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Mohali News: ढकोली फाटक पर 50 ट्रेनों से लगता है जाम, जल्द आरओबी निर्माण की उठने लगी मांग
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एंबुलेंस फंसने से मरीज की जान को होता है खतरा, तीन माह से निर्माण का अटका है काम
राजेश गर्ग
जीरकपुर। ढकोली रेलवे फाटक पर रोजाना लगने वाले भीषण जाम से निजात दिलाने के लिए प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण जल्द शुरू करने की मांग तेज होने लगी है। करीब 800 मीटर लंबे और लगभग 65 करोड़ रुपये की लागत वाले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए जमीनी सर्वेक्षण हुए तीन महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में क्षेत्रवासियों की निगाहें अब परियोजना के अगले चरण पर टिकी हैं। उत्तर रेलवे और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की टीम ने करीब तीन महीने पहले वरिष्ठ अनुभाग अभियंता कमल किशोर के नेतृत्व में मौके पर पहुंचकर प्रस्तावित ओवरब्रिज की पैमाइश की थी। इस दौरान ड्राइंग और तकनीकी पहलुओं की जांच कर निर्माण की व्यवहार्यता का आकलन किया गया। सर्वे में जीरकपुर की ओर पर्याप्त जगह मिली, जबकि पीरमुछल्ला की तरफ सीमित स्थान को देखते हुए डिजाइन में बदलाव की जरूरत सामने आई। प्रस्तावित योजना के अनुसार, एमएस एन्क्लेव की ओर से आने वाले वाहनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ढकोली के पास से फ्लाईओवर पर चढ़ाने और ढकोली की ओर जाने वाले वाहनों के लिए यू-टर्न की व्यवस्था करने पर विचार किया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, ढकोली रेलवे फाटक से प्रतिदिन करीब 50 ट्रेनों का आवागमन होता है। ट्रेन गुजरने के दौरान फाटक बंद रहने से सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। इसका असर दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों और आसपास की कॉलोनियों के निवासियों पर पड़ता है। यूनिफाइड रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों सतीश शर्मा, विनोद शर्मा, मुकेश सैनी और केआर शर्मा ने मांग की कि परियोजना को जल्द शुरू कर लोगों को राहत दी जाए। चूंकि संबंधित सड़क पीडब्ल्यूडी के अधीन है, इसलिए निर्माण के दौरान रास्ता बंद होने की स्थिति में विभाग को यातायात के लिए वैकल्पिक मार्ग भी तैयार करना होगा।
कोट
ढकोली रेलवे फाटक पर प्रतिदिन करीब 50 ट्रेनें ने गुजरती है जिसके कारण बहुत ज्यादा समय रेलवे फाटक बंद रहने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यहां पर रोड ओवर ब्रिज का जल्द निर्माण समय की जरूरत है। - केआर शर्मा, अध्यक्ष, यूनिफाइड रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ढकोली।
पीरमुछल्ला और ढकोली से बलटाना या जीरकपुर को जोड़ने वाला यही एकमात्र रास्ता है जहां से प्रतिदिन हजारों की संख्या में वाहन गुजरते हैं। रेलवे फाटक बंद होने के कारण कई बार एंबुलेंस भी यहां पर फंस जाती है जो कि एक मरीज के लिए बहुत खतरनाक हो सकती है। रोड ओवर ब्रिज बनने के बाद लाखों लोगों की समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा। -डॉ. अजय यादव, अध्यक्ष, शालीमार एनक्लेव, ढकोली
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इस कार्य को आरएसपी यूनिट द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है। जीएडी को मंजूरी मिल चुकी है और डिप्टी चीफ इंजीनियर (आरएसपी) द्वारा टेंडर जारी कर दिया गया है। -यशनजीत सिंह, सीनियर डीसीएम, उत्तर रेलवे
नगर परिषद जीरकपुर की तरफ से रेलवे विभाग द्वारा किसी भी प्रकार की एनओसी की मांग नहीं की गई है। अगर उनके द्वारा किसी प्रकार की एनओसी की मांग की जाएगी तो हम तुरंत नियमों के अनुसार एनओसी जारी कर देंगे। - परविंदर सिंह भट्टी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद जीरकपुर
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राजेश गर्ग
जीरकपुर। ढकोली रेलवे फाटक पर रोजाना लगने वाले भीषण जाम से निजात दिलाने के लिए प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण जल्द शुरू करने की मांग तेज होने लगी है। करीब 800 मीटर लंबे और लगभग 65 करोड़ रुपये की लागत वाले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए जमीनी सर्वेक्षण हुए तीन महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में क्षेत्रवासियों की निगाहें अब परियोजना के अगले चरण पर टिकी हैं। उत्तर रेलवे और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की टीम ने करीब तीन महीने पहले वरिष्ठ अनुभाग अभियंता कमल किशोर के नेतृत्व में मौके पर पहुंचकर प्रस्तावित ओवरब्रिज की पैमाइश की थी। इस दौरान ड्राइंग और तकनीकी पहलुओं की जांच कर निर्माण की व्यवहार्यता का आकलन किया गया। सर्वे में जीरकपुर की ओर पर्याप्त जगह मिली, जबकि पीरमुछल्ला की तरफ सीमित स्थान को देखते हुए डिजाइन में बदलाव की जरूरत सामने आई। प्रस्तावित योजना के अनुसार, एमएस एन्क्लेव की ओर से आने वाले वाहनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ढकोली के पास से फ्लाईओवर पर चढ़ाने और ढकोली की ओर जाने वाले वाहनों के लिए यू-टर्न की व्यवस्था करने पर विचार किया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, ढकोली रेलवे फाटक से प्रतिदिन करीब 50 ट्रेनों का आवागमन होता है। ट्रेन गुजरने के दौरान फाटक बंद रहने से सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। इसका असर दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों और आसपास की कॉलोनियों के निवासियों पर पड़ता है। यूनिफाइड रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों सतीश शर्मा, विनोद शर्मा, मुकेश सैनी और केआर शर्मा ने मांग की कि परियोजना को जल्द शुरू कर लोगों को राहत दी जाए। चूंकि संबंधित सड़क पीडब्ल्यूडी के अधीन है, इसलिए निर्माण के दौरान रास्ता बंद होने की स्थिति में विभाग को यातायात के लिए वैकल्पिक मार्ग भी तैयार करना होगा।
कोट
ढकोली रेलवे फाटक पर प्रतिदिन करीब 50 ट्रेनें ने गुजरती है जिसके कारण बहुत ज्यादा समय रेलवे फाटक बंद रहने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यहां पर रोड ओवर ब्रिज का जल्द निर्माण समय की जरूरत है। - केआर शर्मा, अध्यक्ष, यूनिफाइड रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ढकोली।
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पीरमुछल्ला और ढकोली से बलटाना या जीरकपुर को जोड़ने वाला यही एकमात्र रास्ता है जहां से प्रतिदिन हजारों की संख्या में वाहन गुजरते हैं। रेलवे फाटक बंद होने के कारण कई बार एंबुलेंस भी यहां पर फंस जाती है जो कि एक मरीज के लिए बहुत खतरनाक हो सकती है। रोड ओवर ब्रिज बनने के बाद लाखों लोगों की समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा। -डॉ. अजय यादव, अध्यक्ष, शालीमार एनक्लेव, ढकोली
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इस कार्य को आरएसपी यूनिट द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है। जीएडी को मंजूरी मिल चुकी है और डिप्टी चीफ इंजीनियर (आरएसपी) द्वारा टेंडर जारी कर दिया गया है। -यशनजीत सिंह, सीनियर डीसीएम, उत्तर रेलवे
नगर परिषद जीरकपुर की तरफ से रेलवे विभाग द्वारा किसी भी प्रकार की एनओसी की मांग नहीं की गई है। अगर उनके द्वारा किसी प्रकार की एनओसी की मांग की जाएगी तो हम तुरंत नियमों के अनुसार एनओसी जारी कर देंगे। - परविंदर सिंह भट्टी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद जीरकपुर