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Rajasthan: RPSC फर्जी डिग्री और प्रमाण पत्रों पर लगाम लगाने के लिए डिजीलॉकर से करेगा सत्यापन, आयोग ने क्या कहा
Mon, 10 Mar 2025 07:49 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Mon, 10 Mar 2025 07:49 PM IST
सार
RPSC: फर्जी डिग्री और प्रमाण पत्रों पर अब लगाम लगाई जा सकेगी। इसके लिए आरपीएससी डिग्री और अंकतालिका का सत्यापन डिजीलॉकर के जरिए करेगा।
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राजस्थान लोक सेवा आयोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा अब डिग्रियों और अंकतालिकाओं सहित अन्य दस्तावेजों का सत्यापन नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी में संधारित डेटा को डिजी लॉकर के माध्यम से एक्सेस कर भी किया जा सकेगा। इस संबंध में राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी की पहल पर उनकी टीम द्वारा 25 फरवरी 2025 को एक कार्यशाला का आयोजन किया गया था।
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आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने बताया कि राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा डिजी लॉकर को आयोग की भर्ती प्रक्रियाओं में उपयोग लिए जाने हेतु अनुरोध किया गया था। इस क्रम में डिजी लॉकर प्लेटफार्म का इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारी द्वारा तकनीकी प्रेजेंटेशन आयोग के अधिकारियों के समक्ष किया गया था। इसमें डिजी लॉकर के उपयोग एवं उपलब्ध ऑनलाइन आधारित दस्तावेजों के बारे में जानकारी दी गई।
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डिजी लॉकर पर आधार, 10वीं/12वीं/ग्रेजुएशन इत्यादि की अंकतालिका स्व-प्रमाणीकरण के द्वारा उपलब्ध हो जाती है। इसमें दस्तावेज जिस अथॉरिटी (प्राधिकारी) द्वारा जारी किया गया है। वहीं से प्रमाणित होकर डिजी लॉकर में उपलब्ध होता है। ऐसे में उस दस्तावेज को पुनः सत्यापित किये जाने की आवश्यकता नहीं रहती है एवं दस्तावेज सत्यापन में समय भी कम लगता है। इलेक्ट्रानिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा राजस्थान लोक सेवा आयोग को भी डिजीलॉकर के लिए ऑनबोर्ड किया गया है। यह भारत सरकार का एप्लीकेशन है, जो कि पूर्णतया सुरक्षित एवं संरक्षित है।
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भर्ती प्रक्रिया को गति देने के लिए अवश्य बनाएं डिजीलॉकर अकाउंट
दस्तावेज सत्यापन की यह प्रक्रिया फर्जी डिग्री और प्रमाण पत्रों पर लगाम लगाने में भी प्रभावी सिद्ध हो सकेगी। इसके माध्यम से अभ्यर्थी की सही पहचान तथा दस्तावेजों की प्रामाणिकता पर रहने वाले संशय को भी दूर किया जा सकेगा, जिससे पात्र अभ्यर्थियों का चयन सुनिश्चित होने में मदद मिलेगी। इसके अतिरिक्त अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन ऑनलाइन स्वतः प्रमाणीकरण के आधार पर उपलब्ध होने से इस प्रक्रिया में लगने वाले अनावश्यक समय में कमी होगी एवं भर्ती प्रक्रिया त्वरित गति से पूर्ण की जा सकेगी। निकट भविष्य में अभ्यर्थियों की वन टाइम रजिस्ट्रेशन संबंधी एप्लीकेशन आईडी/एडमिट कार्ड इत्यादि से संबंधित सूचनायें भी डिजीलॉकर से इंटीग्रेट कर सुगमता से उपलब्ध करवाई जा सकेंगी।
डिजीलॉकर की उपयोगिता के दृष्टिगत भर्ती परीक्षाओं हेतु आवेदन करने वाले समस्त अभ्यर्थियों को डिजी लॉकर पर अकाउंट अवश्य बनाना चाहिए। इसके बाद अपने अकाउंट में स्वयं के दस्तावेज यथा- 10वीं/12वीं/ग्रेजुएशन/पोस्ट ग्रेजुएशन की अंकतालिका को ऑनलाइन ही फेच कराएं। एक बार फेच होने के उपरांत यह दस्तावेज अभ्यर्थी के डिजीलॉकर में संधारित रहेंगे, जिनका उपयोग अभ्यर्थी द्वारा भी आवश्यकता पड़ने पर आसानी से किया जा सकेगा।