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‘पंजाब आप को दिल्ली दरबार कर रहा कंट्रोल’
ब्यूरो, अमर उजाला, पटियाला
Updated Thu, 02 Jun 2016 09:46 PM IST
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आम आदमी पार्टी
- फोटो : डेमो फोटो
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पटियाला से सांसद डा. धर्मवीर गांधी ने आप के वरिष्ठ नेता संजय सिंह की ओर से दिए उस बयान की कड़ी शब्दों में निंदा की है जिसमें उन्होंने कहा है कि जिस तरह आप वालंटियरों ने दिल्ली चुनाव में मदद की थी उसी तरह उनकी अगुवाई में आप के दिल्ली से आए लीडर 2017 के विस चुनाव के संबंध में पंजाब में पार्टी की मजबूती व प्रचार के लिए काम कर रहे हैं।
वीरवार को जारी बयान में डा. गांधी ने इस तुलना को कोरा झूठ और तर्कहीन करार दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पंजाब के आप वालंटियरों व लीडरों की ओर से की गई मदद और पंजाब में पार्टी को दिल्ली दरबार की ओर से कंट्रोल करने में बुनियादी तौर पर फर्क है। पंजाब वालंटियरों ने दिल्ली चुनाव में आप के उम्मीदवारों की मदद के लिए नारे लगाए, पंफलेट बांटे, पोस्टर लगाए, साधन जुटाए और प्रचार मुहिम छेड़ने का काम किया जबकि फैसला लेने का काम दिल्ली आधारित लीडरशिप के हाथ में रहा जो ठीक था। पंजाब में यह स्थिति बिल्कुल विपरीत है।
पंजाब आधारित लीडरशिप व वालंटियर पूरी तरह से ताकत विहीन हैं। संजय सिंह व दुर्गेश पाठक की जोड़ी की अगुवाई में दिल्ली से आए लीडर स्थानीय वालंटियरों पर मालिकों की तरह राज कर रहे हैं। साथ ही पार्टी में नई भरती करने से लेकर टिकटों के बंटवारे करने तक जैसे हर तरह के महत्वपूर्ण सियासी फैसले लेने तक के अधिकार इस्तेमाल कर रहे हैं। डा. गांधी ने कहा कि वह संघीय ढांचे और जमहूरी भावना के साथ हो रहे किसी भी धक्के के खिलाफ लगातार आवाज बुलंद करते रहेंगे।
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वीरवार को जारी बयान में डा. गांधी ने इस तुलना को कोरा झूठ और तर्कहीन करार दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पंजाब के आप वालंटियरों व लीडरों की ओर से की गई मदद और पंजाब में पार्टी को दिल्ली दरबार की ओर से कंट्रोल करने में बुनियादी तौर पर फर्क है। पंजाब वालंटियरों ने दिल्ली चुनाव में आप के उम्मीदवारों की मदद के लिए नारे लगाए, पंफलेट बांटे, पोस्टर लगाए, साधन जुटाए और प्रचार मुहिम छेड़ने का काम किया जबकि फैसला लेने का काम दिल्ली आधारित लीडरशिप के हाथ में रहा जो ठीक था। पंजाब में यह स्थिति बिल्कुल विपरीत है।
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पंजाब आधारित लीडरशिप व वालंटियर पूरी तरह से ताकत विहीन हैं। संजय सिंह व दुर्गेश पाठक की जोड़ी की अगुवाई में दिल्ली से आए लीडर स्थानीय वालंटियरों पर मालिकों की तरह राज कर रहे हैं। साथ ही पार्टी में नई भरती करने से लेकर टिकटों के बंटवारे करने तक जैसे हर तरह के महत्वपूर्ण सियासी फैसले लेने तक के अधिकार इस्तेमाल कर रहे हैं। डा. गांधी ने कहा कि वह संघीय ढांचे और जमहूरी भावना के साथ हो रहे किसी भी धक्के के खिलाफ लगातार आवाज बुलंद करते रहेंगे।
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