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लावारिस कुत्तों का आतंक होगा खत्म, नसबंदी की मंजूरी
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मोहाली। शहर के लोगों को जल्द ही लावारिस कुत्तों के आतंक से राहत मिल जाएगी। एनिमल वेलफेयर बोर्ड दिल्ली की टीम फेज-1 स्थित कुत्तों की नसबंदी वाली जगह का दौरा कर गई। टीम उक्त जगह को हरी झंडी दे गई। कुत्तों की नसबंदी का ठेके देने की कार्रवाई पहले ही पूरी की कर ली गई है। मई में यह यह काम शुरू हो जाएगा। नगर निगम के मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू ने इसकी पुष्टि की। उनकी कोशिश यही है कि इलाके के लोगों को किसी भी तरह की कोई मुश्किल न उठानी पड़े।
जानकारी के मुताबिक गत साल सितंबर माह से कुत्तों की नसबंदी का काम रुका हुआ था क्योंकि कुत्तों की नसबंदी का काम करने वाली संस्था का ठेका खत्म हो गया था। वहीं एनिमल बोर्ड ने नसबंदी का ठेका देने संबंधी नियम कड़े कर दिए थे। ऐसे में यह काम सिरे नहीं चढ़ पा रहा था। इसके बाद नगर निगम ने इस संबंधी बोर्ड व सरकार से लगातार पत्राचार किया। इसके बाद इस दिशा में कार्रवाई हुई है।
बना है ऑपरेेशन थिएटर, कैमरों से रखी जाती है नजर
मोहाली में कुत्तों की नसबंदी के लिए फेज-एक गोशाला के पास ही जगह का इंतजाम है। वहां पर एक ऑपरेशन थिएटर बनाया गया है। जहां पर कुत्तों की नसबंदी की जाती है। यह सारा प्रक्रिया कैमरों की नजर में होती होती है। पार्षदों की कमेटी बनाई गई है जो कि इस संबंधी सारी मॉनीटरिंग करती है। जिन कुत्तों का ऑपरेशन किया जाता है, उन्हें करीब दस से पंद्रह दिन वहां पर ही रखा जाता है। उसके बाद जिस इलाके से उठाए होते हैं, उसी इलाके में छोड़ दिया जाता है।
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दस हजार के करीब हैं कुत्ते, फ्री है इलाज
अगर मोहाली की बात करे तो इलाके में दस हजार के करीब लावारिस कुत्ते हैं। इतना ही नहीं रोज बीस से तीस केस कुत्तों के काटने के सिविल अस्पताल पहुंचते हैं, जबकि कुछ लोग चंडीगढ़ में भी जाकर अपना इलाज करवाते हैं। सिविल अस्पताल में सेहत विभाग की तरफ से कुत्तों के काटने संबंधी फ्री में टीके लगाए जाते हैं।
चार महीनों में कुत्तों के काटने के ऐेसे केस आए सामने
जनवरी 317
फरवरी 385
मार्च 439
अप्रैल 110 (11 अप्रैल तक के आंकड़े)
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जानकारी के मुताबिक गत साल सितंबर माह से कुत्तों की नसबंदी का काम रुका हुआ था क्योंकि कुत्तों की नसबंदी का काम करने वाली संस्था का ठेका खत्म हो गया था। वहीं एनिमल बोर्ड ने नसबंदी का ठेका देने संबंधी नियम कड़े कर दिए थे। ऐसे में यह काम सिरे नहीं चढ़ पा रहा था। इसके बाद नगर निगम ने इस संबंधी बोर्ड व सरकार से लगातार पत्राचार किया। इसके बाद इस दिशा में कार्रवाई हुई है।
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बना है ऑपरेेशन थिएटर, कैमरों से रखी जाती है नजर
मोहाली में कुत्तों की नसबंदी के लिए फेज-एक गोशाला के पास ही जगह का इंतजाम है। वहां पर एक ऑपरेशन थिएटर बनाया गया है। जहां पर कुत्तों की नसबंदी की जाती है। यह सारा प्रक्रिया कैमरों की नजर में होती होती है। पार्षदों की कमेटी बनाई गई है जो कि इस संबंधी सारी मॉनीटरिंग करती है। जिन कुत्तों का ऑपरेशन किया जाता है, उन्हें करीब दस से पंद्रह दिन वहां पर ही रखा जाता है। उसके बाद जिस इलाके से उठाए होते हैं, उसी इलाके में छोड़ दिया जाता है।
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दस हजार के करीब हैं कुत्ते, फ्री है इलाज
अगर मोहाली की बात करे तो इलाके में दस हजार के करीब लावारिस कुत्ते हैं। इतना ही नहीं रोज बीस से तीस केस कुत्तों के काटने के सिविल अस्पताल पहुंचते हैं, जबकि कुछ लोग चंडीगढ़ में भी जाकर अपना इलाज करवाते हैं। सिविल अस्पताल में सेहत विभाग की तरफ से कुत्तों के काटने संबंधी फ्री में टीके लगाए जाते हैं।
चार महीनों में कुत्तों के काटने के ऐेसे केस आए सामने
जनवरी 317
फरवरी 385
मार्च 439
अप्रैल 110 (11 अप्रैल तक के आंकड़े)