{"_id":"6782be3097876d68f8093f04","slug":"will-the-issue-get-stuck-again-there-is-a-dispute-among-the-farmer-groups-regarding-the-meeting-patiala-news-c-284-1-ptl1001-6765-2025-01-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Patiala News: क्या अब फिर फंसेगा पेंच, किसान जत्थेबंदियों में मीटिंग को लेकर रार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Patiala News: क्या अब फिर फंसेगा पेंच, किसान जत्थेबंदियों में मीटिंग को लेकर रार
विज्ञापन
एसकेएम की ओर से 15 जनवरी को रखी बैठक में जाने से एसकेएम (गैर राजनीतिक) का इन्कार
-- -
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के किसान नेताओं की ओर से एकता के संकल्प के साथ खन्नौरी बाॅर्डर पर पहुंच कर जगजीत सिंह डल्लेवाल से मुलाकात करने के बाद ऐसा लग रहा था कि अब दोनों जत्थेबंदियां एक मंच पर इकट्ठा होकर इस आंदोलन को लड़ेंगी। लेकिन इसी बीच दोनों जत्थेबंदियों में मीटिंग को लेकर मतभेद पैदा हो गए हैं, जिससे एक बार फिर से पेंच फंसने की संभावना जताई जा रही है। दरअसल एसकेएम की ओर से शुक्रवार को खन्नौरी बार्डर पर अपनी फेरी के दौरान 15 जनवरी को पटियाला के गुरुद्वारा श्री दुखनिवारण साहिब में बैठक के न्योते की चिट्ठी दी गई थी। एसकेएम के किसान नेताओं के मुताबिक इस बैठक में दोनों जत्थेबंदियों के किसान नेताओं की ओर से विचार-चर्चा करके आपसी मतभेद दूर किए जाएंगे। साथ ही बार्डरों पर चल रहे आंदोलन को किस तरह से आगे ले जाया जाना है, इस पर विचार किया जाएगा। हालांकि शुक्रवार को ही एसकेएम (गैर राजनीतिक) के नेताओं ने कह दिया था कि यह समय बैठक करने का नहीं है। डल्लेवाल की हालत नाजुक है, इसलिए किसान नेता मोर्चा छोड़कर कहीं नहीं जा सकते हैं। इसी बीच शनिवार को एसकेएम गैर राजनीतिक के नेताओं अभिमन्यु कोहाड़, सुखजीत सिंह हरदोझंड़ा ने 15 जनवरी की बैठक को दरकिनार करके कह दिया कि रविवार या फिर सोमवार को सांझी बैठक हो, जो खन्नौरी मोर्चे पर होनी चाहिए। किसान नेताओं ने कहा कि इस संबंधी फोरम की तरफ से एसकेएम को भी पत्र लिखकर अपील की गई है। किसान नेताओं ने कहा कि बीते चार दिनों में डल्लेवाल की हालत ज्यादा खराब हुई है। हालात इमरजेंसी जैसे बने हुए हैं और ऐसे में कोई भी किसान नेता मोर्चे को छोड़कर कहीं भी जा नहीं सकता है। कहा कि यह समय डल्लेवाल की सेहत की तरफ ध्यान देने और किसानों की मांगें मनवाने का है। इसलिए उनकी तरफ से अपील है कि एसकेएम के किसान नेता ही खन्नौरी बार्डर पर पहुंचें और फिर बैठक कर ली जाएगी।
हमने दोस्ती का हाथ बढ़ाया: रमिंदर सिंह
इस संबंधी बात करने पर एसकेएम के वरिष्ठ किसान नेता रमिंदर सिंह पटियाला ने कहा कि एसकेएम ने अपनी तरफ से दोस्ती का हाथ बढ़ा दिया है, अब यह उन पर है कि वह किस स्नेह के साथ इसे थामते हैं। रमिंदर सिंह ने कहा कि शुक्रवार को ही एसकेएम (गैर राजनीतिक) व किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा ने साफ कर दिया था कि वह 15 जनवरी की बैठक में हिस्सा लेने के इच्छुक नहीं हैं। अब बैठक रविवार या सोमवार को खन्नौरी बार्डर पर करने संबंधी एसकेएम को अगर पत्र लिखा गया है, तो इस पर विचार करके आगे का फैसला लिया जाएगा।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के किसान नेताओं की ओर से एकता के संकल्प के साथ खन्नौरी बाॅर्डर पर पहुंच कर जगजीत सिंह डल्लेवाल से मुलाकात करने के बाद ऐसा लग रहा था कि अब दोनों जत्थेबंदियां एक मंच पर इकट्ठा होकर इस आंदोलन को लड़ेंगी। लेकिन इसी बीच दोनों जत्थेबंदियों में मीटिंग को लेकर मतभेद पैदा हो गए हैं, जिससे एक बार फिर से पेंच फंसने की संभावना जताई जा रही है। दरअसल एसकेएम की ओर से शुक्रवार को खन्नौरी बार्डर पर अपनी फेरी के दौरान 15 जनवरी को पटियाला के गुरुद्वारा श्री दुखनिवारण साहिब में बैठक के न्योते की चिट्ठी दी गई थी। एसकेएम के किसान नेताओं के मुताबिक इस बैठक में दोनों जत्थेबंदियों के किसान नेताओं की ओर से विचार-चर्चा करके आपसी मतभेद दूर किए जाएंगे। साथ ही बार्डरों पर चल रहे आंदोलन को किस तरह से आगे ले जाया जाना है, इस पर विचार किया जाएगा। हालांकि शुक्रवार को ही एसकेएम (गैर राजनीतिक) के नेताओं ने कह दिया था कि यह समय बैठक करने का नहीं है। डल्लेवाल की हालत नाजुक है, इसलिए किसान नेता मोर्चा छोड़कर कहीं नहीं जा सकते हैं। इसी बीच शनिवार को एसकेएम गैर राजनीतिक के नेताओं अभिमन्यु कोहाड़, सुखजीत सिंह हरदोझंड़ा ने 15 जनवरी की बैठक को दरकिनार करके कह दिया कि रविवार या फिर सोमवार को सांझी बैठक हो, जो खन्नौरी मोर्चे पर होनी चाहिए। किसान नेताओं ने कहा कि इस संबंधी फोरम की तरफ से एसकेएम को भी पत्र लिखकर अपील की गई है। किसान नेताओं ने कहा कि बीते चार दिनों में डल्लेवाल की हालत ज्यादा खराब हुई है। हालात इमरजेंसी जैसे बने हुए हैं और ऐसे में कोई भी किसान नेता मोर्चे को छोड़कर कहीं भी जा नहीं सकता है। कहा कि यह समय डल्लेवाल की सेहत की तरफ ध्यान देने और किसानों की मांगें मनवाने का है। इसलिए उनकी तरफ से अपील है कि एसकेएम के किसान नेता ही खन्नौरी बार्डर पर पहुंचें और फिर बैठक कर ली जाएगी।
हमने दोस्ती का हाथ बढ़ाया: रमिंदर सिंह
इस संबंधी बात करने पर एसकेएम के वरिष्ठ किसान नेता रमिंदर सिंह पटियाला ने कहा कि एसकेएम ने अपनी तरफ से दोस्ती का हाथ बढ़ा दिया है, अब यह उन पर है कि वह किस स्नेह के साथ इसे थामते हैं। रमिंदर सिंह ने कहा कि शुक्रवार को ही एसकेएम (गैर राजनीतिक) व किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा ने साफ कर दिया था कि वह 15 जनवरी की बैठक में हिस्सा लेने के इच्छुक नहीं हैं। अब बैठक रविवार या सोमवार को खन्नौरी बार्डर पर करने संबंधी एसकेएम को अगर पत्र लिखा गया है, तो इस पर विचार करके आगे का फैसला लिया जाएगा।
विज्ञापन