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सूबा सरकार के खिलाफ ठेका मुलाजिमों ने उगला गुस्सा
ब्यूरो, अमर उजाला, पटियाला
Updated Wed, 11 Jan 2017 03:29 PM IST
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पटियाला में प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते ठेका मुलाजिम।
- फोटो : अमर उजाला
मांगों के समर्थन में जल सप्लाई एवं सैनिटेशन विभाग के ठेका मुलाजिमों ने पंजाब सरकार और विभाग के उच्चाधिकारियों के खिलाफ धरना दिया। इस मौके पर गुस्साए मुलाजिमों ने अर्थी फूंक प्रदर्शन किया।
धरने को संबोधित करते हुए मुलाजिम नेता जीत सिंह बठोई ने कहा कि विभाग के दिहाड़ीदार और ठेका मुलाजिमों को पक्का करने व विभाग के तहत ठेके पर लाने के लिए पंजाब सरकार ने एक एक्ट लाया, लेकिन एक्ट की उस समय पोल खुल गई, जब जल सप्लाई एवं सैनिटेशन विभाग के हेडआफिस की ओर से पत्र जारी करके बड़ी गिनती में दफ्तरी मुलाजिमों को नौकरी से फारिग किया गया।
यह वर्कर लंबे समय से लगातार काम करते आ रहे हैं। इसके साथ ही विभाग के अधिकारियों की ओर से शर्तें लगाकर काफी गिनती में ठेका आधारित कर्मचारियों को विभाग में सीधे ठेके पर रखने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई। चेतावनी दी कि इस छटनी मुहिम के खिलाफ पूरे पंजाब में धरने लगाए जाएंगे।
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आगे कहा कि वर्कर रेगुलर करने के मामले में चुनाव आचार संहिता लागू होने की बात कही जा रही है, जबकि वर्कर निकालने पर इस संबंधी कोई रूल लागू नहीं किया जा रहा है। अगर मुलाजिमों की मांगों संबंधी कोई ठोस कार्रवाई न की गई, तो 18 जनवरी को हेडआफिस मोहाली में राज्यस्तरीय प्रदर्शन करके सरकार की पोल खोली जाएगी।
इसमें कर्मचारियों के परिवार भी शामिल होंगे। विभाग जहां क्लेरिकल कर्मचारियों की छटनी कर रहा है, वहीं फील्ड कर्मचारियों की छटनी की स्कीमें भी बना रहा है। जबकि सारे कर्मचारी सुप्रीम कोर्ट व लेबर आयोग की ओर से जारी फैसलों के मुताबिक योग्यताएं पूरी करते हैं।
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धरने को संबोधित करते हुए मुलाजिम नेता जीत सिंह बठोई ने कहा कि विभाग के दिहाड़ीदार और ठेका मुलाजिमों को पक्का करने व विभाग के तहत ठेके पर लाने के लिए पंजाब सरकार ने एक एक्ट लाया, लेकिन एक्ट की उस समय पोल खुल गई, जब जल सप्लाई एवं सैनिटेशन विभाग के हेडआफिस की ओर से पत्र जारी करके बड़ी गिनती में दफ्तरी मुलाजिमों को नौकरी से फारिग किया गया।
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यह वर्कर लंबे समय से लगातार काम करते आ रहे हैं। इसके साथ ही विभाग के अधिकारियों की ओर से शर्तें लगाकर काफी गिनती में ठेका आधारित कर्मचारियों को विभाग में सीधे ठेके पर रखने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई। चेतावनी दी कि इस छटनी मुहिम के खिलाफ पूरे पंजाब में धरने लगाए जाएंगे।
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आगे कहा कि वर्कर रेगुलर करने के मामले में चुनाव आचार संहिता लागू होने की बात कही जा रही है, जबकि वर्कर निकालने पर इस संबंधी कोई रूल लागू नहीं किया जा रहा है। अगर मुलाजिमों की मांगों संबंधी कोई ठोस कार्रवाई न की गई, तो 18 जनवरी को हेडआफिस मोहाली में राज्यस्तरीय प्रदर्शन करके सरकार की पोल खोली जाएगी।
इसमें कर्मचारियों के परिवार भी शामिल होंगे। विभाग जहां क्लेरिकल कर्मचारियों की छटनी कर रहा है, वहीं फील्ड कर्मचारियों की छटनी की स्कीमें भी बना रहा है। जबकि सारे कर्मचारी सुप्रीम कोर्ट व लेबर आयोग की ओर से जारी फैसलों के मुताबिक योग्यताएं पूरी करते हैं।