{"_id":"5f2013fe8ebc3e63d7045d34","slug":"protest-in-punjabi-university-patiala-patiala-news-pkl3828000143","type":"story","status":"publish","title_hn":"टीचरों और कर्मियों ने पीयू कैंपस में निकाला रोष मार्च","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टीचरों और कर्मियों ने पीयू कैंपस में निकाला रोष मार्च
विज्ञापन
मंगलवार को पटियाला में पंजाबी यूनिवर्सिटी कैंपस में रोष मार्च निकालते टीचर व कर्मचारी।
- फोटो : PATIALA
ज्वाइंट एक्शन कमेटी के बैनर तले मंगलवार को पंजाबी यूनिवर्सिटी के अध्यापकों व कर्मचारियों ने यूनिवर्सिटी कैंपस में रोष मार्च निकाला। यह मार्च वीसी के दफ्तर से शुरू हुआ और विभिन्न विभागों के आगे से होता हुआ दोबारा वीसी दफ्तर पर आकर समाप्त हुआ।
इसके बाद वीसी दफ्तर के आगे जोरदार धरना दिया गया। इस मौके पर रिटायर प्रोफेसर डॉ. बलविंदर सिंह टिवाना ने कहा कि यूनिवर्सिटी के लिए ग्रांट का प्रबंध करना प्रदेश सरकार का फर्ज है। शिक्षण संस्थाएं मुनाफा कमाने का केंद्र नहीं हैं। यूनिवर्सिटी बड़े आर्थिक संकट का सामना कर रही है, उसे इस स्थिति से उबारने के लिए राज्य सरकार की ओर से यूनिवर्सिटी को 300 करोड़ का विशेष आर्थिक पैकेज दिया जाए।
पुटा के पूर्व प्रधान डा. भूपिंदर सिंह विर्क ने कहा कि यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट अपने कर्मचारियों की चिंताओं के प्रति पूरी तरह से संवेदनशील नहीं है। यही वजह है कि कोरोना के इस संकट में भी कर्मचारियों व टीचरों को सैलरियां व पेंशनरों को पेंशनें समय पर नहीं मिल रही है। उन्होंने वीसी के लिए पंजाब सरकार द्वारा सलाहकार की नियुक्ति के फैसले का भी विरोध किया। कहा कि यह फैसला यूनिवर्सिटी की खुदमुख्यितारी पर हमला है। इससे सरकार का यूनिवर्सिटी के अंदरूनी मामलों में दखल हो जाएगा। जिसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके बाद वीसी दफ्तर के आगे जोरदार धरना दिया गया। इस मौके पर रिटायर प्रोफेसर डॉ. बलविंदर सिंह टिवाना ने कहा कि यूनिवर्सिटी के लिए ग्रांट का प्रबंध करना प्रदेश सरकार का फर्ज है। शिक्षण संस्थाएं मुनाफा कमाने का केंद्र नहीं हैं। यूनिवर्सिटी बड़े आर्थिक संकट का सामना कर रही है, उसे इस स्थिति से उबारने के लिए राज्य सरकार की ओर से यूनिवर्सिटी को 300 करोड़ का विशेष आर्थिक पैकेज दिया जाए।
विज्ञापन
पुटा के पूर्व प्रधान डा. भूपिंदर सिंह विर्क ने कहा कि यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट अपने कर्मचारियों की चिंताओं के प्रति पूरी तरह से संवेदनशील नहीं है। यही वजह है कि कोरोना के इस संकट में भी कर्मचारियों व टीचरों को सैलरियां व पेंशनरों को पेंशनें समय पर नहीं मिल रही है। उन्होंने वीसी के लिए पंजाब सरकार द्वारा सलाहकार की नियुक्ति के फैसले का भी विरोध किया। कहा कि यह फैसला यूनिवर्सिटी की खुदमुख्यितारी पर हमला है। इससे सरकार का यूनिवर्सिटी के अंदरूनी मामलों में दखल हो जाएगा। जिसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन