एसजीपीसी नहीं ढूंढ पाई बाबा मोती राम का निवास

Patiala Updated Sat, 15 Dec 2012 05:30 AM IST
फतेहगढ़ साहिब। सरहिंद की धरती पर साहिब ए कमाल, सरबंस दानी, दशमेश पिता साहिब श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह, बाबा फतेह सिंह व गुरु साहिब की माता गुजरी जी को सूबा सरहिंद की कैद में दूध आदि मुहैया करवाने वाले शहीद बाबा मोती राम मेहरा के निवास के बारे में एसजीपीसी पता नहीं लगा पाई है। विद्वानों का मानना है कि यह स्थान पुरानी सरहिंद में ही कहीं स्थित है।
दिसंबर 1704 में दशम पिता के छोटे साहिबजादों और माताश्री ने सरहिंद के सूबेदार वजीर खां के आगे हार न मानते हुए धर्म की खातिर अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। धर्म की खातिर कुर्बानियों की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सूबा सरहिंद के दो मुलाजिमों बाबा मोती राम मेहरा और दीवान टोडर मल को भी सूबा सरहिंद ने गुरु माता व साहिबजादो की सहायता करने के आरोप में शहीद करवा दिया था।
बाबा मोती राम मेहरा सूबा सरहिंद की जेल की रसोईघर के एक अदने से कर्मचारी थे। सूबा सरहिंद ने गुरु पुत्रों व माता गुजरी जी को 10 पौष से 12 पौष (दिसंबर) 1704 की रात तक सरहिंद में ठंडे बुर्ज में कैद कर रखा था। 13 पौष को उन्हें दीवारों में चुनवा दिया था। गुरु साहिब के साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह की उम्र उस वक्त केवल 9 वर्ष की थी जबकि बाबा फतेह सिंह मात्र सात वर्ष के थे। बाबा मोती राम मेहरा ने जान जोखिम में डाल कर गुरु पुत्रों व माता जी को दूध पिलाने की सेवा की थी। बाद में सूबा सरहिंद ने उनका व उनके परिवार का नामोनिशान ही मिटा दिया था।
दीवान टोडर मल सूबा सरहिंद के दरबार में एक उच्च पद पर तैनात अधिकारी थे। उन्होंने अपनी सारी जायदाद बेच कर गुरु पुत्रों व माता जी के अंतिम संस्कार के लिए जमीन खरीदी और संस्कार किया था। उनको भी बाद में सूबा सरहिंद ने सपरिवार कोल्हू में पिड़वा दिया था।
गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब के मुख्य ग्रंथी भाई साहिब भाई हरपाल सिंह कहते हैं, ‘बाबा मोती राम मेहरा व दीवान टोडर मल की कुर्बानी को भी कम करके नहीं माना जाता। ये दोनों कौम के शहीद हैं।’ दीवान टोडर मल की जहाजी हवेली के खंडहर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने अपने अधीन लेकर उसका निर्माण शुरू करवा दिया है। लेकिन बाबा मोती राम मेहरा का निवास खोजने में कमेटी अभी तक सफल नहीं हो सकी है। बाबा मोती राम मेहरा के नाम से एक गुरुद्वारा फतेहगढ़ साहिब में रोजा शरीफ के सामने कुछ साल पहले बना दिया गया है, लेकिन उनका निवास ढूंढना और उसकी देख रेख करना अति आवश्यक है।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ने अमर उजाला से कहा, ‘शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने कौम के महान शहीद बाबा मोती राम मेहरा की याद को समर्पित एक गुरुद्वारा फतेहगढ़ साहिब में बनाया है लेकिन उनका निवास स्थान अभी हम नहीं खोज पाए हैं। जल्दी ही उनका निवास स्थान ढूंढ लिया जाएगा।’

Spotlight

Most Read

Jharkhand

चारा घोटाले में लालू की नई मुसीबत, चाईबासा कोषागार मामले में आज आएगा फैसला

चारा घोटाला मामले में रांची की स्पेशल सीबीआई कोर्ट बुधवार को सुनवाई करेगी। स्पेशल कोर्ट जज एस एस प्रसाद इस मामले में फैसला देंगे।

24 जनवरी 2018

Related Videos

अमानवीय : दिल-दहला देगा सड़क हादसे का ये वीडियो

पंजाब के मोहाली में एक रोड एक्सीडेंट हुआ और उसके बाद जो हुआ वो दिल दहला देने वाला था। दरअसल एक्सीडेंट के बाद गाड़ी उस शख्स को तकरीबन एक किलोमीटर तक घसीटकर ले गई।

25 सितंबर 2017

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper