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दुखद: श्री गुरु ग्रंथ साहिब का हिंदी में अनुवाद करने वाले डॉ. जोध सिंह का निधन, कैप्टन अमरिंदर ने जताया शोक
Sun, 20 Jun 2021 10:42 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला
Published by: Vikas Kumar
Updated Sun, 20 Jun 2021 10:42 PM IST
सार
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने डॉ. जोध सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करते इसे सिख साहित्य क्षेत्र के लिए एक बड़ी क्षति बताया है। कैप्टन ने कहा कि डॉ. जोध सिंह के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है।
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डॉ. जोध सिंह
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
पंजाबी यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर एवं सिख विश्वकोष के मुख्य संपादक, प्रोफेसर ऑफ सिखइज्म डॉ. जोध सिंह (70) का रविवार को पटियाला में उनके निवास स्थान पर निधन हो गया। पिछले कुछ समय से वह बीमार थे। उनके परिवार में पत्नी व बेटा है।
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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने डॉ. जोध सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करते इसे सिख साहित्य क्षेत्र के लिए एक बड़ी क्षति बताया है। कैप्टन ने कहा कि डॉ. जोध सिंह के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। मुख्यमंत्री ने प्रार्थना करते कहा कि वाहेगुरु बिछड़ी आत्मा को अपने चरणों में स्थान दे और परिवार को यह दुख सहने की शक्ति दें।
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डॉ. जोध सिंह ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से दर्शन शास्त्र व अंग्रेजी में मास्टर डिग्री प्राप्त की थी। वह पंजाबी यूनिवर्सिटी के सिख विश्वकोष विभाग में बतौर प्रोफेसर नियुक्त हुए। उन्होंने सिख चिंतन, दर्शन व गुरबाणी पर विस्तारपूर्वक काम किया। उनके द्वारा किए महत्वपूर्ण कार्यों में श्री गुरु ग्रंथ साहिब का हिंदी में अनुवाद और वारां भाई गुरदास जी का अंग्रेजी में अनुवाद शामिल है, जिसे सभी हमेशा याद रखेंगे। डॉ. जोध सिंह ने दशम ग्रंथ की वाणियों पर महत्वपूर्ण काम किए। साथ ही उन्होंने भारत के विभिन्न राज्यों में जाकर अखिल भारतीय पंजाबी कॉन्फ्रेंस को सफलतापूर्वक कराया।
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