फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   Vicky Mindukheda's brother demanded not to deposit the licensed weapon

विक्की मिंडूखेड़ा के भाई ने की लाइसेंसी हथियार जमा नहीं करवाने की मांग

Thu, 03 Feb 2022 02:03 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Thu, 03 Feb 2022 02:03 AM IST
विज्ञापन
Vicky Mindukheda's brother demanded not to deposit the licensed weapon
मोहाली। अकाली नेता विक्रमजीत सिंह विक्की उर्फ मिंडूखेड़ा के भाई अजय पाल सिंह ने निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर सुरक्षा की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि उनके परिवार को जान का खतरा सता रहा है। ऐसे में उन्हें लाइसेंसी हथियार पुलिस के पास जमा करवाने से छूट दी जाए, जिससे जरूरत पड़ने पर वह परिवार और अपनी खुद की रक्षा कर पाएं।
विज्ञापन

अजय पाल सिंह ने निर्वाचन आयोग को पत्र में लिखा है कि अगस्त 2021 में उसके छोटे भाई विक्रमजीत सिंह विक्की उर्फ मिंडूखेड़ा की दिन दहाड़े सेक्टर-71 में गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। सात महीने बीत जाने के बाद पुलिस आरोपियों को अभी तक नहीं पकड़ पाई है। जबकि उनके परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं। वह पंजाब पुलिस के सीनियर अधिकारियों को कई बार सुरक्षा देने की मांग कर चुके हैं, लेकिन उनकी किसी भी स्तर पर सुनवाई नहीं हुई।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि वह खुद राजनीति में सक्रिय हैं। उनके पिता भी शिरोमणि अकाली दल के नेता हैं। अजयपाल सिंह ने कहा कि विक्की की हत्या के बाद उनके परिवार को खतरा है। इसी खतरे के कारण वह और उनके पिता भी पार्टी के चुनाव प्रचार में हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं। इस वजह से उनका राजनीतिक करियर भी प्रभावित हो रहा है। क्योंकि वे सुरक्षा की कमी के कारण स्वतंत्र रूप से बाहर नहीं जा सकते।
विज्ञापन
विज्ञापन

बता दें कि विधानसभा चुनाव के चलते पुलिस ने सभी को अपने हथियार थानों में जमा करवाने के आदेश दिए हैं। वहीं, जिन्हें सुरक्षा आदि का डर है, उन्हें हथियार रखने की अनुमति देने के लिए एक अधिकारियों की कमेटी बनाई है, जो कि सभी चीजों का आंकलन कर यह मोहलत देती है।

ऐसे हुई थी विक्की की हत्या
7 अगस्त, 2021 को सेक्टर-71 में अकाली नेता विक्रमजीत सिंह विक्की उर्फ मिंडूखेड़ा की हत्या कर दी गई थी। उस पर 18 राउंड फायरिंग की गई थी। पुलिस डेढ़ महीने से इस हत्याकांड के आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई, फिर भी पुलिस जेल से गैंगस्टर कौशल चौधरी को हरियाणा के गुरुग्राम से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई। 23 सितंबर को पुलिस ने केस सुलझा लिया था और इस वारदात में करनाल जेल में बैठकर गैंगस्टर कौशल चौधरी ने ही अपने भगौड़े चल रहे साथियों से विक्की मिंडूखेड़ा की हत्या करवाई थी, और उसने बताया था कि आर्मिनिया में रह रहे गैंगस्टर गौरव पटियाल के इशारे पर यह हत्या की गई थी। हालांकि अभी तक गोली चलाने वाले नहीं पकड़े जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed