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हाईकोर्ट में वाहन चालक के पद की परीक्षा देने आए छात्रों को कोरोना गाइडलाइन के तहत रोका, तो दिया धरना
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मोहाली। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी घडुआं में हाईकोर्ट में वाहन चालक के पद के लिए परीक्षा देने आए छात्रों को कोविड-19 की गाइडलाइंस का पालन न करने पर प्रबंधकों की ओर से परीक्षा नहीं देने दी गई। इसके बाद प्रबंधकों की धक्केशाही को देख परीक्षा देने भारी संख्या में पहुंचे छात्र यूनिवर्सिटी के बाहर धरने पर बैठ गए और सड़क यातायात जाम लगा दिया। वहीं, छात्रों के इस जाम से दो घंटे तक वाहन फंसे रहे। इस वजह से आवाजाही के दौरान लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। दूसरी ओर, मामले की सूचना पाकर मौके पर मौजूद पुलिस ने छात्रों को समझा बुझाकर हटाया, जिसके बाद ट्रैफिक बहाल हो पाया।
जानकारी देते हुए परविंदर सिंह, गुरविंदर सिंह, गुरदीप सिंह आदि ने बताया कि रविवार को चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा भर्ती किए जाने वाले ड्राइवर की लिखित परीक्षा देने आए थे। लेकिन चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी बने परीक्षा केंद्र के प्रबंधकों द्वारा उन्हें कोविड-19 की गाइडलाइंस न होने का हवाला देकर परीक्षा देने से बाहर कर दिया। आरोप है कि प्रबंधकों द्वारा जो कोविड-19 गाइडलाइंस का हवाला देकर परीक्षा देने से वंचित रखा, जिसकी जानकारी फार्म भरने के दौरान नहीं दी गई और इसके अलावा उन्हें परीक्षा से एक दिन पहले मैसेज भेजकर 72 घंटे पुरानी आरटीपीसीआर टेस्ट रिपोर्ट लाने के लिए कहा गया। प्रबंधकों की इस धक्केशाही का विरोध करते हुए छात्र परीक्षा केंद्र के बाहर एकत्रित होकर धरने पर बैठ गए और यहां सड़क पर जाम लगा दिया। प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने मांग की है कि जिस प्रकार प्रबंधकों की ओर से एकदम मौके पर ही कोविड-19 की गाइडलाइंस का हवाला देकर परीक्षा देने से वंचित रखा गया है, ठीक उसी तरह हमारे भविष्य को देखते हुए रविवार वाली परीक्षा को रद्द करके नए सिरे से लिया जाए। दूसरी ओर, सड़क जाम की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग हरकत में आया और पुलिस बल ने स्थिति को संभालने के लिए छात्रों को समझा बुझाकर सड़क पर धरना देने से हटाया, जिसके बाद यातायात बहाल हो पाया।
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जानकारी देते हुए परविंदर सिंह, गुरविंदर सिंह, गुरदीप सिंह आदि ने बताया कि रविवार को चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा भर्ती किए जाने वाले ड्राइवर की लिखित परीक्षा देने आए थे। लेकिन चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी बने परीक्षा केंद्र के प्रबंधकों द्वारा उन्हें कोविड-19 की गाइडलाइंस न होने का हवाला देकर परीक्षा देने से बाहर कर दिया। आरोप है कि प्रबंधकों द्वारा जो कोविड-19 गाइडलाइंस का हवाला देकर परीक्षा देने से वंचित रखा, जिसकी जानकारी फार्म भरने के दौरान नहीं दी गई और इसके अलावा उन्हें परीक्षा से एक दिन पहले मैसेज भेजकर 72 घंटे पुरानी आरटीपीसीआर टेस्ट रिपोर्ट लाने के लिए कहा गया। प्रबंधकों की इस धक्केशाही का विरोध करते हुए छात्र परीक्षा केंद्र के बाहर एकत्रित होकर धरने पर बैठ गए और यहां सड़क पर जाम लगा दिया। प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने मांग की है कि जिस प्रकार प्रबंधकों की ओर से एकदम मौके पर ही कोविड-19 की गाइडलाइंस का हवाला देकर परीक्षा देने से वंचित रखा गया है, ठीक उसी तरह हमारे भविष्य को देखते हुए रविवार वाली परीक्षा को रद्द करके नए सिरे से लिया जाए। दूसरी ओर, सड़क जाम की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग हरकत में आया और पुलिस बल ने स्थिति को संभालने के लिए छात्रों को समझा बुझाकर सड़क पर धरना देने से हटाया, जिसके बाद यातायात बहाल हो पाया।
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