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राजस्थान: कर्ज चुकाने के लिए की टैक्सी चालक की हत्या, गाजियाबाद से दो सगे भाइयों को गिरफ्तार कर लाई पुलिस
Mon, 28 Sep 2026 06:30 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Mon, 28 Sep 2026 06:30 PM IST
सार
अजमेर के गेगल थाना क्षेत्र में टैक्सी चालक श्रीकांत तिवारी की हत्या के मामले में पुलिस ने गाजियाबाद से दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, कर्ज चुकाने के लिए दोनों ने कार लूटने की साजिश रची और हत्या के बाद वारदात को हादसे का रूप देने की कोशिश की।
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अजमेर के गेगल थाना पुलिस ने टैक्सी चालक की हत्या मामले में गाजियाबाद से दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपना कर्ज चुकाने के लिए कार लूटने की नीयत से इस वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि 21 सितंबर की सुबह गगवाना पुलिया के पास लावारिस कार खड़ी मिलने की सूचना मिली थी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट को बुलवाकर वाहन व घटनास्थल की गहनता से जांच करवाई।
कार से मिला था चालक का पहचान पत्र
पुलिस को घटनास्थल पर खड़ी कार की पिछली सीट पर एक व्यक्ति का शव मिला था। कार की तलाशी लेने पर मृतक का पहचान पत्र बरामद हुआ, जिससे उसकी पहचान उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के दिबियापुर निवासी श्रीकांत तिवारी के रूप में हुई। परिजनों से संपर्क करने पर पता चला कि श्रीकांत टैक्सी चलाने का काम करता था। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीमों ने घटनास्थल के आसपास और मार्ग में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के विश्लेषण से संदिग्धों की पहचान संभव हो सकी। इसके बाद पुलिस ने दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में अलग-अलग टीमें भेजीं।
तीन दिन तक निगरानी के बाद गिरफ्तारी
पुलिस टीमों ने तीन दिन तक दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में रहकर संदिग्धों के स्थानीय संपर्कों और उनकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी। पुख्ता जानकारी जुटाने के बाद अजमेर पुलिस ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से खोड़ा (गाजियाबाद) में दबिश दी। पुलिस ने वहां से अजय सिंह के दो बेटों कौशल सिंह और सूरज सिंह को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने हत्या की बात स्वीकार कर ली। आरोपी सूरज सिंह पर भारी कर्ज था, जिसे चुकाने के लिए उसने बड़े भाई कौशल सिंह के साथ मिलकर लूट की यह साजिश रची थी।
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दुर्घटना का रूप देने की कोशिश
आरोपियों ने नोएडा से गुजरात के वडोदरा तक जाने के लिए सस्ती कीमत पर अर्टिगा टैक्सी बुक की थी। उनकी योजना कार को लूटकर गुजरात के अंकलेश्वर में बेचने की थी। हालांकि वडोदरा जाते समय टैक्सी चालक के लगातार सतर्क रहने के कारण आरोपियों को मौका नहीं मिल सका। इसके बाद आरोपियों ने फिर से उसी टैक्सी को वापस नोएडा के लिए बुक कर लिया। रास्ते में मौका मिलते ही दोनों भाइयों ने चालक श्रीकांत के साथ मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या को हादसे का रूप देने के लिए आरोपियों ने कार को सड़क किनारे खड़ी एक पिकअप से टकरा दिया और वाहन को क्षतिग्रस्त करके मौके से फरार हो गए।
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कार से मिला था चालक का पहचान पत्र
पुलिस को घटनास्थल पर खड़ी कार की पिछली सीट पर एक व्यक्ति का शव मिला था। कार की तलाशी लेने पर मृतक का पहचान पत्र बरामद हुआ, जिससे उसकी पहचान उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के दिबियापुर निवासी श्रीकांत तिवारी के रूप में हुई। परिजनों से संपर्क करने पर पता चला कि श्रीकांत टैक्सी चलाने का काम करता था। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीमों ने घटनास्थल के आसपास और मार्ग में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के विश्लेषण से संदिग्धों की पहचान संभव हो सकी। इसके बाद पुलिस ने दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में अलग-अलग टीमें भेजीं।
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तीन दिन तक निगरानी के बाद गिरफ्तारी
पुलिस टीमों ने तीन दिन तक दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में रहकर संदिग्धों के स्थानीय संपर्कों और उनकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी। पुख्ता जानकारी जुटाने के बाद अजमेर पुलिस ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से खोड़ा (गाजियाबाद) में दबिश दी। पुलिस ने वहां से अजय सिंह के दो बेटों कौशल सिंह और सूरज सिंह को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने हत्या की बात स्वीकार कर ली। आरोपी सूरज सिंह पर भारी कर्ज था, जिसे चुकाने के लिए उसने बड़े भाई कौशल सिंह के साथ मिलकर लूट की यह साजिश रची थी।
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दुर्घटना का रूप देने की कोशिश
आरोपियों ने नोएडा से गुजरात के वडोदरा तक जाने के लिए सस्ती कीमत पर अर्टिगा टैक्सी बुक की थी। उनकी योजना कार को लूटकर गुजरात के अंकलेश्वर में बेचने की थी। हालांकि वडोदरा जाते समय टैक्सी चालक के लगातार सतर्क रहने के कारण आरोपियों को मौका नहीं मिल सका। इसके बाद आरोपियों ने फिर से उसी टैक्सी को वापस नोएडा के लिए बुक कर लिया। रास्ते में मौका मिलते ही दोनों भाइयों ने चालक श्रीकांत के साथ मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या को हादसे का रूप देने के लिए आरोपियों ने कार को सड़क किनारे खड़ी एक पिकअप से टकरा दिया और वाहन को क्षतिग्रस्त करके मौके से फरार हो गए।