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बंदी सिखों की रिहाई के लिए केंद्र से करेंगे बात: ज्ञानी गुरबचन सिंह

Mon, 06 Mar 2017 03:12 PM IST
पटियाला
पटियाला Updated Mon, 06 Mar 2017 03:12 PM IST
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Akal Takht Sahib, the chief Jathedar Giani Gurbachan Singh, SGPC, Centre, Patiala
पटियाला की सेंट्रल जेल में सजायाफ्ता बलवंत सिंह राजोआना से मुलाकात करते श्री अकाल तख्त साहिब के मुख्य जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह। - फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय जेल में पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के दोष में सजायाफ्ता बलवंत सिंह राजोआना से श्री अकाल तख्त साहिब के मुख्य जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने मुलाकात की। उन्होंने कहा कि जेलों में सजाएं पूरी करने के बावजूद बंद सिख कैदियों की रिहाई के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के जरिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ बातचीत की जाएगी। इस संबंधी पुष्टि राजोआना की बहन कमलदीप कौर ने अपने फेसबुक अकाउंट पर की है।
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कमलदीप कौर ने अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट शेयर की है जिसमें उन्होंने बताया कि श्री अकाल तख्त साहिब के मुख्य जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने बलवंत सिंह राजोआना के साथ केंद्रीय जेल में जाकर मुलाकात की। शेयर की गई पोस्ट के मुताबिक ज्ञानी गुरबचन सिंह ने बलवंत सिंह राजोआना का हालचाल पूछा।
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इसके बाद राजोआना ने अपनी फांसी की सजा से संबंधित एसजीपीसी की ओर से राष्ट्रपति के पास डाली गई अपील और सजाएं पूरी कर चुके बंदी सिखों की रिहाई के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय तक पहुंच करने संबंधी बातचीत की। मौके पर ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि कुछ कारणों के चलते देरी हुई है लेकिन जल्द ही एसजीपीसी के जरिए प्रयास किए जाएंगे।
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