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Ajmer: बढ़ती बीमारियों को लेकर चिकित्सा विभाग एक्टिव मोड में, सार्वजनिक स्थानों पर कराई एंटी लारवा एक्टिविटी
Mon, 21 Oct 2024 04:30 PM IST
अजमेर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
Published by: अजमेर ब्यूरो
Updated Mon, 21 Oct 2024 04:30 PM IST
सार
डेंगू सहित अन्य मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए अजमेर चिकित्सा विभाग एक्टिव मोड में दिखाई दे रहा है। अजमेर सीएमएचओ ज्योत्सना रंगारंग के निर्देश पर सार्वजनिक स्थानों पर एंटी लारवा एक्टिविटी की जा रही है।
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चिकित्सा विभाग के कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
डेंगू सहित अन्य मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए अजमेर चिकित्सा विभाग एक्टिव मोड में दिखाई दे रहा है। अजमेर सीएमएचओ ज्योत्सना रंगारंग के निर्देश पर सार्वजनिक स्थानों पर एंटी लारवा एक्टिविटी की जा रही है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अजमेर के राजकीय शहरी डिस्पेंसरी कस्तूरबा द्वारा क्लॉक टावर थाने, नगर निगम एवं रेलवे स्टेशन में एंटी लारवा एक्टिविटी कराई गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर ज्योत्सना रंगा ने बताया कि मच्छर जनित बीमारियों को रोकने हेतु चिकित्सा विभाग द्वारा सभी सरकारी कार्यालय एवं सार्वजनिक स्थानों पर एंटी लारवा एक्टिविटी कराई जा रही है। इसी क्रम में आज रेलवे स्टेशन, क्लॉक टावर थाना व नगर निगम में सभी जगह एंटी लारवा एक्टिविटी व एंटी एडल्ट एक्टिविटी कराई गई।
सभी परिसर में पानी की टंकियों में वह अन्य ऐसी जगह जहां पानी जमा रहता है, उसमें टेमीफोस केमिकल डाला गया एवं सभी कमरों में मच्छर मारने वाली दवा का स्प्रे किया गया। उन्होंने बताया कि नगर निगम में 60 से अधिक कमरों में मच्छर मारने की दवा का स्प्रे किया गया।
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वह सभी पानी की टंकियां में टेमीफोस दवा डाली गई, ताकि मच्छर के लार्वा को मारा जा सके एवं मच्छर मारने की दवा से एडल्ट मच्छर को खत्म किया जा सके। उन्होंने बताया कि इस मौसम में मच्छर अधिक रहते हैं, इसलिए सावधानियां बरतनी चाहिए, ताकि मच्छर जनित बीमारियों से बचा जा सके। जैसे पूरी आस्तीन के कपड़े पहनना चाहिए ।
मच्छर मारने वाली दवा का इस्तेमाल घरों में भी किया जाना चाहिए एवं छोटे बच्चों को ढक कर सुनाएं एवं पूरी आस्तीन के कपड़े पहनाए। उन्होंने बताया कि डेंगू एक वायरस रोग है जोकि मच्छर के काटने से होता है। यह मच्छर साफ पानी में पनपता है। उन्होंने बताया कि यह मच्छर नम व अंधेरी जगह पर अधिक पाया जाता है।
डेंगू के लक्षण
तेज बुखार (104°F या उससे अधिक) सिरदर्द और आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द (इसे हड्डीतोड़ बुखार भी कहा जाता है) त्वचा पर लाल चकत्ते जो बुखार के दो-तीन दिन बाद उभर सकते हैं। थकान और कमजोरी, मतली और उल्टी कुछ मामलों में, डेंगू गंभीर रूप भी ले सकता है, जिसे डेंगू हेमोरेजिक फीवर (DHF) कहा जाता है। इसके लक्षणों में नाक या मसूड़ों से खून आना, पेट में तेज दर्द, उल्टी में खून आना और रक्तचाप में गिरावट शामिल हैं। यह स्थिति जीवन के लिए खतरनाक हो सकती है और इसे तुरंत चिकित्सा की आवश्यकता होती है।
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चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अजमेर के राजकीय शहरी डिस्पेंसरी कस्तूरबा द्वारा क्लॉक टावर थाने, नगर निगम एवं रेलवे स्टेशन में एंटी लारवा एक्टिविटी कराई गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर ज्योत्सना रंगा ने बताया कि मच्छर जनित बीमारियों को रोकने हेतु चिकित्सा विभाग द्वारा सभी सरकारी कार्यालय एवं सार्वजनिक स्थानों पर एंटी लारवा एक्टिविटी कराई जा रही है। इसी क्रम में आज रेलवे स्टेशन, क्लॉक टावर थाना व नगर निगम में सभी जगह एंटी लारवा एक्टिविटी व एंटी एडल्ट एक्टिविटी कराई गई।
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सभी परिसर में पानी की टंकियों में वह अन्य ऐसी जगह जहां पानी जमा रहता है, उसमें टेमीफोस केमिकल डाला गया एवं सभी कमरों में मच्छर मारने वाली दवा का स्प्रे किया गया। उन्होंने बताया कि नगर निगम में 60 से अधिक कमरों में मच्छर मारने की दवा का स्प्रे किया गया।
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वह सभी पानी की टंकियां में टेमीफोस दवा डाली गई, ताकि मच्छर के लार्वा को मारा जा सके एवं मच्छर मारने की दवा से एडल्ट मच्छर को खत्म किया जा सके। उन्होंने बताया कि इस मौसम में मच्छर अधिक रहते हैं, इसलिए सावधानियां बरतनी चाहिए, ताकि मच्छर जनित बीमारियों से बचा जा सके। जैसे पूरी आस्तीन के कपड़े पहनना चाहिए ।
मच्छर मारने वाली दवा का इस्तेमाल घरों में भी किया जाना चाहिए एवं छोटे बच्चों को ढक कर सुनाएं एवं पूरी आस्तीन के कपड़े पहनाए। उन्होंने बताया कि डेंगू एक वायरस रोग है जोकि मच्छर के काटने से होता है। यह मच्छर साफ पानी में पनपता है। उन्होंने बताया कि यह मच्छर नम व अंधेरी जगह पर अधिक पाया जाता है।
डेंगू के लक्षण
तेज बुखार (104°F या उससे अधिक) सिरदर्द और आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द (इसे हड्डीतोड़ बुखार भी कहा जाता है) त्वचा पर लाल चकत्ते जो बुखार के दो-तीन दिन बाद उभर सकते हैं। थकान और कमजोरी, मतली और उल्टी कुछ मामलों में, डेंगू गंभीर रूप भी ले सकता है, जिसे डेंगू हेमोरेजिक फीवर (DHF) कहा जाता है। इसके लक्षणों में नाक या मसूड़ों से खून आना, पेट में तेज दर्द, उल्टी में खून आना और रक्तचाप में गिरावट शामिल हैं। यह स्थिति जीवन के लिए खतरनाक हो सकती है और इसे तुरंत चिकित्सा की आवश्यकता होती है।