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मंडियों में लिफ्टिंग की धीमी रफ्तार से गेहूं की आवक प्रभावित
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पटियाला। पंजाब सरकार के दावों के विपरीत मंडियों में गेहूं की लिफ्टिंग धीमी रफ्तार से हो रही है। इससे गेंहू की आवक प्रभावित हो रही है, जिससे किसान परेशान हो रहे हैं। इस समय मंडियों में बिके गेहूं के ढेर लगे हुए हैं।
जिला मंडी अधिकारी अजयपाल सिंह बराड़ का कहना है कि एकदम से मंडियों में काफी मात्रा में गेहूं आ गया है। इसकी वजह से लिफ्टिंग में समय लग रहा है। आंकड़ों के मुताबिक जिले की मंडियों में अब तक चार लाख 18 हजार 180 मीट्रिक टन गेहूं पहुंचा है। इसमें से तीन लाख 96 हजार 587 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। बड़ी बात यह है कि बिके गेहूं में से केवल एक लाख 88 हजार मीट्रिक टन की लिफ्टिंग हुई है। बाकी दो लाख 8 हजार 587 मीट्रिक टन गेहूं लिफ्टिंग के इंतजार में जिले की मंडियों में पड़ा है।
लिफ्टिंग के काम में तेजी लाई जाए
पटियाला मंडी पहुंचे किसान सतनाम सिंह का कहना है कि मंडी में इस समय काफी मात्रा में बिका हुआ गेहूं पड़ा है। इसके चलते शेडों के नीचे फसल रखने के लिए जगह मिलने में मुश्किल आ रही है। इसी तरह किसान गुरमीत सिंह ने कहा कि गेहूं की लिफ्टिंग होने पर शेड के नीचे फसल रखने की जगह मिली है। सरकार को चाहिए कि लिफ्टिंग के काम में तेजी लाई जाए।
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अब तक की निजी खरीद ने पिछले पूरे सीजन का रिकार्ड तोड़ा
अब तक हुई निजी खरीद ने पिछले पूरे सीजन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। आंकड़ों के मुताबिक जिले की मंडियों में पिछले पूरे सीजन में 270 मीट्रिक टन गेहूं की निजी खरीद हो सकी थी। इस बार 26 हजार 900 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। जहां सरकारी दाम 2015 रुपये प्रति क्विंटल है, वहीं निजी में किसानों को प्रति क्विंटल 5 से 10 रुपये अधिक दाम मिल रहा है। इनमे कुछ बड़े चक्की मालिक हैं, जो अब तक यूपी से गेहूं लाते थे, क्योंकि वहां पंजाब के मुकाबले सस्ता गेहूं मिलता था। अब सारे देश में गेहूं का एक सामान दाम होने और यातायात और लेबर महंगा होने के कारण यहीं से गेहूं खरीदने को तरजीह दी जा रही है।
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जिला मंडी अधिकारी अजयपाल सिंह बराड़ का कहना है कि एकदम से मंडियों में काफी मात्रा में गेहूं आ गया है। इसकी वजह से लिफ्टिंग में समय लग रहा है। आंकड़ों के मुताबिक जिले की मंडियों में अब तक चार लाख 18 हजार 180 मीट्रिक टन गेहूं पहुंचा है। इसमें से तीन लाख 96 हजार 587 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। बड़ी बात यह है कि बिके गेहूं में से केवल एक लाख 88 हजार मीट्रिक टन की लिफ्टिंग हुई है। बाकी दो लाख 8 हजार 587 मीट्रिक टन गेहूं लिफ्टिंग के इंतजार में जिले की मंडियों में पड़ा है।
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लिफ्टिंग के काम में तेजी लाई जाए
पटियाला मंडी पहुंचे किसान सतनाम सिंह का कहना है कि मंडी में इस समय काफी मात्रा में बिका हुआ गेहूं पड़ा है। इसके चलते शेडों के नीचे फसल रखने के लिए जगह मिलने में मुश्किल आ रही है। इसी तरह किसान गुरमीत सिंह ने कहा कि गेहूं की लिफ्टिंग होने पर शेड के नीचे फसल रखने की जगह मिली है। सरकार को चाहिए कि लिफ्टिंग के काम में तेजी लाई जाए।
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अब तक की निजी खरीद ने पिछले पूरे सीजन का रिकार्ड तोड़ा
अब तक हुई निजी खरीद ने पिछले पूरे सीजन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। आंकड़ों के मुताबिक जिले की मंडियों में पिछले पूरे सीजन में 270 मीट्रिक टन गेहूं की निजी खरीद हो सकी थी। इस बार 26 हजार 900 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। जहां सरकारी दाम 2015 रुपये प्रति क्विंटल है, वहीं निजी में किसानों को प्रति क्विंटल 5 से 10 रुपये अधिक दाम मिल रहा है। इनमे कुछ बड़े चक्की मालिक हैं, जो अब तक यूपी से गेहूं लाते थे, क्योंकि वहां पंजाब के मुकाबले सस्ता गेहूं मिलता था। अब सारे देश में गेहूं का एक सामान दाम होने और यातायात और लेबर महंगा होने के कारण यहीं से गेहूं खरीदने को तरजीह दी जा रही है।