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एईटीसी का ड्राइवर रिश्वत लेने का दोषी करार
ब्यूरो,अमर उजाला/पटियाला
Updated Thu, 01 Sep 2016 04:12 PM IST
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एडिशनल सेशन जज परमिंदर सिंह ग्रेवाल की अदालत ने एक्साइज विभाग के एईटीसी के ड्राइवर को अपने अफसर के नाम पर रिश्वत लेने के मामले में दोषी करार दिया है।
उसके खिलाफ 2014 में थाना विजिलेंस में मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में स्थानीय रणजीत नगर के निवासी ऋषिपाल सिंह उर्फ जसपाल सिंह को सजा बाद में सुनाई जाएगी।
ऋषिपाल के खिलाफ विजिलेंस के पास शिकायत देकर सुनाम नजदीकी गांव तरंजी खेड़ा के निवासी एक ट्रक ड्राइवर सुखदेव सिंह ने मामला दर्ज कराया था। शिकायतकर्ता अपनी गाड़ियों के जरिये सामान की लदवाई का काम करता है। उसका कहना था कि उसकी ओर से लादे जाते माल के बिल कम-ज्यादा होने या माल का मालिक न होने करके पंजाब एक्साइज विभाग के अधिकारी पड़ताल के दौरान कई बार पैसे लेते थे।
ऋषिपाल सिंह उर्फ जसपाल सिंह एईटीसी मोबाइल विंग के ड्राइवर के तौर पर तैनात होने करके उनको लगातार तंग करता आ रहा था। उसने अपने अफसर के नाम पर वगार के तौर पर शिकायतकर्ता की ओर से 20 हजार की मांग की थी और यह 20 हजार की राशि दिए जाने के समय विजिलेंस की टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया था।
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उसके खिलाफ 2014 में थाना विजिलेंस में मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में स्थानीय रणजीत नगर के निवासी ऋषिपाल सिंह उर्फ जसपाल सिंह को सजा बाद में सुनाई जाएगी।
ऋषिपाल के खिलाफ विजिलेंस के पास शिकायत देकर सुनाम नजदीकी गांव तरंजी खेड़ा के निवासी एक ट्रक ड्राइवर सुखदेव सिंह ने मामला दर्ज कराया था। शिकायतकर्ता अपनी गाड़ियों के जरिये सामान की लदवाई का काम करता है। उसका कहना था कि उसकी ओर से लादे जाते माल के बिल कम-ज्यादा होने या माल का मालिक न होने करके पंजाब एक्साइज विभाग के अधिकारी पड़ताल के दौरान कई बार पैसे लेते थे।
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ऋषिपाल सिंह उर्फ जसपाल सिंह एईटीसी मोबाइल विंग के ड्राइवर के तौर पर तैनात होने करके उनको लगातार तंग करता आ रहा था। उसने अपने अफसर के नाम पर वगार के तौर पर शिकायतकर्ता की ओर से 20 हजार की मांग की थी और यह 20 हजार की राशि दिए जाने के समय विजिलेंस की टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया था।
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