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किसानों ने पटियाला-संगरूर रोड जाम कर किया प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला
Updated Tue, 11 Aug 2015 10:02 PM IST
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हरियाऊ खुर्द घटना को लेकर किसानों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को गांव वजीदपुर के पास पटियाला-संगरूर रोड पर ट्रैफिक जाम करके किसानों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर सरकार का पुतला फूंका।
इस मौके पर आबादकार किसानों को जमीनों की मालकी हक देने और हरियाऊ खुर्द मामले में जिन किसानों के खिलाफ पर्चे दर्ज हुए हैं, उन्हें रद्द करने की मांग की गई। किसानों के रोड जाम करने से ट्रैफिक जाम की समस्या हुई, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए किसान लीडरों ने कहा कि एक तरफ पंजाब सरकार खुद को किसानों का मसीहा करार देकर वाहवाह लूट रही है और वहीं दूसरी तरफ किसानों की ओर से आबाद की जमीनों, जिन पर पिछले कई दशकों से खेती कर रहे हैं, उन्हें छीना जा रहा है।
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सरकार किसानों को बेघर व बेजमीन करने पर तुली है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। किसान लीडरों ने कहा कि हरियाऊ खुर्द में पिछले दिनों जिन किसानों की जमीनें छीनी गई हैं। उनके घरों के पानी व बिजली के कनेक्शन काटे गए हैं, उन्हें दोबारा बहाल किया जाए। साथ ही मांग की गई कि जिन किसानों की फसलें उ
उधर, हरियाऊ खुर्द घटना के विरोध में भारतीय किसान यूनियन एकता (डकौंदा) की ओर से भूख हड़ताल जारी है। मंगलवार को भी यूनियन के नुमाइंदों ने मिनी सचिवालय में डीसी दफ्तर के आगे धरना दिया।
भारतीय किसान यूनियन एकता (डकौंदा) के प्रदेश महासचिव जगमोहन सिंह ने कहा कि प्रशासन ने गांव हरियाऊ खुर्द में दशकों से बंजर जमीनों को आबाद करके उन पर खेती कर रहे किसानों को उनकी इन जमीनों व घरों से बेदखल कर दिया है। किसानों के जानवरों को भी घरों से बाहर निकाल दिया।
उन्होंने अल्टीमेटम दिया गया कि अगर किसानों के खिलाफ दर्ज पर्चे रद न किए तो संघर्ष तेज होगा। धरने को सतपाल, अमन बाजेके, जनक सिंह माजरी, जिला प्रधान डा. दर्शन पाल आदि ने संबोधित किया।
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इस मौके पर आबादकार किसानों को जमीनों की मालकी हक देने और हरियाऊ खुर्द मामले में जिन किसानों के खिलाफ पर्चे दर्ज हुए हैं, उन्हें रद्द करने की मांग की गई। किसानों के रोड जाम करने से ट्रैफिक जाम की समस्या हुई, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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प्रदर्शन को संबोधित करते हुए किसान लीडरों ने कहा कि एक तरफ पंजाब सरकार खुद को किसानों का मसीहा करार देकर वाहवाह लूट रही है और वहीं दूसरी तरफ किसानों की ओर से आबाद की जमीनों, जिन पर पिछले कई दशकों से खेती कर रहे हैं, उन्हें छीना जा रहा है।
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सरकार किसानों को बेघर व बेजमीन करने पर तुली है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। किसान लीडरों ने कहा कि हरियाऊ खुर्द में पिछले दिनों जिन किसानों की जमीनें छीनी गई हैं। उनके घरों के पानी व बिजली के कनेक्शन काटे गए हैं, उन्हें दोबारा बहाल किया जाए। साथ ही मांग की गई कि जिन किसानों की फसलें उ
उधर, हरियाऊ खुर्द घटना के विरोध में भारतीय किसान यूनियन एकता (डकौंदा) की ओर से भूख हड़ताल जारी है। मंगलवार को भी यूनियन के नुमाइंदों ने मिनी सचिवालय में डीसी दफ्तर के आगे धरना दिया।
भारतीय किसान यूनियन एकता (डकौंदा) के प्रदेश महासचिव जगमोहन सिंह ने कहा कि प्रशासन ने गांव हरियाऊ खुर्द में दशकों से बंजर जमीनों को आबाद करके उन पर खेती कर रहे किसानों को उनकी इन जमीनों व घरों से बेदखल कर दिया है। किसानों के जानवरों को भी घरों से बाहर निकाल दिया।
उन्होंने अल्टीमेटम दिया गया कि अगर किसानों के खिलाफ दर्ज पर्चे रद न किए तो संघर्ष तेज होगा। धरने को सतपाल, अमन बाजेके, जनक सिंह माजरी, जिला प्रधान डा. दर्शन पाल आदि ने संबोधित किया।