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Mohali News: मोगा सेक्स स्कैंडल में एसएसपी, एसपी और दो इंस्पेक्टरों की सजा टली, अब 7 अप्रैल को सुनाया जाएगा फैसला
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मोहाली। विशेष सीबीआई अदालत ने कुख्यात मोगा सेक्स स्कैंडल मामले में पंजाब के चार पूर्व पुलिस अधिकारियों को पिछली सुनवाई पर दोषी करार दिया था। विशेष न्यायाधीश-द्वितीय राकेश गुप्ता के सुनाए फैसले में भ्रष्टाचार और जबरन वसूली में दोषी माना था। दोषियों को इस मामले में शुक्रवार को सजा सुनाई जानी थी, लेकिन बहस पूरी नहीं होने के चलते आज सजा टाल दी गई। अब दोषियों को 7 अप्रैल को सजा सुनाई जाएगी।
दोषी ठहराए गए अधिकारियों में मोगा के तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देविंदर सिंह गरचा, मोगा के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) परमदीप सिंह संधू, मोगा के तत्कालीन स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) रमन कुमार और मोगा के तत्कालीन एसएचओ पुलिस स्टेशन सिटी मोगा इंस्पेक्टर अमरजीत सिंह शामिल हैं। अदालत ने देविंदर सिंह गरचा और पीएस संधू को भ्रष्टाचार निवारण (पीसी) अधिनियम की धारा 13(1)(डी) के साथ धारा 13(2) के तहत दोषी पाया।
इसी तरह रमन कुमार और अमरजीत सिंह को पीसी अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 384 (जबरन वसूली) के समान प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया गया है। अमरजीत सिंह को धारा 384 के साथ धारा 511 आईपीसी के तहत भी दोषी ठहराया गया है। आरोपी बरजिंदर सिंह उर्फ मक्खन और सुखराज सिंह को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया है।
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दोषी ठहराए गए अधिकारियों में मोगा के तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देविंदर सिंह गरचा, मोगा के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) परमदीप सिंह संधू, मोगा के तत्कालीन स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) रमन कुमार और मोगा के तत्कालीन एसएचओ पुलिस स्टेशन सिटी मोगा इंस्पेक्टर अमरजीत सिंह शामिल हैं। अदालत ने देविंदर सिंह गरचा और पीएस संधू को भ्रष्टाचार निवारण (पीसी) अधिनियम की धारा 13(1)(डी) के साथ धारा 13(2) के तहत दोषी पाया।
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इसी तरह रमन कुमार और अमरजीत सिंह को पीसी अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 384 (जबरन वसूली) के समान प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया गया है। अमरजीत सिंह को धारा 384 के साथ धारा 511 आईपीसी के तहत भी दोषी ठहराया गया है। आरोपी बरजिंदर सिंह उर्फ मक्खन और सुखराज सिंह को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया है।
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