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Ajmer News : विष्णु गुप्ता ने पीएमओ को पत्र भेजा, अजमेर दरगाह में चादर भेजने की परंपरा स्थगित करने का अनुरोध
Mon, 23 Dec 2024 07:56 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Mon, 23 Dec 2024 07:56 PM IST
सार
अजमेर स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में शिव मंदिर होने का दावा कर वाद दायर करने वाले हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पीएमओ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पत्र भेजकर मामले का निपटारा होने तक दरगाह में चादर भेजने की परंपरा को स्थगित करने का आग्रह किया है।
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हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने पीएम कार्यालय सचिव को पत्र लिखकर पंडित जवाहरलाल नेहरू के समय से दरगाह में चादर भेजने के सिलसिले को खत्म करने की मांग की है। गुप्ता ने पत्र में लिखा कि अयोध्या में रामजन्म भूमि का मामला कोर्ट में विचाराधीन होने तक बतौर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या नहीं गए थे। ऐसे में दरगाह वाद प्रकरण भी कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए पीएमओ से उर्स में भेजी जाने वाली चादर की प्रथा को भी स्थगित किया जाना चाहिए। इस संबंध उन्होंने सोमवार को वीडियो के जरिए अपना बयान भी जारी किया।
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प्रधानमंत्री लिखे अपने पत्र में विष्णु गुप्ता ने कहा कि मैं संकटमोचन महादेव मंदिर बनाम अजमेर दरगाह ख्वाजा साहब मामले में याचिकाकर्ता हूं और मामला अजमेर पश्चिम जिला न्यायालय में विचाराधीन है। इस याचिका में मैंने चौहान वंश द्वारा निर्मित एक प्राचीन हिंदू शिव मंदिर की उपस्थिति के पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं और मैंने प्राचीन हिंदू मंदिर की उपस्थिति का पता लगाने के लिए आगे के भौतिक साक्ष्य के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के विशेषज्ञों द्वारा विवादित अजमेर दरगाह शरीफ परिसर का वैज्ञानिक सर्वेक्षण करने के लिए एक आवेदन भी दायर किया है और यह मामला आगे की सुनवाई के लिए लंबित है।
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पत्र में गुप्ता ने बताया है कि उनके शोध में यह पाया गया है कि खिलजी वंश के इस्लामी कट्टरपंथियों ने न सिर्फ बिहार के नालंदा विश्वविद्यालय को नष्ट किया, बल्कि अजमेर में स्थित इस शिव मंदिर को भी अपवित्र किया और इसके स्थान पर अजमेर दरगाह का निर्माण किया। उन्होंने यह भी बताया कि पंडित जवाहरलाल नेहरू के समय से प्रधानमंत्री कार्यालय दरगाह में चादर भेजने की परंपरा चला रहा है, जो अब तक जारी है।
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विष्णु गुप्ता ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि वे भारतीय संविधान में निर्धारित समानता के अधिकार का पालन करते हुए इस मामले में हस्तक्षेप करें और चादर भेजने की इस प्रथा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दें।
गौरतलब है कि यह मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है और 24 जनवरी को इसकी अगली सुनवाई होने वाली है। इस मामले के राजनीतिक और धार्मिक दृष्टिकोण से अधिक महत्व के कारण कई नेताओं और दलों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।