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पावरकॉम ने रोपड़ व लहरा थर्मलों के बंद तीन यूनिट चलाईं
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पटियाला। पंजाब में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए पावरकॉम ने बुधवार को रोपड़ प्लांट की एक और लहरा मुहब्बत की दो यूनिट और चला दी हैं। लेकिन प्राइवेट प्लांटों में कोयले का संकट बरकरार होने के कारण तलवंडी साबो व गोइंदवाल साहिब की एक-एक यूनिट फिलहाल बंद हैं। जिस कारण बिजली सप्लाई में बाधा आने के कारण पंजाब को बाहर से महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही है। बुधवार को पांच थर्मलों की 15 यूनिट में से 11 यूनिट चल रही थीं और चार बंद थीं। जबकि मंगलवार को सात यूनिटें बंद होने से सप्लाई बुरी तरह से प्रभावित हुई थी। जिसके चलते बड़ी संख्या में फीडर खास तौर से दोपहर के वक्त डाउन रहने से बिजली सप्लाई में बाधा की शिकायतें पावरकॉम को मिली थीं।
बुधवार को रोपड़ व लहरा मुहब्बत की चार-चार यूनिटों में तीन-तीन चालू कर दी गईं। जबकि मंगलवार को रोपड़ की दो और लहरा की एक यूनिट ही चलाई जा रही थीं। इसका कारण कागजों में लहरा प्लांट में पानी की कमी, तो रोपड़ में तकनीकी खराबी को बताया जा रहा था। लेकिन अधिकारी नाम न छापने की शर्त पर मानते हैं कि आने वाले पैडी सीजन के लिए कोयले का स्टाक बचाकर रखने के लिए ज्यादातर यूनिट बंद रखी जा रही हैं। लेकिन बिजली सप्लाई को लेकर हाय तौबा मचने पर बुधवार को पावरकाम ने अपनी रोपड़ व लहरा प्लांटों की तीन-तीन यूनिट चला दीं। रोपड़ में इस समय 17 और लहरा में 18 दिन का कोयला बचा है। जबकि प्राइवेट में कोयले का संकट बना हुआ है, इस कारण आज भी तलवंडी साबो व गोइंदवाल साहिब की एक-एक यूनिट बंद रही। तलवंडी में इस समय डेढ़ दिन का, गोइंदवाल में ढाई दिन और राजपुरा प्लांट में साढ़े छह दिन का कोयला शेष है। खास तौर से तलवंडी साबो की 660 मेगावाट की यूनिट बंद होने से बिजली सप्लाई ज्यादा प्रभावित हो रही है। यही समस्या पिछले साल आई थी।
बुधवार को पंजाब में बिजली की मांग 7400 के पार रही। खास तौर से सुबह 10 बजे 7455 मेगावाट, 11 बजे 7423 मेगावाट दर्ज की गई। इस मांग को पूरा करने के लिए पावरकॉम ने सात रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से 3100 मेगावाट बिजली बाहर से ली। पावरकॉम को बुधवार को अपने थर्मलों से 1160 मेगावाट, प्राइवेट प्लांटों से 2440 मेगावाट, हाईडल प्रोजेक्टों, सोलर व नान सोलर प्रोजेक्टों को मिलाकर कुल 4300 मेगावाट बिजली की उपलब्धता हुई।
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बुधवार को रोपड़ व लहरा मुहब्बत की चार-चार यूनिटों में तीन-तीन चालू कर दी गईं। जबकि मंगलवार को रोपड़ की दो और लहरा की एक यूनिट ही चलाई जा रही थीं। इसका कारण कागजों में लहरा प्लांट में पानी की कमी, तो रोपड़ में तकनीकी खराबी को बताया जा रहा था। लेकिन अधिकारी नाम न छापने की शर्त पर मानते हैं कि आने वाले पैडी सीजन के लिए कोयले का स्टाक बचाकर रखने के लिए ज्यादातर यूनिट बंद रखी जा रही हैं। लेकिन बिजली सप्लाई को लेकर हाय तौबा मचने पर बुधवार को पावरकाम ने अपनी रोपड़ व लहरा प्लांटों की तीन-तीन यूनिट चला दीं। रोपड़ में इस समय 17 और लहरा में 18 दिन का कोयला बचा है। जबकि प्राइवेट में कोयले का संकट बना हुआ है, इस कारण आज भी तलवंडी साबो व गोइंदवाल साहिब की एक-एक यूनिट बंद रही। तलवंडी में इस समय डेढ़ दिन का, गोइंदवाल में ढाई दिन और राजपुरा प्लांट में साढ़े छह दिन का कोयला शेष है। खास तौर से तलवंडी साबो की 660 मेगावाट की यूनिट बंद होने से बिजली सप्लाई ज्यादा प्रभावित हो रही है। यही समस्या पिछले साल आई थी।
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बुधवार को पंजाब में बिजली की मांग 7400 के पार रही। खास तौर से सुबह 10 बजे 7455 मेगावाट, 11 बजे 7423 मेगावाट दर्ज की गई। इस मांग को पूरा करने के लिए पावरकॉम ने सात रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से 3100 मेगावाट बिजली बाहर से ली। पावरकॉम को बुधवार को अपने थर्मलों से 1160 मेगावाट, प्राइवेट प्लांटों से 2440 मेगावाट, हाईडल प्रोजेक्टों, सोलर व नान सोलर प्रोजेक्टों को मिलाकर कुल 4300 मेगावाट बिजली की उपलब्धता हुई।
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