार नजर आते हैं। जायरीन सिर पर मखमल की चादर और फूलों की टोकरी लिए अपनी बारी का इंतजार करते हैं।
अजमेर दरगाह के 813वें उर्स की शुरूआत चांद दिखाई देने पर 1 या 2 जनवरी 2025 से हो जाएगी। चांद रात को तड़के 4 बजे जन्नती दरवाजा खुल जाएगा। यदि शाम को रजब महीने का चांद नजर आ गया तो रात से ही उर्स की रस्मों का आगाज शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही प्रतिदिन मजार शरीफ को गुस्ल देने और महफिल की रस्मों का आगाज हो जाएगा। सखी ने बताया कि इसके बाद गरीब नवाज की छठी होगी और इसी दिन कुल की रस्म के साथ उर्स का समापन होगा। जन्नती दरवाजा बंद कर दिया जाएगा फिर रजब की 9 तारीख को बड़े कुल की रस्म अदा की जाएगी। खुद्दाम-ए-ख्वाजा की ओर से बड़े कुल की फातिहा होगी और उर्स का विधिवत समापन हो जाएगा।
बॉलीवुड की चादर 2 जनवरी को होगी पेश
दरगाह के खादिम कुतुबुद्दीन सखी ने बताया कि 2 जनवरी को बॉलीवुड की ओर से बॉलीवुड कलाकारों की मौजूदगी में चादर पेश की जाएगी और बॉलीवुड कलाकारों की सलामती के लिए विशेष दुआ मांगी जाएगी। बॉलीवुड की चादर दरगाह के निजाम गेट से जुलूस के रूप में शुरू होकर गरीब नवाज की बारगाह में पेश की जाएगी और बॉलीवुड कलाकारों के लिए दुआ मांगी जाएगी।
विज्ञापन
उर्स को लेकर दरगाह कमेटी, पुलिस व प्रशासन की ओर से इंतजाम किए जा रहे हैं। दरगाह के खादिम कुतुबुद्दीन सखी ने बताया की सालभर ख्वाजा साहब की मजार पर संदल पेश किया जाता है और यह संदल चांद की 28 तारीख को उतारने की परम्परा रही है। ऐसे में मंगलवार 31 दिसंबर को उतारे जाने वाले संदल को जायरीनों में वितरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ख्वाजा गरीब नवाज की मजार पर साल भर चढ़ने वाले संदल को लेने के लिए बड़ी संख्या में जायरीनों की भीड़ उमड़ती है, मान्यता है कि इस संदल को पानी में मिलाकर पीने से लाइलाज बीमारों से राहत मिलती है।
विज्ञापन
खादिम कुतुबुद्दीन सखी ने बताया कि चांद दिखने के बाद तड़के 4 बजे जन्नती दरवाजा खुल जाएगा। सालभर में जन्नती दरवाजा चार बार खोला जाता है, लेकिन उर्स में सबसे ज्यादा 6 दिन के लिए खुलता है। एक दिन ईद उल फितर के मौके पर, एक दिन बकरा ईद के मौके पर और एक दिन ख्वाजा साहब के गुरु हजरत उस्मान हारूनी के सालाना उर्स के मौके पर यह दरवाजा खुलता है। परंपरा के अनुसार जन्नती दरवाजा उर्स में आने वाले जायरीन के लिए खोला जाता है।
विज्ञापन
दरगाह के खादिम कुतुबुद्दीन सखी ने बताया कि इसी परंपरा के अनुसार यह दरवाजा कुल की रस्म के बाद 6 रजब को बंद कर दिया जाता है। जन्नती दरवाजे पर साल भर जायरीन मन्नत का धागा बांधते हैं। दरगाह जियारत को आने वाले जायरीन जन्नती दरवाजा से जियारत करने के लिए बेकरार नजर आते हैं। जायरीन सिर पर मखमल की चादर और फूलों की टोकरी लिए अपनी बारी का इंतजार करते हैं।
अजमेर दरगाह के 813वें उर्स की शुरूआत चांद दिखाई देने पर 1 या 2 जनवरी 2025 से हो जाएगी। चांद रात को तड़के 4 बजे जन्नती दरवाजा खुल जाएगा। यदि शाम को रजब महीने का चांद नजर आ गया तो रात से ही उर्स की रस्मों का आगाज शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही प्रतिदिन मजार शरीफ को गुस्ल देने और महफिल की रस्मों का आगाज हो जाएगा। सखी ने बताया कि इसके बाद गरीब नवाज की छठी होगी और इसी दिन कुल की रस्म के साथ उर्स का समापन होगा। जन्नती दरवाजा बंद कर दिया जाएगा फिर रजब की 9 तारीख को बड़े कुल की रस्म अदा की जाएगी। खुद्दाम-ए-ख्वाजा की ओर से बड़े कुल की फातिहा होगी और उर्स का विधिवत समापन हो जाएगा।
बॉलीवुड की चादर 2 जनवरी को होगी पेश
दरगाह के खादिम कुतुबुद्दीन सखी ने बताया कि 2 जनवरी को बॉलीवुड की ओर से बॉलीवुड कलाकारों की मौजूदगी में चादर पेश की जाएगी और बॉलीवुड कलाकारों की सलामती के लिए विशेष दुआ मांगी जाएगी। बॉलीवुड की चादर दरगाह के निजाम गेट से जुलूस के रूप में शुरू होकर गरीब नवाज की बारगाह में पेश की जाएगी और बॉलीवुड कलाकारों के लिए दुआ मांगी जाएगी।