Agnipath Scheme Protest: राजस्थान में जयपुर-दिल्ली नेशनल हाईवे जाम, सात जिलों में पत्थरबाजी और तोड़फोड़
अग्निपथ योजना पर युवाओं की नाराजगी को देखते हुए सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया है। भीड़ जुटने की सूचना पर पुलिस तुरंत एक्शन ले रही है। सोशल मीडिया पर होने वाले भड़काऊ पोस्ट पर भी प्रशासन पैनी नजर बनाए हुए है।
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राजस्थान में केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना को लेकर विरोध जारी है। जयपुर से शुरू हुआ विरोध खत्म होने की बजाय दिन व दिन बढ़ता ही जा रहा है। प्रदेश के कई जिलों में युवाओं की भीड़ योजना का कड़ा विरोध कर रही है। इस दौरान तोड़फोड़, छुटपुट आगजनी, पथराव और पुलिस से झड़क की खबरें भी सामने आ रही हैं। प्रदेश के जयपुर, जोधपुर, अजमेर, अलवर, झुंझुनूं, सीकर और श्रीगंगानगर सहित सात जिलों में प्रदर्शन हो रहे हैं।
अग्निपथ योजना पर युवाओं की नाराजगी को देखते हुए सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया है। भीड़ जुटने की सूचना पर पुलिस तुरंत एक्शन ले रही है। उधर, सोशल मीडिया पर होने वाले भड़काऊ पोस्ट पर भी प्रशासन पैनी नजर बनाए हुए है। इसके बाद भी कई जिलों से युवाओं के कड़े विरोध की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
जयपुर-दिल्ली नेशनल हाईवे पर पथराव
शनिवार को अग्निपथ योजना के विरोध की शुरुआत प्रदेश के अलवर से हुई। जिले के बहरोड़ में आर्मी भर्ती की तैयारी कर रहे सैकड़ों युवाओं ने जयपुर-दिल्ली नेशनल हाईवे जाम कर दिया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास किया तो उन्होंने पत्थरबाजी कर दी। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी एक दूसरे से भिड़ गए। युवाओं के विरोध को देखते हुए हाईवे पर बड़ी संख्या में पुलिस जवानों को तैनात किया गया है। विरोध के कारण हाईवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिसके बाद पुलिसकर्मियों प्रदर्शनकारियों को खदेड़कर ने खुलवाया। इधर, झुंझुनूं के चिड़ावा कस्बे में भी विरोध देखने को मिला। यहां छात्रों ने सड़क जाम करने का प्रयास किया। साथ ही रेलवे ट्रैक को भी जाम करने की कोशिश की गई। इस दौरान छात्रों से पुलिस की झड़प भी हुई।
जयपुर और जोधपुर में भी कड़ा विरोध
अग्निपथ योजना के एलान के बाद से ही जयपुर में इसका विरोध देखने को मिल रहा है। शनिवार को शहर के सांगानेर में छात्रों ने केंद्र सरकार के विरोध में रैली निकाली और जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेता पुष्पेंद्र भारद्वाज ने इन युवाओं को अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा, 4 साल की ठेके की नौकरी देने से देश के युवाओं का भविष्य अंधकार में है। उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल किया कि चार साल नौकरी करने के बाद क्या यह युवा अडानी-अंबानी के गोदामों की चौकीदारी करेंगे? इस तरह की ठेका प्रथा से युवाओं का भविष्य खतरे में है। केंद्र सरकार इस योजना को वापस ले। उधर, प्रदेश के जोधपुर जिले में भी युवाओं ने योजना का विरोध किया। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया है।
केंद्र सरकार की योजना को लेकर श्रीगंगानगर और सीकर में भी युवाओं का विरोध देखने को मिला। यहां विरोध प्रदर्शन करने आए युवाओं को पुलिस ने जाम लगाने से पहले ही खदेड़ दिया। विरोध को देखते हुए दोनों ही जिलों की पुलिस अलर्ट पर है।
युवाओं की मांग, योजना वापस ले केंद्र सरकार
अग्निपथ योजना के विरोध में प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने कहा, केंद्र सरकार की यह योजना देश के युवाओं के हित में नहीं हैं। सरकार जल्द से जल्द इसे वापस लेने का एलान करे, नहीं तो उग्र आंदोलन किया किया जाएगा। इसके बाद जो भी होगा वह सरकार की जिम्मेदारी होगी।
अग्निपथ योजना का विरोध अजमेर में भी देखने को मिला। किशनगढ़ के अजमेर रोड़ तिलक नगर पुलिया क्षेत्र में छात्रों की भीड़ प्रदर्शन करने पहुंची। इस दौरान उन्होंने जाम लगाने का प्रयास किया तो पुलिस ने समझाइश देकर शांत करा दिया। कुछ देर बाद युवाओं की भीड़ हरमाड़ा चौराहे पर पहुंची। यहां पहले से तैनात पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा और अशांति फैला रहे युवाओं को हिरासत में भी लिया।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने योजना के विरोध में प्रदर्शन कर रहे युवाओं से अपील करते हुए कहा था कि वे हिंसा का रास्ता न अपनाएं, लेकिन उनकी यह अपील काम नहीं आ रही है। युवा प्रदर्शनकारी सड़क पर जाम लगाकर तोड़-फोड़ भी कर रहे हैं। साथ ही गहलोत ने यह भी कहा था कि राजस्थान के हजारों युवा देशसेवा के लिए सेना में भर्ती होते हैं। अग्निपथ योजना से राजस्थान समेत पूरे देश के लाखों युवाओं में रोष और नाराजगी है। देशभर में हो रहे विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए केंद्र सरकार को यह योजना वापस लेनी चाहिए।