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सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे किसान
अमर उजाला पटियाला
Updated Sat, 28 Sep 2013 11:18 PM IST
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पटियाला में मांगों के संबंध में सरकार के रवैये से गुस्साए किसानों ने शनिवार को भाकियू(डकौंदा) के बैनर तले नाभा रोड पर वातावरण पार्क के सामने प्रदर्शन किया।
इस मौके पर किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने सरकार से किसानों के सिर चढ़े कर्ज माफ करने और किसानों को उनके खेती उत्पादों के वाजिब दाम दिए जाने की मांग की।
इस मौके पर राजपुरा के विधायक एवं जिला कांग्रेस कमेटी देहाती के प्रधान हरदियाल सिंह कंबोज ने पहुंच कर किसानों से मांग पत्र हासिल किया। कंबोज ने भरोसा दिलाया कि किसानों की जायज मांगों को विधानसभा में उठाया जाएगा।
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यूनियन के नुमाइंदों राम सिंह मटोरड़ा, जगमोहन सिंह, डा. दर्शन पाल, सतवंत सिंह, करनैल सिंह आदि ने सरकार से मांग की कि साउनी की फसलों खास करके पैड़ी का 2200 रुपये, नरमे का 10 हजार रुपये और गन्ने का 400 रुपये प्रति क्विंटल भाव दिया जाए।
खरीद के समय धान की नमी 17 प्रतिशत से 19 प्रतिशत की जाए और आबादकारों को आबाद की गई जमीनों के मालिकी के हक देने, किसानों के सिर चढ़े कर्जे सिरे से माफ करने की मांगें भी किसानों ने प्रमुखता से उठाईं।
हाउसफेड और खेतीबाड़ी विकास बैंक, की ओर से उगराही लेने के लिए किसानों को पुलिस लेकर डराने-धमकाने और जमीन की कुर्की करने का भी इस मौके पर जमकर विरोध किया गया।
किसानों ने इस मौके पर नया कर्ज कानून बनाने, खेती लागत कम करने के लिए डीजल, खेती मशीनरी, खादें, कीट नाशक दवाएं सस्ती करने की मांग की।
किसानों को उनके उत्पादों की सीधी अदायगी करने, आढ़तियों का सूदखोरी का धंधा बंद करने, खेती मोटरों के लिए वीडीएस की फीस 1200 रुपये प्रति हार्स पावर करने की भी मांग की गई।
उन्होंने कहा कि मांगें जल्द पूरी न होने पर अलग-अलग तारीखों पर विभिन्न विधायकों के दफ्तरों व घरों के आगे प्रदर्शन करने का अल्टीमेटम दिया गया।
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इस मौके पर किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने सरकार से किसानों के सिर चढ़े कर्ज माफ करने और किसानों को उनके खेती उत्पादों के वाजिब दाम दिए जाने की मांग की।
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इस मौके पर राजपुरा के विधायक एवं जिला कांग्रेस कमेटी देहाती के प्रधान हरदियाल सिंह कंबोज ने पहुंच कर किसानों से मांग पत्र हासिल किया। कंबोज ने भरोसा दिलाया कि किसानों की जायज मांगों को विधानसभा में उठाया जाएगा।
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यूनियन के नुमाइंदों राम सिंह मटोरड़ा, जगमोहन सिंह, डा. दर्शन पाल, सतवंत सिंह, करनैल सिंह आदि ने सरकार से मांग की कि साउनी की फसलों खास करके पैड़ी का 2200 रुपये, नरमे का 10 हजार रुपये और गन्ने का 400 रुपये प्रति क्विंटल भाव दिया जाए।
खरीद के समय धान की नमी 17 प्रतिशत से 19 प्रतिशत की जाए और आबादकारों को आबाद की गई जमीनों के मालिकी के हक देने, किसानों के सिर चढ़े कर्जे सिरे से माफ करने की मांगें भी किसानों ने प्रमुखता से उठाईं।
हाउसफेड और खेतीबाड़ी विकास बैंक, की ओर से उगराही लेने के लिए किसानों को पुलिस लेकर डराने-धमकाने और जमीन की कुर्की करने का भी इस मौके पर जमकर विरोध किया गया।
किसानों ने इस मौके पर नया कर्ज कानून बनाने, खेती लागत कम करने के लिए डीजल, खेती मशीनरी, खादें, कीट नाशक दवाएं सस्ती करने की मांग की।
किसानों को उनके उत्पादों की सीधी अदायगी करने, आढ़तियों का सूदखोरी का धंधा बंद करने, खेती मोटरों के लिए वीडीएस की फीस 1200 रुपये प्रति हार्स पावर करने की भी मांग की गई।
उन्होंने कहा कि मांगें जल्द पूरी न होने पर अलग-अलग तारीखों पर विभिन्न विधायकों के दफ्तरों व घरों के आगे प्रदर्शन करने का अल्टीमेटम दिया गया।