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शिकायत नहीं करतीं 97 प्रतिशत महिलाएं

Sat, 19 Jul 2014 07:56 AM IST
Updated Sat, 19 Jul 2014 07:56 AM IST
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97 percent female do not tell about teasing
जयपुर शहर की महिलाओं के लिए लो-फ्लोर बसों, मिनी बसों या टेम्पो का सफर कई तरह की अनचाही घटनाओं से गुजरनेवाला होता है। शहर की सड़कों पर सफर करनेवाली ये महिलाएं या छात्राएं बुरी नजर, छेड़छाड़ और अभद्रता का शिकार होती हैं। खास बात यह है कि इनमें से 97 प्रतिशत महिलाएं शिकायत ही नहीं करती।
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पुलिस व एनजीओ की ओर से सर्वे

97 percent female do not tell about teasing
ट्रैफिक पुलिस और पीपुल्स ट्रस्ट एनजीओ के सर्वे में ये सब सामने आया है। महिलाओं व छात्राओं को सीट की परेशानी से लेकर सहयात्री की गंदी नजर तक का सामना करना पड़ता है। डीसीपी ट्रैफिक लवली कटियार ने बताया कि दिल्ली के एजीओ जागोरी से ट्रेनिंग पर आए पीपुल्स ट्रस्ट के वॉलंटियर्स ने ट्रैफिक पुलिस की 12 महिला कांस्टेबल को ट्रेनिंग दी। एनजीओ ने सर्वे फार्म बनाया और सर्वे के लिए मिनी बस के तीन रूट चुने। टीम ने महिलाओं और छात्राओं से नाम का जिक्र किए बिना फार्म भरवाए।
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19 प्वाइंट सबसे असुरक्षित

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सर्वे मेें शहर के मिनी बस रूट - 29 (कूकस से भांकरोटा), मिनी बस रूट - 11 (दादी का फाटक से सीतापुरा) तथा मिनी बस रूट - 17 (संजय नगर, भट्टा बस्ती से ज्ञान विहार विवि) को शामिल किया गया। इन रूटों पर 19 स्थान महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित पाए गए। वे हैं - सुभाष चौक, चांदपोल, सांगानेरी गेट, महारानी कॉलेज, सहकार भवन, सोढाला, डीसीएम, भांकरोटा, भट्टा बस्ती, गवर्नमेंट हॉस्टल चौराहा, स्टेच्यू सर्किल, कानोडिया कॉलेज, जगतपुरा क्षेत्र, दादी का फाटक, मुरलीपुरा स्कीम, गुर्जर की थड़ी, थड़ी मार्केट (मानसरोवर), कुंभा मार्ग (प्रताप नगर), इण्डिया गेट (प्रताप नगर)।
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महिलाओं को परेशान करनेवाले कारण

97 percent female do not tell about teasing
- बस स्टॉप और उसके आस-पास प्रभावी रोशनी का अभाव।
- सर्वजनिक स्थान और बस स्टॉप पर फुटपाथ की कमी।
- कई स्थानों पर बस शेल्टर की कमी।
- बस शेल्टर में सुरक्षा की कमी और डिजाइन पारदर्शी होना।
- बस स्टॉप और शेल्टर के आस-पास शराब की दुकानें होना।
- बस स्टॉप और आस-पास सार्वजनिक शौचालय का अभाव।
- शाम को नियमित बस की व्यवस्था न होना।
- बस स्टॉप पर पुलिस की उपस्थिति न होना।

अब महिला सुरक्षा की ट्रेनिंग

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जयपुर पुलिस कमिश्नर जंगा श्रीनिवास ने बताया कि सभी रूट की मिनी और लो-फ्लोर बसों के ड्राइवर-कंडक्टर को महिला सुरक्षा के बारे में ट्रेनिंग दी जाएगी। बस और ऑटो में महिला हेल्पलाइन 1090 नम्बर लिखाया जाएगा। बस स्टॉप पर पुलिस की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा दूसरे जिम्मेदार विभागों को भी जानकारी दी गई है।
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