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सिर पर पानी ढोने को मजबूर महिलाएं
ब्यूरो, अमर उजाला, संगरूर
Updated Wed, 06 Jul 2016 05:10 PM IST
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संगरूर के गांव अलीशेर में सिर पर पानी ढो कर लाती महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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जिले के अलीशेर गांव के लोगों को पानी की खातिर कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। आलम यह है कि गांव की महिलाएं करीब 11 साल से अपने सिर पर पानी ढोहने को मजबूर हैं। गांव में लोगों को पानी मुहैया कराने को लाखों रुपये खर्च करके बनाया वाटर वर्कर्स सफेद हाथी साबित हो रहा है।
गांववासी अमरजीत शर्मा, रविंदर शर्मा, विक्की शर्मा पंच ने बताया कि गांव में वाटर वर्कर्स होने के बावजूद गांव की महिलाओं को रोजाना पीने के लिए पानी दूर से अपने सिरों पर ढोहना पड़ता है। यह क्रम पिछले ग्यारह साल से चल रहा है। महिलाएं अपने घर के कामकाज और पीने के लिए पास से गुजरती घग्गर ब्रांच के पास लगे सबमर्सिबल पंप से पानी लेकर आती हैं। गांव में जन सेहत विभाग की तरफ से लाखों रुपये खर्च करके बनाया जलघर चालू नहीं हो पाया।
गांववासियों ने आरोप लगाया कि विभाग उन्हें पानी यह कहकर मुहैया कराने से अपने हाथ पीछे खींच लेता है कि गांव के पानी के सैंपल फेल हो चुके हैं। पानी की सप्लाई गांव में शुरू कराने से पहले आरओ सिस्टम लगाना जरूरी है। गांववासियों ने कहा कि उन्हें सिर्फ पानी चाहिए। चाहे वो आरओ का हो या ट्यूबवेल का।
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वाटर सप्लाई विभाग के एसडीओ गुरविंदर सिंह ढींढसा का कहना है कि इस गांव के पानी के दो सैंपल जांच के भेजे हुए हैं। इसमें से एक की रिपोर्ट आ गई है जो पास है और दूसरे सैंपल की रिपोर्ट आना बाकी है। दूसरी रिपोर्ट पास होने के बाद इसके लिए ग्रांट लेने संबंधी लिखकर भेजा जाएगा। ग्रांट आने के बाद जल्द पाइप लाइन बिछाकर वाटर वर्कर्स चालू कर दिया जाएगा।
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गांववासी अमरजीत शर्मा, रविंदर शर्मा, विक्की शर्मा पंच ने बताया कि गांव में वाटर वर्कर्स होने के बावजूद गांव की महिलाओं को रोजाना पीने के लिए पानी दूर से अपने सिरों पर ढोहना पड़ता है। यह क्रम पिछले ग्यारह साल से चल रहा है। महिलाएं अपने घर के कामकाज और पीने के लिए पास से गुजरती घग्गर ब्रांच के पास लगे सबमर्सिबल पंप से पानी लेकर आती हैं। गांव में जन सेहत विभाग की तरफ से लाखों रुपये खर्च करके बनाया जलघर चालू नहीं हो पाया।
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गांववासियों ने आरोप लगाया कि विभाग उन्हें पानी यह कहकर मुहैया कराने से अपने हाथ पीछे खींच लेता है कि गांव के पानी के सैंपल फेल हो चुके हैं। पानी की सप्लाई गांव में शुरू कराने से पहले आरओ सिस्टम लगाना जरूरी है। गांववासियों ने कहा कि उन्हें सिर्फ पानी चाहिए। चाहे वो आरओ का हो या ट्यूबवेल का।
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वाटर सप्लाई विभाग के एसडीओ गुरविंदर सिंह ढींढसा का कहना है कि इस गांव के पानी के दो सैंपल जांच के भेजे हुए हैं। इसमें से एक की रिपोर्ट आ गई है जो पास है और दूसरे सैंपल की रिपोर्ट आना बाकी है। दूसरी रिपोर्ट पास होने के बाद इसके लिए ग्रांट लेने संबंधी लिखकर भेजा जाएगा। ग्रांट आने के बाद जल्द पाइप लाइन बिछाकर वाटर वर्कर्स चालू कर दिया जाएगा।