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Mohali News: मोहाली में नहीं होगा जलभराव, नगर निगम का रोड मैप तैयार
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मोहाली। बारिश के दो सीजन के दौरान बाढ़ जैसी स्थिति होने के बाद अब नगर निगम मोहाली बारिश के सीजन के लिए अभी से तैयार हो चुका है। मोहाली नगर निगम ने एक ऐसा प्रोजेक्ट तैयार किया है जिससे मोहाली में जलभराव की स्थिति खत्म हो जाएगी। नगर निगम मोहाली ने एक कंपनी के माध्यम से सर्वे करवाया है। उस सर्वे के आधार पर देखा गया कि किन क्षेत्रों में पानी की समस्या ज्यादा होती है। इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर कंपनी ने एक मॉडल तैयार किया है, जिसके आधार पर बरसाती पानी की निकासी के प्रबंध पुख़्ता किए जाएंगे।बारिश के दौरान होते जलभराव की समस्या से निजात पाने के लिए नगर निगम पूरी तरह से तैयार है। गत कई सालों से बारिश के दौरान मोहाली शहर में हुए नुकसान और लोगों के घरों में हुए दाखिल हुए बारिश के पानी की समस्या का हल निकाल नहीं रहा था। इसके साथ अलग सेक्टरों के लोगों में तनाव भी पैदा हो रहा था। कंपनी ने दो मॉडल तैयार किए हैं। उसके आधार पर बरसाती पानी की निकासी के प्रबंध किए जाएंगे।
चंडीगढ़ से निचले स्तर पर है मोहाली
मोहाली चंडीगढ़ से निचले स्तर पर है। जिस वजह से बारिश के पानी का बहाव मोहाली की ओर आ जाता है। पहले सेक्टर 71 वाली मुख्य सड़क और फिर एयरपोर्ट वाली मुख्य सड़क को गमाडा ने ऊंचा करके बना दिया है। जिस कारण पानी की निकासी रुक गई है। जिससे पानी वापस आ जाता है। इस तरह से वापस आया पानी लोगों के घरों में घुस जाता है। जिससे आफत होती है।
पंपों के जरिए निकाला जाता है पानी
शहर के कई फेज और सेक्टरों में ज्यादा बारिश होने की सूरत में पंपों के जरिए पानी निकाला जाता है। इस समस्या से शहर के कई वार्ड जूझ रहे हैं। जिसमें फेज 1, 2, 4, 5, 3बी2 और फेज 11 शामिल है। पटियाला की राव और लखनौर गांव नाला और कंबाला कंबाली वाले वाले नाले में बारिश के पानी की निकासी करने के लिए भी काम करने की जरूरत है।
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कोट्स
पिछली दो बारिश के दौरान मोहाली में बाढ़ जैसी स्थिति आ चुकी है। नगर निगम मोहाली ने इस समस्या को खत्म करने के लिए एक कंपनी से करार किया और उन स्थानों का सर्वे करवाया जहां पानी ज्यादा आता है। अब कंपनी ने समस्या को खत्म करने के लिए दो मॉडल तैयार किए हैं, जिससे कि जलभराव की स्थिति को रोका जा सकेगा। नगर निगम मोहाली शहर की रोड गलियों की सफाई भी बारिश के मौसम से पहले ही कर देगा। - अमरजीत सिंह सिद्धू, मेयर, मोहाली नगर निगम
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चंडीगढ़ से निचले स्तर पर है मोहाली
मोहाली चंडीगढ़ से निचले स्तर पर है। जिस वजह से बारिश के पानी का बहाव मोहाली की ओर आ जाता है। पहले सेक्टर 71 वाली मुख्य सड़क और फिर एयरपोर्ट वाली मुख्य सड़क को गमाडा ने ऊंचा करके बना दिया है। जिस कारण पानी की निकासी रुक गई है। जिससे पानी वापस आ जाता है। इस तरह से वापस आया पानी लोगों के घरों में घुस जाता है। जिससे आफत होती है।
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पंपों के जरिए निकाला जाता है पानी
शहर के कई फेज और सेक्टरों में ज्यादा बारिश होने की सूरत में पंपों के जरिए पानी निकाला जाता है। इस समस्या से शहर के कई वार्ड जूझ रहे हैं। जिसमें फेज 1, 2, 4, 5, 3बी2 और फेज 11 शामिल है। पटियाला की राव और लखनौर गांव नाला और कंबाला कंबाली वाले वाले नाले में बारिश के पानी की निकासी करने के लिए भी काम करने की जरूरत है।
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कोट्स
पिछली दो बारिश के दौरान मोहाली में बाढ़ जैसी स्थिति आ चुकी है। नगर निगम मोहाली ने इस समस्या को खत्म करने के लिए एक कंपनी से करार किया और उन स्थानों का सर्वे करवाया जहां पानी ज्यादा आता है। अब कंपनी ने समस्या को खत्म करने के लिए दो मॉडल तैयार किए हैं, जिससे कि जलभराव की स्थिति को रोका जा सकेगा। नगर निगम मोहाली शहर की रोड गलियों की सफाई भी बारिश के मौसम से पहले ही कर देगा। - अमरजीत सिंह सिद्धू, मेयर, मोहाली नगर निगम