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यहां किसे मासूमों की हिफाजत की परवाह
पठानकोट ।
Updated Sat, 26 Jul 2014 11:00 PM IST
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बीते दिनों सरना नहर के पास हुए हादसे के बाद भी स्कूली बच्चों को स्कूल ले जाने और वापस घर छोड़ने के मामले में सुरक्षा की अनदेखी का सिलसिला जारी है। हालांकि शहर में शनिवार को भी कुछ स्थानों पुलिस ने बच्चों को स्कूल ले जाने और उन्हें वापस घर छोड़ने वाले ऑटो चालकों की मनमानी पर अंकुश लगाने की कोशिश की। इसके तहत ओवरलोड ऑटो आउंड किए गए। बावजूद इसके ऑटो चालकों का रवैया बदलता नजर नहीं आया।
शहर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा के मामले में विद्यालय स्तर से भी गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। दूसरी ओर लगातार हो रहे हादसों के बाद ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस सक्रियता के दावे कर रही है। पुलिस की ओर से ओेवरलोड वाहनों को बाउंड किया जा रहा है।
इस बीच पुलिस की सक्रियता की असलियत जानने के लिए शनिवार को ‘अमर उजाला’ की टीम ने स्कूलों में छुट्टी होने पर शहर के यातायात का जायजा लिया। इस बीच हर बार की तरह सड़कों पर वहीं नजारा देखने को मिला। रोजाना की तरह शनिवार को भी क्षमता से अधिक बच्चों से भरे ऑटो सड़कों पर दौड़ते नजर आए।
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शनिवार को पुलिस द्वारा बाउंड किए गए ऑटो (पीबी-35-क्यू-7870) को पुलिस स्टेशन लाया गया, तो उसमें बैठे स्कूली बच्चों ने डरकर रोना शुरू कर दिया। एएसआई नछत्तर सिंह ने पुलिस कर्मियों से कहा कि दो खाली ऑटो मंगवा कर ड्राइवर को साथ ले जाओ व बच्चों को उनके घरों छोड़ पहुंचाओ।
मगर ऑटो ड्राइवर तिलक राज ने पुलिस की एक न मानी। साफ मना कर दिया कि वह और किसी अन्य ऑटो से बच्चों को छोड़ने नहीं जाएगा। आखिरकार पुलिस ने ऑटो ड्राइवर की बात मानकर उसी ऑटो में 16 बच्चों को दोबारा उनके घर रवाना कर दिया।
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शहर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा के मामले में विद्यालय स्तर से भी गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। दूसरी ओर लगातार हो रहे हादसों के बाद ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस सक्रियता के दावे कर रही है। पुलिस की ओर से ओेवरलोड वाहनों को बाउंड किया जा रहा है।
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इस बीच पुलिस की सक्रियता की असलियत जानने के लिए शनिवार को ‘अमर उजाला’ की टीम ने स्कूलों में छुट्टी होने पर शहर के यातायात का जायजा लिया। इस बीच हर बार की तरह सड़कों पर वहीं नजारा देखने को मिला। रोजाना की तरह शनिवार को भी क्षमता से अधिक बच्चों से भरे ऑटो सड़कों पर दौड़ते नजर आए।
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शनिवार को पुलिस द्वारा बाउंड किए गए ऑटो (पीबी-35-क्यू-7870) को पुलिस स्टेशन लाया गया, तो उसमें बैठे स्कूली बच्चों ने डरकर रोना शुरू कर दिया। एएसआई नछत्तर सिंह ने पुलिस कर्मियों से कहा कि दो खाली ऑटो मंगवा कर ड्राइवर को साथ ले जाओ व बच्चों को उनके घरों छोड़ पहुंचाओ।
मगर ऑटो ड्राइवर तिलक राज ने पुलिस की एक न मानी। साफ मना कर दिया कि वह और किसी अन्य ऑटो से बच्चों को छोड़ने नहीं जाएगा। आखिरकार पुलिस ने ऑटो ड्राइवर की बात मानकर उसी ऑटो में 16 बच्चों को दोबारा उनके घर रवाना कर दिया।