फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Patiala News ›   One Time Settlement scheme launched by cm Bhagwant Mann for defaulter power consumers is proving failure

Punjab: फेल हो रही सरकार की OTS स्कीम, आगे ही नहीं आए 2428 करोड़ के डिफाल्टर सरकारी विभाग

Thu, 10 Aug 2023 02:07 PM IST
निवेदिता वर्मा रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 10 Aug 2023 02:07 PM IST
सार

इस समय पंजाब के विभिन्न सरकारी विभागों की तरफ पावरकाम के करीब 2428 करोड़ के बिजली बिल पेंडिंग हैं, वहीं गैर सरकारी खपतकारों की तरफ 1661 करोड़ के बिजली बिल पेंडिंग हैं। इस तरह से कुल 4089 करोड़ के बिजली बिल पेंडिंग हैं। इसको देखते हुए सीएम भगवंत मान ने ओटीएस स्कीम की घोषणा की थी। 

विज्ञापन
One Time Settlement scheme launched by cm Bhagwant Mann for defaulter power consumers is proving failure
सीएम भगवंत मान - फोटो : twitter

विस्तार

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से डिफाल्टर बिजली खपतकारों के लिए शुरू की गई वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) स्कीम फेल साबित हो रही है। मान की ओर से 26 मई 2023 को खुद ट्वीट करके तीन महीने की अवधि के लिए घोषित की गई स्कीम के खत्म होने में अब केवल कुछ दिन शेष हैं, लेकिन 2428 करोड़ के बिजली बिल डिफाल्टर सरकारी विभागों ने अभी तक इस स्कीम के अधीन लाभ लेने के लिए अप्लाई नहीं किया है।

विज्ञापन


ऐसा ही हाल गैर सरकारी बिजली खपतकारों का भी है, जिनमें घरेलू से लेकर औद्योगिक खपतकार शामिल हैं। जिससे सरकारी व गैर सरकारी खपतकारों के बिजली बिलों की तकरीबन 4089 करोड़ की राशि अभी बकाया है। 
विज्ञापन


समय से बिजली बिलों का भुगतान न होने से पावरकाम की आर्थिक मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। पावरकाम के एक उच्चाधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि स्कीम की शुरुआत के बाद से बार-बार डिफाल्टर सरकारी विभागों को लिखा जा रहा है कि अप्लाई करके इसका लाभ उठाएं। लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ और उधर स्कीम अब खत्म होने को है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: Navjot Sidhu: बीमार पत्नी की तीमारदारी में जुटे नवजोत सिद्धू... अपने हाथों से खिला रहे खाना, देखिए तस्वीरें

सरकारी विभागों पर पेंडिंग हैं 2428 करोड़ के बिल
प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक इस समय पंजाब के विभिन्न सरकारी विभागों की तरफ पावरकाम के करीब 2428 करोड़ के बिजली बिल पेंडिंग हैं, वहीं गैर सरकारी खपतकारों की तरफ 1661 करोड़ के बिजली बिल पेंडिंग हैं। इस तरह से कुल 4089 करोड़ के बिजली बिल पेंडिंग हैं। इन बिलों का भुगतान न होने से पावरकाम को लगातार आर्थिक दिक्कतें उठानी पड़ी हैं। बाहर से बिजली की खरीद से लेकर कोयले की खरीद और यहां तक पिछले समय के दौरान मुलाजिमों को तनख्वाह देने के लिए करोड़ों का ऋण उठाना पड़ा है। इसको देखते हुए सीएम भगवंत मान ने ओटीएस स्कीम की घोषणा की थी। 

इस स्कीम के तहत खपतकारों को सुविधा देते हुए सरकार ने बकाया बिजली बिलों का भुगतान एक साल में चार किश्तों के जरिये करने व लेट पेमेंट के लिए केवल 9 प्रतिशत का साधारण ब्याज लगाया था। जबकि पहले किश्तों में बकाया लेने का कोई प्रावधान नहीं था और ऊपर से ब्याज 18 प्रतिशत था। इसके साथ ही कनेक्शन काटने से जोड़ने की अवधि छह महीने या इससे कम होने पर कोई भी फिक्सड चार्ज न लेने की घोषणा हुई थी। 


पावरकॉम को मिले सिर्फ पांच आवेदन
इन सब फायदों के बावजूद डिफाल्टर 53 सरकारी विभागों की तरफ से स्कीम के तहत पावरकाम को अभी तक केवल पांच आवेदन मिले हैं। हैरानी की बात है कि इन केसों में बकाया बिजली बिलों की राशि करीब 2.74 करोड़ बनती है और यह राशि भी अभी तक पावरकाम को प्राप्त नहीं हो सकी है। जबकि बड़े-बड़े डिफाल्टर सरकारी विभागों ने तो स्कीम के तहत अप्लाई ही नहीं किया है। उधर डिफाल्टर गैर सरकारी खपतकारों की तरफ से 495 आवेदन हासिल हुए हैं। इन केसों में बकाया बिजली बिल राशि 28.35 करोड़ रुपये बनती है और इसमें से भी अभी तक पावरकाम को कोई अदायगी नहीं हुई है।

सरकार डिफाल्टर विभागों को जारी करे पर्याप्त फंडः इंजीनियर अजयपाल सिंह
पीएसईबी इंजीनियर्स एसोसिएशन के महासचिव इंजीनियर अजयपाल सिंह अटवाल के मुताबिक सरकार को चाहिए कि सरकारी विभागों को पर्याप्त फंड जारी करें, ताकि विभाग ओटीएस के तहत अप्लाई करके बकाया बिजली बिलों का जल्द भुगतान कर सकें। अगर विभाग ऐसा नहीं करते हैं, तो फिर सख्ती के साथ सरकारी दफ्तरों में प्रीपेड मीटर लगाए जाएं, ताकि बिलों का भुगतान समय पर न होने पर कनेक्शन काटे जा सकें।

प्रमुख डिफाल्टर सरकारी विभाग                  पेंडिंग बिजली बिल (करोड़ों में)
वाटर सप्लाई एंड सेनीटेशन                              1047.79
ग्रामीण विकास एवं पंचायत                               272.96
लोकल गवर्नमेंट                                           813.31
स्वास्थय एवं परिवार कल्याण                             126.05
सीवरेज बोर्ड                                               78.71
सिंचाई                                                      10.55
स्कूल एजूकेशन                                            10.81
होम अफेयर्स एंड जेल                                      18.04
पशुपालन                                                    3.15
गर्वनेंस रिफार्म                                               5.11
जनरल एडमिनिस्ट्रेशन                                     3.90

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed