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Mohali News: मास्टर नरेन्द्र शर्मा के हास्यबोध को पुनर्जीवित करती है स्माइलिंग मॉर्निंग पुस्तक
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लांडरां/बनूड़। एडवोकेट जोगिंदर सिंह जिंदू की लिखी पुस्तक स्माइलिंग मॉर्निंग का विमोचन रविवार को किया गया। यह पुस्तक मास्टर नरेन्द्र शर्मा उर्फ काका मास्टर के जीवन पर आधारित है। इसके माध्यम से मनुष्य की लुप्त होती मुस्कान को उजागर करने के लिए काका मास्टर के हंसी, मजाक और चुटकुलों के प्रसंगों को अपने शब्दों में पिरोया गया है।
पंजाबी अकादमी लुधियाना के पूर्व अध्यक्ष प्रो. रविंदर भट्टल की अध्यक्षता में बनूड़ स्थित कंबोज धर्मशाला में आयोजित समारोह में कई प्रतिष्ठित लेखकों, विचारकों, पत्रकारों और बड़ी संख्या में शुभचिंतकों ने भाग लिया।
अपने अध्यक्षीय भाषण में उन्होंने कहा कि लेखक ने नरेन्द्र शर्मा की सच्ची कहानी बयान कर पुस्तक को रोचक बना दिया है। इसमें व्यंग्यात्मक, और विनोदपूर्ण शब्दों के माध्यम से लुप्त हो रहे हास्य बोध को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया है। यह गहरी अंतरात्मा से आने वाली सच्ची हंसी के माध्यम से मानसिक तनाव से राहत दिलाती है
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इस अवसर पर पंजाबी विभाग के पूर्व प्रमुख प्रो. बलबीर सिंह बल्ली, जसवंत सिंह पूनियां, जस्सा सिंह संधू, लेखक चरण गिल, महिंदर सिंह, गुरदर्शन सिंह खासपुर, नरिंदर शर्मा, चंद्र शेखर, गुरदीप सिंह, कृष्ण संगरूरी, मनवीर सिंह टिवाणा, सुरिंदर कौर और पुष्पा देवी हरभजन कौर, साधु सिंह ख्लोर, साहित्यकार दर्शन सिंह बनूर, प्रिंसिपल हरनेक सिंह आदि मौजूद रहे।
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पंजाबी अकादमी लुधियाना के पूर्व अध्यक्ष प्रो. रविंदर भट्टल की अध्यक्षता में बनूड़ स्थित कंबोज धर्मशाला में आयोजित समारोह में कई प्रतिष्ठित लेखकों, विचारकों, पत्रकारों और बड़ी संख्या में शुभचिंतकों ने भाग लिया।
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अपने अध्यक्षीय भाषण में उन्होंने कहा कि लेखक ने नरेन्द्र शर्मा की सच्ची कहानी बयान कर पुस्तक को रोचक बना दिया है। इसमें व्यंग्यात्मक, और विनोदपूर्ण शब्दों के माध्यम से लुप्त हो रहे हास्य बोध को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया है। यह गहरी अंतरात्मा से आने वाली सच्ची हंसी के माध्यम से मानसिक तनाव से राहत दिलाती है
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इस अवसर पर पंजाबी विभाग के पूर्व प्रमुख प्रो. बलबीर सिंह बल्ली, जसवंत सिंह पूनियां, जस्सा सिंह संधू, लेखक चरण गिल, महिंदर सिंह, गुरदर्शन सिंह खासपुर, नरिंदर शर्मा, चंद्र शेखर, गुरदीप सिंह, कृष्ण संगरूरी, मनवीर सिंह टिवाणा, सुरिंदर कौर और पुष्पा देवी हरभजन कौर, साधु सिंह ख्लोर, साहित्यकार दर्शन सिंह बनूर, प्रिंसिपल हरनेक सिंह आदि मौजूद रहे।