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Mohali News: पंजाब में लिंगानुपात सुधारने लिए अल्ट्रासाउंड केंद्रों का स्टिंग ऑपरेशन शुरू
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सेहत मंत्री बोले कहीं भी नियम टूटा तो केंद्र का रजिस्ट्रेशन होगा रद्द
राज्य में कुल 1861 अल्ट्रासाउंड स्कैन, जिला स्तरीय कमेटियां गठित
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। राज्य के कुछ जिलों में गिरते लिंगानुपात सुधारने के लिए सरकार गंभीर हो गई है। शनिवार को सरकार की तरफ से राज्य में प्री-कंसेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स (पीसी-पीएनडीटी) अधिनियम का कड़ाई से पालन करने के आदेश जारी किए गए। सेहतमंत्री बलबीर सिंह ने कहा कि राज्य में कुल 1861 अल्ट्रासाउंड स्कैन केंद्र पंजीकृत हैं। विभाग लगातार स्टिंग ऑपरेशन कर रहा है। अगर कोई स्कैन सेंटर पीसी-पीएनडीटी एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन करता पाया गया तो सरकार उसका रजिस्ट्रेशन तुरंत रद्द कर देगी। उन्होंने बताया कि सीमावर्ती जिले गुरदासपुर का लिंगानुपता सबसे खराब है।
लिंगानुपात सुधारने के लिए चलाई मुहिम के तहत सरकार की तरफ से डायरेक्टर स्वास्थ्य सेवाएं (परिवार कल्याण) डॉ. रविंद्र पाल कौर को पीसी-पीएनडीटी एक्ट को लागू करने के लिए राज्य उपयुक्त प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया है। डॉ. रविंद्र पाल ने बताया कि स्वास्थ्य अधिकारियों की एक अंतर-जिला टीम का गठन किया है। टीम के सदस्यों को गुरदासपुर में सभी अल्ट्रासाउंड स्कैन सुविधाओं का विस्तृत निरीक्षण करने के लिए कहा गया है। वहां लिंगानुपात के मामले में सबसे खराब है। 2021-2022 की नागरिक पंजीकरण प्रणाली (सीआरएस) रिपोर्ट के अनुसार 926 के समग्र राज्य अनुपात की तुलना में जिला गुरदासपुर में अनुपात 887 है। डॉ. रविन्दर पाल कौर ने कहा कि मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (आशा वर्करों) और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को पहली तिमाही के भीतर गर्भावस्था दर्ज करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं, जिससे किसी भी लिंग चयन की संभावना बहुत कम हो जाती है, क्योंकि गर्भवती महिला को उसके पूरे गर्भकाल की अवधि में ट्रैक किया जाता है। राज्य के दस जि़लों में अब लिंगानुपात सुधरा है। राज्य के औसत लिंगानुपता 926 से अधिक है। इन जिलों एसबीएस नगर और रूपनगर में क्रमश: 948 और 946 अनुपात है। उन्होंने बताया कि हम राज्य में लिंगानुपात में सुधार के लिए तब तक कड़ी मेहनत करते रहेंगे, जब तक कि राज्य से कन्या भ्रूण हत्या की कुप्रथा को पूरी तरह से समाप्त नहीं कर दिया जाता।
अब लोगों की सोच बदल रहा सेहत विभाग
इस बीच लोगों के व्यवहार और मानसिकता में बदलाव लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय-समय पर आईईसी गतिविधियां चलाई जा रही हैं, ताकि उनमें लड़कियों के प्रति कोई पूर्वाग्रह न रहे। पंजाब भर के अस्पतालों में नवजात लड़कियों को उनके जन्म का जश्न मनाने के लिए लोहड़ी और नवरात्रों के अवसर पर उपहार दिए जाते हैं। इस साल भी पटियाला में राज्य स्तरीय लोहड़ी समारोह का आयोजन किया गया था। साल भर सेमिनार और जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की जाती हैं।
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राज्य में कुल 1861 अल्ट्रासाउंड स्कैन, जिला स्तरीय कमेटियां गठित
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। राज्य के कुछ जिलों में गिरते लिंगानुपात सुधारने के लिए सरकार गंभीर हो गई है। शनिवार को सरकार की तरफ से राज्य में प्री-कंसेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स (पीसी-पीएनडीटी) अधिनियम का कड़ाई से पालन करने के आदेश जारी किए गए। सेहतमंत्री बलबीर सिंह ने कहा कि राज्य में कुल 1861 अल्ट्रासाउंड स्कैन केंद्र पंजीकृत हैं। विभाग लगातार स्टिंग ऑपरेशन कर रहा है। अगर कोई स्कैन सेंटर पीसी-पीएनडीटी एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन करता पाया गया तो सरकार उसका रजिस्ट्रेशन तुरंत रद्द कर देगी। उन्होंने बताया कि सीमावर्ती जिले गुरदासपुर का लिंगानुपता सबसे खराब है।
लिंगानुपात सुधारने के लिए चलाई मुहिम के तहत सरकार की तरफ से डायरेक्टर स्वास्थ्य सेवाएं (परिवार कल्याण) डॉ. रविंद्र पाल कौर को पीसी-पीएनडीटी एक्ट को लागू करने के लिए राज्य उपयुक्त प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया है। डॉ. रविंद्र पाल ने बताया कि स्वास्थ्य अधिकारियों की एक अंतर-जिला टीम का गठन किया है। टीम के सदस्यों को गुरदासपुर में सभी अल्ट्रासाउंड स्कैन सुविधाओं का विस्तृत निरीक्षण करने के लिए कहा गया है। वहां लिंगानुपात के मामले में सबसे खराब है। 2021-2022 की नागरिक पंजीकरण प्रणाली (सीआरएस) रिपोर्ट के अनुसार 926 के समग्र राज्य अनुपात की तुलना में जिला गुरदासपुर में अनुपात 887 है। डॉ. रविन्दर पाल कौर ने कहा कि मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (आशा वर्करों) और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को पहली तिमाही के भीतर गर्भावस्था दर्ज करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं, जिससे किसी भी लिंग चयन की संभावना बहुत कम हो जाती है, क्योंकि गर्भवती महिला को उसके पूरे गर्भकाल की अवधि में ट्रैक किया जाता है। राज्य के दस जि़लों में अब लिंगानुपात सुधरा है। राज्य के औसत लिंगानुपता 926 से अधिक है। इन जिलों एसबीएस नगर और रूपनगर में क्रमश: 948 और 946 अनुपात है। उन्होंने बताया कि हम राज्य में लिंगानुपात में सुधार के लिए तब तक कड़ी मेहनत करते रहेंगे, जब तक कि राज्य से कन्या भ्रूण हत्या की कुप्रथा को पूरी तरह से समाप्त नहीं कर दिया जाता।
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अब लोगों की सोच बदल रहा सेहत विभाग
इस बीच लोगों के व्यवहार और मानसिकता में बदलाव लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय-समय पर आईईसी गतिविधियां चलाई जा रही हैं, ताकि उनमें लड़कियों के प्रति कोई पूर्वाग्रह न रहे। पंजाब भर के अस्पतालों में नवजात लड़कियों को उनके जन्म का जश्न मनाने के लिए लोहड़ी और नवरात्रों के अवसर पर उपहार दिए जाते हैं। इस साल भी पटियाला में राज्य स्तरीय लोहड़ी समारोह का आयोजन किया गया था। साल भर सेमिनार और जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की जाती हैं।
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