{"_id":"5e28af928ebc3e7d663b16a9","slug":"vip-city-becomes-danger-zone-due-to-rising-dog-bite-incidents-no-improvement-mohali-news-pkl3640389119","type":"story","status":"publish","title_hn":"बढ़ती डॉग बाइट की घटनाओं से वीआईपी सिटी बना डेंजर जोन जैसा, कोई सुधार नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बढ़ती डॉग बाइट की घटनाओं से वीआईपी सिटी बना डेंजर जोन जैसा, कोई सुधार नहीं
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मोहाली। पंजाब के वीआईपी जिले में लावारिस कुत्तों केे काटने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। यहां आए दिन बढ़ती डॉग बाइट की घटनाओं के कारण मोहाली शहर की स्थिति डेंजर जोन जैसी हो गई है। जबकि प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। जबकि हर हफ्ते कुत्तों के काटने के 10 से 15 मामले सामने आ रहे हैं। मोहाली जिले के अंतर्गत आता शहरी एरिया काफी बढ़ गया है। इसके साथ ही लावारिस कुत्तों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से पहले ही पशु पालन विभाग और निगम को मिलकर इस समस्या से निपटने के लिए कहा गया था। लेकिन मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। जबकि मोहाली नगर निगम की हाउस की मीटिंग में कई बार यह मामला गूंज चुका है।
शहर के पार्षद तो लावारिस कुत्तों के काटने की घटनाओं को लेकर इसे आतंकवाद से बड़ा मुद्दा बता चुके हैं। साथ ही निगम अधिकारियों से मांग की गई थी कि आवारा कुत्तों से निजात पाने के लिए उचित रास्ता निकालने के लिए एक प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा जाए, ताकि लोगों को परेशानी न उठानी पड़े।
निगम के हाउस की हर मीटिंग में आवारा कुत्तों का मुद्दा जोर-शोर से तो उठता आ रहा है, लेकिन पार्षदों के तमाम सुझाव और प्रस्ताव ठंडे बस्ते में पड़े हैं। मंगलवार को फेज 9 में एक एनआरआई महिला को आवारा कुत्ते के काटने के बाद एक बार फिर शहर में यह मुद्दा गरमा गया है। फेज-9 में लोगों ने निगम कमिश्नर को मिलकर अपनी नाराजगी जाहिर की और एक ज्ञापन भी दिया। फेज-9 के लोगों का कहना है कि इलाके में आवार कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है और कुत्तों के काटने के मामले भी बढ़े हैं।
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फेज-9 मे एक हफ्ते में पांच को काटा
शहर के फेज-9 पिछले एक हफ्ते के दौरान ही 5 से ज्यादा लोग आवारा कुत्तों के काटने का शिकार बन चुके हैं। वहीं फेज-5 में भी आवारा कुत्तों से लोग परेशान हैं। पार्षद अरुण शर्मा आवारा कुत्तों के मामले को लगातार उठाते रहे हैं। उनका कहना है कि आवारा कुत्तों से निजात पाने के लिए ठोस नीति अपनाई जानी चाहिए। उन्होंने निगम की कार्यप्रणाली पर भी निशाना साधते हुए कहा कि लगातार सुझाव दिए जाने के बाद भी नगर निगम और प्रशासन कोई उचित कदम नहीं उठा रहा है।
स्टरलाइजेशन पर भी उठ रहे सवाल
आवारा कुत्तों की नसबंदी को लेकर भी लोगों ने सवाल उठाए। निगम का दावा है कि आवारा कुत्तों को लाकर उनकी नसबंदी की जा रही है। नियम के मुताबिक जिस कुत्ते को जहां से उठाया जाता है, नसबंदी के बाद उसे वहीं छोड़ना होता है। हालांकि लोग इसी नियम का हवाला देते हुए नसबंदी पर सवाल उठा रहे हैं। फेज-9 और 5 के लोगों का कहना है कि जब कुत्तों की नसबंदी करके उन्हें छोड़ा जा रहा है तो फिर इनकी संख्या लगातार क्यों बढ़ती जा रही है।
लावारिस पशु भी बढ़ा रहे समस्या
नगर निगम और प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद वीआईपी सिटी की सड़कों से लावारिस पशुओं की संख्या घटने का नाम नहीं ले रही। पिछले दिनों प्रशासन ने मोहाली नगर निगम और जिले की नगर काउंसिलों के साथ मीटिंग करके इस समस्या के समाधान के लिए दिशा-निर्देश दिए थे। इसके बावजूद मोहाली की सड़कों पर लावारिस पशुओं का जमावड़ा बना हुआ है। जो लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है।
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शहर के पार्षद तो लावारिस कुत्तों के काटने की घटनाओं को लेकर इसे आतंकवाद से बड़ा मुद्दा बता चुके हैं। साथ ही निगम अधिकारियों से मांग की गई थी कि आवारा कुत्तों से निजात पाने के लिए उचित रास्ता निकालने के लिए एक प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा जाए, ताकि लोगों को परेशानी न उठानी पड़े।
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निगम के हाउस की हर मीटिंग में आवारा कुत्तों का मुद्दा जोर-शोर से तो उठता आ रहा है, लेकिन पार्षदों के तमाम सुझाव और प्रस्ताव ठंडे बस्ते में पड़े हैं। मंगलवार को फेज 9 में एक एनआरआई महिला को आवारा कुत्ते के काटने के बाद एक बार फिर शहर में यह मुद्दा गरमा गया है। फेज-9 में लोगों ने निगम कमिश्नर को मिलकर अपनी नाराजगी जाहिर की और एक ज्ञापन भी दिया। फेज-9 के लोगों का कहना है कि इलाके में आवार कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है और कुत्तों के काटने के मामले भी बढ़े हैं।
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फेज-9 मे एक हफ्ते में पांच को काटा
शहर के फेज-9 पिछले एक हफ्ते के दौरान ही 5 से ज्यादा लोग आवारा कुत्तों के काटने का शिकार बन चुके हैं। वहीं फेज-5 में भी आवारा कुत्तों से लोग परेशान हैं। पार्षद अरुण शर्मा आवारा कुत्तों के मामले को लगातार उठाते रहे हैं। उनका कहना है कि आवारा कुत्तों से निजात पाने के लिए ठोस नीति अपनाई जानी चाहिए। उन्होंने निगम की कार्यप्रणाली पर भी निशाना साधते हुए कहा कि लगातार सुझाव दिए जाने के बाद भी नगर निगम और प्रशासन कोई उचित कदम नहीं उठा रहा है।
स्टरलाइजेशन पर भी उठ रहे सवाल
आवारा कुत्तों की नसबंदी को लेकर भी लोगों ने सवाल उठाए। निगम का दावा है कि आवारा कुत्तों को लाकर उनकी नसबंदी की जा रही है। नियम के मुताबिक जिस कुत्ते को जहां से उठाया जाता है, नसबंदी के बाद उसे वहीं छोड़ना होता है। हालांकि लोग इसी नियम का हवाला देते हुए नसबंदी पर सवाल उठा रहे हैं। फेज-9 और 5 के लोगों का कहना है कि जब कुत्तों की नसबंदी करके उन्हें छोड़ा जा रहा है तो फिर इनकी संख्या लगातार क्यों बढ़ती जा रही है।
लावारिस पशु भी बढ़ा रहे समस्या
नगर निगम और प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद वीआईपी सिटी की सड़कों से लावारिस पशुओं की संख्या घटने का नाम नहीं ले रही। पिछले दिनों प्रशासन ने मोहाली नगर निगम और जिले की नगर काउंसिलों के साथ मीटिंग करके इस समस्या के समाधान के लिए दिशा-निर्देश दिए थे। इसके बावजूद मोहाली की सड़कों पर लावारिस पशुओं का जमावड़ा बना हुआ है। जो लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है।