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दूसरी भाषाओं का भी सत्कार करना चाहिए : वीसी
ब्यूरो,अमर उजाला/पटियाला
Updated Fri, 07 Oct 2016 03:10 PM IST
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पटियाला की पीयू में वीरवार को आयोजित कार्यक्रम में उर्दू कवि वसीम बरेलवी को प्रसिद्ध सूफी अवार्ड के साथ सम्मानित करते वीसी डा. जसपाल सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाबी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डा. जसपाल सिंह ने कहा कि कोई अकेली भाषा अपने तौर पर विकास नहीं कर सकती है।
हमें दूसरी भाषाओं का सत्कार करना चाहिए और अपनी पहचान को भी कायम रखने के लिए इन भाषाओं को संभालने की जरूरत है। वह वीरवार को यूनिवर्सिटी के पब्लिकेशन ब्यूरो के गोल्डन जुबली के मौके पर आयोजित साहित्य व सभ्याचारक उत्सव के समापन मौके पर बोल रहे थे। वीसी ने उत्सव को यूनिवर्सिटी की ओर से बड़े स्तर पर हल साल मनाने का एलान किया। वीसी ने कहा कि इस उत्सव का मुख्य मकसद आज की नौजवान पीढ़ी में पुस्तकें पढ़ने की रुचि पैदा करना है। इस मौके पर जाने-माने उर्दू कवि वसीम बरेलवी को प्रसिद्ध सूफी अवार्ड के साथ सम्मानित किया गया।
मुख्य मेहमान सेंट्रल यूनिवर्सिटी बठिंडा के चांसलर और पीयू के पूर्व वीसी डा. एसएस जौहल ने कहा कि एक सेहतमंद समाज के विकास के लिए सोच और विचारों में नजदीकी लाने की जरूरत है। उन्होंने आज की नौजवान पीढ़ी के लिए गुणवत्ता भरपूर साहित्य मुहैया कराने पर जोर दिया। डा. जौहल ने सब को बराबर के मौके प्रदान करने के लिए एक ही तरह का पाठ्यक्रम लागू करने के लिए राज की नीति बनाने की जरूरत पर जोर दिया।
इस मौके पर विश्वनाथ प्रसाद तिवाड़ी प्रधान साहित्य अकादमी दिल्ली ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर आर्ट्स आडिटोरियम में क्यों पढ़े कथाएं और काव्य महफिल, गुरु तेग बहादुर हाल के सामने लोक अखाड़ा और स्कूली बच्चों की ओर से पेश किया निके खंब उडारी उची की पेशकारी की गई।
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हमें दूसरी भाषाओं का सत्कार करना चाहिए और अपनी पहचान को भी कायम रखने के लिए इन भाषाओं को संभालने की जरूरत है। वह वीरवार को यूनिवर्सिटी के पब्लिकेशन ब्यूरो के गोल्डन जुबली के मौके पर आयोजित साहित्य व सभ्याचारक उत्सव के समापन मौके पर बोल रहे थे। वीसी ने उत्सव को यूनिवर्सिटी की ओर से बड़े स्तर पर हल साल मनाने का एलान किया। वीसी ने कहा कि इस उत्सव का मुख्य मकसद आज की नौजवान पीढ़ी में पुस्तकें पढ़ने की रुचि पैदा करना है। इस मौके पर जाने-माने उर्दू कवि वसीम बरेलवी को प्रसिद्ध सूफी अवार्ड के साथ सम्मानित किया गया।
मुख्य मेहमान सेंट्रल यूनिवर्सिटी बठिंडा के चांसलर और पीयू के पूर्व वीसी डा. एसएस जौहल ने कहा कि एक सेहतमंद समाज के विकास के लिए सोच और विचारों में नजदीकी लाने की जरूरत है। उन्होंने आज की नौजवान पीढ़ी के लिए गुणवत्ता भरपूर साहित्य मुहैया कराने पर जोर दिया। डा. जौहल ने सब को बराबर के मौके प्रदान करने के लिए एक ही तरह का पाठ्यक्रम लागू करने के लिए राज की नीति बनाने की जरूरत पर जोर दिया।
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इस मौके पर विश्वनाथ प्रसाद तिवाड़ी प्रधान साहित्य अकादमी दिल्ली ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर आर्ट्स आडिटोरियम में क्यों पढ़े कथाएं और काव्य महफिल, गुरु तेग बहादुर हाल के सामने लोक अखाड़ा और स्कूली बच्चों की ओर से पेश किया निके खंब उडारी उची की पेशकारी की गई।
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