{"_id":"58df79784f1c1b866b63e6f4","slug":"punjabi-university-patiala-budget-pu-finance-committee-acting-vc-patiala","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीयू फाइनेंस कमेटी के बजट को एक्टिंग वीसी का झटका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीयू फाइनेंस कमेटी के बजट को एक्टिंग वीसी का झटका
पटियाला
Updated Sat, 01 Apr 2017 03:27 PM IST
विज्ञापन
Budget
- फोटो : डेमो फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाबी यूनिवर्सिटी की हाई पॉवर फाइनेंस कमेटी द्वारा तैयार किए गए बजट को सिंडीकेट की मीटिंग में प्रिंसिपल सेक्रेटरी एजूकेशन कम कार्यकारी वाइस चांसलर अनुराग वर्मा ने झटका दे दिया। अनुराग वर्मा ने फाइनेंस कमेटी द्वारा साल 2017-18 में दिखाए गए 630 करोड़ के खर्च में से 89 करोड़ के खर्च खत्म कर दिए।
इससे अब यूनिवर्सिटी के खर्च 630 करोड़ की जगह 541 करोड़ 20 लाख 33 हजार होंगे और आमदनी करीब 443 करोड़ 24 लाख 20 हजार होगी। इस तरह इस साल बजट का घाटा सिर्फ 97 करोड़ 96 लाख 14 हजार 460 रुपये रह गया है।
अनुराग वर्मा ने बैठक में कहा कि बहुत से खर्च फालतू के दिखाए हुए हैं, जिनकी जरूरत नहीं है। उन्होंने सिंडिकेट को स्पष्ट कहा कि होना तो यह चाहिए कि जितनी आमदन है, उतने ही खर्च हों। फाइनेंस कमेटी ने जहां 630 करोड़ रुपये के खर्च दिखाए थे, वहां 444 करोड़ रुपये की आमदन दिखाई थी और घाटा 186 करोड़ से अधिक दिखाया था। बैठक में कार्यकारी वीसी ने 89 करोड़ के खर्चों पर लकीर फेर दी। इसके साथ यह घाटा 97 करोड़ रुपये का रह गया और सिंडीकेट ने इस बजट को पास कर दिया।
विज्ञापन
इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि यूनिवर्सिटी के तैयार बजट में दिखाए खर्चों को वीसी ने कम किया हो। इस तरह यूनिवर्सिटी का बजट अब 541 करोड़ 20 लाख 33 हजार के खर्चों पर सिमट गया है, जबकि यूनिवर्सिटी की आमदनी 444 करोड़ रुपये होगी और घाटा 97 करोड़ होगा। इस घाटे को पूरा करने के लिए पंजाबी यूनिवर्सिटी पंजाब सरकार तक पहुंच करेगी। सिंडीकेट ने शुक्रवार को 15 नान टीचिंग सेवा मुक्त मुलाजिमों की भी छुट्टी कर दी हैे जिनमें पूर्व वीसी के पीए भी शामिल है।
सेवा मुक्त अध्यापकों के मामले पर चार सदस्यीय कमेटी गठित
पंजाबी यूनिवर्सिटी में इस समय सेवा मुक्त अध्यापकों की छुट्टी करवाने का मामला पूरी तरह गर्माया हुआ है। मुलाजिम हर रोज वीसी दफ्तर का घेराव कर रहे हैं और शुक्रवार को भी मुलाजिमों ने धरने दिए। इसके बाद कार्यकारी वीसी ने सभी को बारी-बारी बुलाया और उनकी बात सुनने के बाद चार सदस्यीय कमेटी गठित कर दी। यह कमेटी सभी पक्षों को विचार कर अपनी रिपोर्ट अगले हफ्ते सौंपेगी। जिस के बाद फैसला होगा कि सेवा मुक्त अध्यापकों की छुट्टी करनी है या नहीं।
घपलों की पूरी जांच के बाद होगी कार्रवाई
पंजाबी यूनिवर्सिटी में पिछले 10 साल में घपले हुए हैं या नहीं, इस संबंधित भी जांच के बाद ही फैसला होगा। आज अलग अलग मुलाजिमों द्वारा और एक विद्यार्थी जत्थेबंदी द्वारा वाइस चांसलर अनुराग वर्मा के ध्यान में यह मामला लाने के बाद उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वह एकदम कोई भी कार्रवाई नहीं करेंगे बल्कि जांच के बाद आगे कार्रवाई करेंगे।
विज्ञापन
इससे अब यूनिवर्सिटी के खर्च 630 करोड़ की जगह 541 करोड़ 20 लाख 33 हजार होंगे और आमदनी करीब 443 करोड़ 24 लाख 20 हजार होगी। इस तरह इस साल बजट का घाटा सिर्फ 97 करोड़ 96 लाख 14 हजार 460 रुपये रह गया है।
विज्ञापन
अनुराग वर्मा ने बैठक में कहा कि बहुत से खर्च फालतू के दिखाए हुए हैं, जिनकी जरूरत नहीं है। उन्होंने सिंडिकेट को स्पष्ट कहा कि होना तो यह चाहिए कि जितनी आमदन है, उतने ही खर्च हों। फाइनेंस कमेटी ने जहां 630 करोड़ रुपये के खर्च दिखाए थे, वहां 444 करोड़ रुपये की आमदन दिखाई थी और घाटा 186 करोड़ से अधिक दिखाया था। बैठक में कार्यकारी वीसी ने 89 करोड़ के खर्चों पर लकीर फेर दी। इसके साथ यह घाटा 97 करोड़ रुपये का रह गया और सिंडीकेट ने इस बजट को पास कर दिया।
विज्ञापन
इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि यूनिवर्सिटी के तैयार बजट में दिखाए खर्चों को वीसी ने कम किया हो। इस तरह यूनिवर्सिटी का बजट अब 541 करोड़ 20 लाख 33 हजार के खर्चों पर सिमट गया है, जबकि यूनिवर्सिटी की आमदनी 444 करोड़ रुपये होगी और घाटा 97 करोड़ होगा। इस घाटे को पूरा करने के लिए पंजाबी यूनिवर्सिटी पंजाब सरकार तक पहुंच करेगी। सिंडीकेट ने शुक्रवार को 15 नान टीचिंग सेवा मुक्त मुलाजिमों की भी छुट्टी कर दी हैे जिनमें पूर्व वीसी के पीए भी शामिल है।
सेवा मुक्त अध्यापकों के मामले पर चार सदस्यीय कमेटी गठित
पंजाबी यूनिवर्सिटी में इस समय सेवा मुक्त अध्यापकों की छुट्टी करवाने का मामला पूरी तरह गर्माया हुआ है। मुलाजिम हर रोज वीसी दफ्तर का घेराव कर रहे हैं और शुक्रवार को भी मुलाजिमों ने धरने दिए। इसके बाद कार्यकारी वीसी ने सभी को बारी-बारी बुलाया और उनकी बात सुनने के बाद चार सदस्यीय कमेटी गठित कर दी। यह कमेटी सभी पक्षों को विचार कर अपनी रिपोर्ट अगले हफ्ते सौंपेगी। जिस के बाद फैसला होगा कि सेवा मुक्त अध्यापकों की छुट्टी करनी है या नहीं।
घपलों की पूरी जांच के बाद होगी कार्रवाई
पंजाबी यूनिवर्सिटी में पिछले 10 साल में घपले हुए हैं या नहीं, इस संबंधित भी जांच के बाद ही फैसला होगा। आज अलग अलग मुलाजिमों द्वारा और एक विद्यार्थी जत्थेबंदी द्वारा वाइस चांसलर अनुराग वर्मा के ध्यान में यह मामला लाने के बाद उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वह एकदम कोई भी कार्रवाई नहीं करेंगे बल्कि जांच के बाद आगे कार्रवाई करेंगे।