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हादसा: खेल-खेल में 90 फीट गहरे बोरवेल में गिरा 4 साल का बच्चा, 18 घंटे बाद देसी जुगाड़ से निकाला बाहर
Fri, 07 May 2021 03:46 PM IST
Tanuja Yadav
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौर
Published by: Tanuja Yadav
Updated Fri, 07 May 2021 03:46 PM IST
सार
राजस्थान के जालौर में एक चार साल का मासूम बच्चा बोरवेल में गिर गया। गांधीनगर, अजमेर और वडोदरा से एनडीआरएफ की टीम बुलाने के बाद भी बच्चे को निकाला नहीं जा सका। इसके बाद देशी जुगाड़ से 18 घंटे बाद बच्चे को बाहर निकाला गया।
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राजस्थान में 90 फीट बोरवेल में गिरा चार का बच्चा
- फोटो : ANI
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विस्तार
राजस्थान के जालौर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जालौर के लाछड़ी गांव में एक चार साल का बच्चा बोरवेल में गिर गया, जो 90 फीट गहरा था। बच्चे के गिरने की खबर जैसे ही मिली, तुरंत आसपास के लोग वहां जुट गए और बच्चे को बचाने में लग गए। वहीं जिला आपदा प्रबंधन टीम भी मौके पर पहुंच गई।
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हालांकि 18 घंटे मशक्कत के बाद चार साल के मासूम को बचा लिया गया। जानकारी के मुताबिक ये घटना लाछड़ी गांव के नगाराम देवासी के एक खेत की है, जहां हाल ही में नया बोरवेल खुदवाया गया था। इस बोरवेल को ऊपर से कवर किया हुआ था। यह घटना गुरुवार की है। जब नगाराम का चार साल का बच्चा अनिल खेलते हुए बोरवेल में गिर गया।
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#UPDATE | Rajasthan: The four-year-old boy who fell into a nearly 95-feet-deep open borewell in a village in Jalore has been rescued. pic.twitter.com/UEak9keBEN
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) May 7, 2021
इस दौरान एक व्यक्ति ने उसे गिरते हुए देख लिया था लेकिन जब तक शख्स वहां पहुंचा बच्चा गिर चुका था। इसके बाद प्रशासन ने तुरंत ने एक ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था की और पाइप के माध्यम से ऑक्सीजन छोड़ना शुरू कर दिया। प्रशासन के पास संसाधन की कमी थी, जिस वजह से बच्चे को निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसके बाद गुजरात के गांधीनगर से एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया।
बचाव दल के पहुंचते ही बच्चे को बाहर निकालने का काम शुरू किया गया लेकिन बच्चा बाहर नहीं निकल सका। इसके बाद अजमेर, गांधीनगर, वडोदरा के बचाव दल को बुलाया गया लेकिन उससे भी मदद नहीं मिल पाई। लेकिन इसके बाद देशी जुगाड़ से ही बच्चा बाहर निकाला गया। इस काम में कम से कम 18 घंटे का समय लगा। बच्चे को बाहर निकालने के बाद सांचौर शहर के निजी अस्पताल में भर्ती किया गया और बच्चे का इलाज जारी है।