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Ajmer News: वीसी के नाम पर ढाई करोड़ की ठगी, पति-पत्नी और देवर गिरफ्तार; इस तरह हुआ खुलासा
Thu, 27 Feb 2025 09:13 PM IST
अजमेर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
Published by: अजमेर ब्यूरो
Updated Thu, 27 Feb 2025 09:13 PM IST
सार
थानाधिकारी वीरेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि परिवादी मोहन बंजारा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके मोहल्ले के कमलेश बंजारा ने वर्ष 2022 में वीसी योजना शुरू की थी, जिसमें हर माह 4000 रुपये जमा करने का नियम था। इस योजना में 100 से 150 लोग शामिल थे, जो नियमित रूप से पैसा जमा कर रहे थे।
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पुलिस गिरफ्त में ठगी के आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वीसी के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये निवेश करवाकर करीब ढाई करोड़ की ठगी करने वाले पति-पत्नी और देवर को अजमेर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मामला क्लॉक टॉवर थाना क्षेत्र का है, जहां शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को धर दबोचा।
इस तरह हुआ खुलासा
थानाधिकारी वीरेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि परिवादी मोहन बंजारा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके मोहल्ले के कमलेश बंजारा ने वर्ष 2022 में वीसी योजना शुरू की थी, जिसमें हर माह 4000 रुपये जमा करने का नियम था। इस योजना में 100 से 150 लोग शामिल थे, जो नियमित रूप से पैसा जमा कर रहे थे। यह वीसी योजना 2024 तक चलनी थी, लेकिन मियाद पूरी होने के बाद भी किसी भी निवेशक को पैसा वापस नहीं मिला।
लगातार टालमटोल के बाद जब निवेशकों ने कमलेश से पैसे मांगे, तो उसने आश्वासन देकर मामला टाल दिया। कुछ दिन पहले वह फरार हो गया और उसका फोन भी बंद हो गया। परेशान निवेशकों ने जब उसके घर जाकर पूछताछ की, तो परिवार ने पैसे वापस करने से इनकार कर दिया। इसके बाद सभी निवेशकों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
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तीनों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा के निर्देशन में इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने गहन जांच और सूचना संकलन के आधार पर मुख्य आरोपी कमलेश बंजारा, उसकी पत्नी सपना और उसके भाई कुलदीप को गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपी अजमेर जिले के क्लॉक टॉवर थाना क्षेत्र के बंजारा बस्ती तोपदड़ा के रहने वाले हैं।
विशेष टीम ने की कार्रवाई
आरोपियों को पकड़ने के लिए जिला पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर हिमांशु जांगिड़, वृत्ताधिकारी ओम प्रकाश सरावग, थानाधिकारी वीरेन्द्र सिंह शेखावत, एसआई भरत सिंह, कांस्टेबल बल्लभराम और कांस्टेबल मन्जू शामिल थे। पुलिस ने बताया कि मामले की गहनता से जांच जारी है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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इस तरह हुआ खुलासा
थानाधिकारी वीरेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि परिवादी मोहन बंजारा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके मोहल्ले के कमलेश बंजारा ने वर्ष 2022 में वीसी योजना शुरू की थी, जिसमें हर माह 4000 रुपये जमा करने का नियम था। इस योजना में 100 से 150 लोग शामिल थे, जो नियमित रूप से पैसा जमा कर रहे थे। यह वीसी योजना 2024 तक चलनी थी, लेकिन मियाद पूरी होने के बाद भी किसी भी निवेशक को पैसा वापस नहीं मिला।
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लगातार टालमटोल के बाद जब निवेशकों ने कमलेश से पैसे मांगे, तो उसने आश्वासन देकर मामला टाल दिया। कुछ दिन पहले वह फरार हो गया और उसका फोन भी बंद हो गया। परेशान निवेशकों ने जब उसके घर जाकर पूछताछ की, तो परिवार ने पैसे वापस करने से इनकार कर दिया। इसके बाद सभी निवेशकों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
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तीनों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा के निर्देशन में इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने गहन जांच और सूचना संकलन के आधार पर मुख्य आरोपी कमलेश बंजारा, उसकी पत्नी सपना और उसके भाई कुलदीप को गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपी अजमेर जिले के क्लॉक टॉवर थाना क्षेत्र के बंजारा बस्ती तोपदड़ा के रहने वाले हैं।
विशेष टीम ने की कार्रवाई
आरोपियों को पकड़ने के लिए जिला पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर हिमांशु जांगिड़, वृत्ताधिकारी ओम प्रकाश सरावग, थानाधिकारी वीरेन्द्र सिंह शेखावत, एसआई भरत सिंह, कांस्टेबल बल्लभराम और कांस्टेबल मन्जू शामिल थे। पुलिस ने बताया कि मामले की गहनता से जांच जारी है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।