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Mohali News: एमपी में तैयार हथियार यूपी के सप्लायर पंजाब में गैंगस्टरों तक पहुंचा रहे
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मोहाली में बरामद 10 पिस्टल और 20 कारतूस की जांच कर रही पुलिस, इंदौर और रामपुर शहर के नाम आ रहे सामने
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। पंजाब में गैंगस्टरों तक हथियारों की अवैध आपूर्ति का कारोबार लगातार सामने आ रहा है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से हथियारों की एक अंतरराज्यीय सप्लाई चेन मोहाली तक फैली हुई है। अक्तूबर 2026 में खरड़ में तीन आरोपियों से 10 पिस्टल और 20 कारतूस बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, अक्तूबर 2026 में सीआईए स्टाफ खरड़ ने सचिन उर्फ बच्ची, महकदीप सिंह उर्फ महिक और हरमनप्रीत सिंह उर्फ हनी को गिरफ्तार किया था। इन आरोपियों से कुल 10 पिस्टल और 20 कारतूस बरामद हुए थे। ये मध्य प्रदेश के इंदौर और उत्तर प्रदेश के रामपुर के विभिन्न इलाकों से हथियार खरीदकर मोहाली, खरड़ और आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई करते थे। जांच का अहम पहलू यह है कि इन आरोपियों ने पहले भी हथियार खरीदे और पंजाब में अलग-अलग जिलों के लोगों तक पहुंचाए। इनके कथित गैंगस्टर कनेक्शन और अन्य आपराधिक मामलों की भी जांच की जा रही है। कार्रवाई केवल हथियार लेकर घूमने वाले आरोपियों तक सीमित नहीं रह सकती। असली चुनौती हथियार बनाने वालों, सप्लायरों, बिचौलियों और स्थानीय खरीदारों की पूरी कड़ी तक पहुंचना है।
अंतरराज्यीय नेटवर्क के पुराने मामले
पिछले तीन सालों में ऐसे कई बड़े मामले सामने आए हैं, जो इस नेटवर्क की पड़ताल को जरूरी बनाते हैं। अक्तूबर 2025 में मोहाली पुलिस ने कथित पपला गुर्जर गैंग से जुड़े हथियार सप्लाई नेटवर्क के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उस समय पुलिस ने पांच पिस्टल, कारतूस, नकदी और दो वाहन बरामद किए थे। जुलाई 2024 में मोहाली पुलिस ने अंतरराज्यीय हथियार सप्लाई नेटवर्क का खुलासा करते हुए 22 पिस्टल और दो बंदूकें बरामद की थीं। मेरठ निवासी एक कथित हथियार सप्लायर मध्य प्रदेश से हथियार मंगाकर पंजाब में गैंगस्टरों तक पहुंचाता था। नवंबर 2022 में मध्य प्रदेश के उमरती गांव से दो कथित हथियार सप्लायरों की गिरफ्तारी हुई थी, जिससे एक अवैध हथियार इकाई का भी पता चला था।
अवैध हथियारों की कीमत और बिक्री
पुलिस की पुरानी रिपोर्टों में अवैध हथियारों की कीमतों में बड़ा अंतर सामने आया था। जून 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, देसी कट्टे की कीमत 2,500 से 15 हजार रुपये तक होती है। मध्य प्रदेश से आने वाली पिस्टल सप्लायर स्तर पर 20 हजार से 30 हजार रुपये में मिलती है। कथित तौर पर गैंगस्टरों को बेची जाने वाली पिस्टल की कीमत 40 हजार से 60 हजार रुपये तक बताई गई थी। बेहतर गुणवत्ता वाली पिस्टलों की कीमत 1 से डेढ़ लाख रुपये तक पहुंच जाती है।
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पुलिस का समन्वय और आगे की जांच
मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से हथियारों के तस्करों की जांच शुरू कर दी गई है। मोहाली पुलिस ने दोनों राज्यों की पुलिस से इस मामले को लेकर समन्वय स्थापित किया है। जल्द ही हथियार तस्करों को काबू कर मोहाली लाया जाएगा। यह कार्रवाई अंतरराज्यीय नेटवर्क को तोड़ने के लिए महत्वपूर्ण है। पुलिस का लक्ष्य इस अवैध कारोबार की जड़ तक पहुंचना है। - वरुण शर्मा, एसएसपी, मोहाली
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। पंजाब में गैंगस्टरों तक हथियारों की अवैध आपूर्ति का कारोबार लगातार सामने आ रहा है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से हथियारों की एक अंतरराज्यीय सप्लाई चेन मोहाली तक फैली हुई है। अक्तूबर 2026 में खरड़ में तीन आरोपियों से 10 पिस्टल और 20 कारतूस बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, अक्तूबर 2026 में सीआईए स्टाफ खरड़ ने सचिन उर्फ बच्ची, महकदीप सिंह उर्फ महिक और हरमनप्रीत सिंह उर्फ हनी को गिरफ्तार किया था। इन आरोपियों से कुल 10 पिस्टल और 20 कारतूस बरामद हुए थे। ये मध्य प्रदेश के इंदौर और उत्तर प्रदेश के रामपुर के विभिन्न इलाकों से हथियार खरीदकर मोहाली, खरड़ और आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई करते थे। जांच का अहम पहलू यह है कि इन आरोपियों ने पहले भी हथियार खरीदे और पंजाब में अलग-अलग जिलों के लोगों तक पहुंचाए। इनके कथित गैंगस्टर कनेक्शन और अन्य आपराधिक मामलों की भी जांच की जा रही है। कार्रवाई केवल हथियार लेकर घूमने वाले आरोपियों तक सीमित नहीं रह सकती। असली चुनौती हथियार बनाने वालों, सप्लायरों, बिचौलियों और स्थानीय खरीदारों की पूरी कड़ी तक पहुंचना है।
अंतरराज्यीय नेटवर्क के पुराने मामले
पिछले तीन सालों में ऐसे कई बड़े मामले सामने आए हैं, जो इस नेटवर्क की पड़ताल को जरूरी बनाते हैं। अक्तूबर 2025 में मोहाली पुलिस ने कथित पपला गुर्जर गैंग से जुड़े हथियार सप्लाई नेटवर्क के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उस समय पुलिस ने पांच पिस्टल, कारतूस, नकदी और दो वाहन बरामद किए थे। जुलाई 2024 में मोहाली पुलिस ने अंतरराज्यीय हथियार सप्लाई नेटवर्क का खुलासा करते हुए 22 पिस्टल और दो बंदूकें बरामद की थीं। मेरठ निवासी एक कथित हथियार सप्लायर मध्य प्रदेश से हथियार मंगाकर पंजाब में गैंगस्टरों तक पहुंचाता था। नवंबर 2022 में मध्य प्रदेश के उमरती गांव से दो कथित हथियार सप्लायरों की गिरफ्तारी हुई थी, जिससे एक अवैध हथियार इकाई का भी पता चला था।
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अवैध हथियारों की कीमत और बिक्री
पुलिस की पुरानी रिपोर्टों में अवैध हथियारों की कीमतों में बड़ा अंतर सामने आया था। जून 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, देसी कट्टे की कीमत 2,500 से 15 हजार रुपये तक होती है। मध्य प्रदेश से आने वाली पिस्टल सप्लायर स्तर पर 20 हजार से 30 हजार रुपये में मिलती है। कथित तौर पर गैंगस्टरों को बेची जाने वाली पिस्टल की कीमत 40 हजार से 60 हजार रुपये तक बताई गई थी। बेहतर गुणवत्ता वाली पिस्टलों की कीमत 1 से डेढ़ लाख रुपये तक पहुंच जाती है।
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पुलिस का समन्वय और आगे की जांच
मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से हथियारों के तस्करों की जांच शुरू कर दी गई है। मोहाली पुलिस ने दोनों राज्यों की पुलिस से इस मामले को लेकर समन्वय स्थापित किया है। जल्द ही हथियार तस्करों को काबू कर मोहाली लाया जाएगा। यह कार्रवाई अंतरराज्यीय नेटवर्क को तोड़ने के लिए महत्वपूर्ण है। पुलिस का लक्ष्य इस अवैध कारोबार की जड़ तक पहुंचना है। - वरुण शर्मा, एसएसपी, मोहाली