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Mohali News: एक साल से कम उम्र के बच्चों पर ब्रोंकियोलाइटिस का खतरा

Fri, 23 Oct 2026 02:21 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 23 Oct 2026 02:21 AM IST
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Risk of bronchiolitis in children under one year of age
संवाद न्यूज एजेंसी
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मोहाली। मौसम में बदलाव के साथ एक साल से कम उम्र के बच्चों पर ब्रोंकियोलाइटिस का खतरा मंडरा रहा है। फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल की बाल रोग ओपीडी में आने वाले करीब 50 प्रतिशत बच्चे सांस संबंधी परेशानी से प्रभावित बताए जा रहे हैं।
वहीं, इमरजेंसी में रोजाना लगभग पांच से सात बच्चों को भर्ती करना पड़ रहा है। ब्रोंकियोलाइटिस फेफड़ों की छोटी श्वसन नलियों में सूजन आने और बलगम जमा होने से होने वाला संक्रमण है। इसका एक प्रमुख कारण रेस्पिरेटरी सिंसिटियल वायरस (आरएसवी) है।
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सिविल अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. साहिल विकास के अनुसार, छोटे बच्चों में वायरल संक्रमण के कारण सांस लेने में परेशानी बढ़ सकती है। इसकी शुरुआत नाक बहने, नाक बंद होने और हल्के बुखार जैसे लक्षणों से होती है। इसके बाद खांसी, तेज सांस चलने और छाती में घरघराहट की समस्या हो सकती है।
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आमतौर पर यह संक्रमण दो साल से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करता है, लेकिन एक साल से कम उम्र के शिशुओं में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
डॉक्टरों के अनुसार, ज्यादातर बच्चे उचित देखभाल से ठीक हो जाते हैं। अभिभावक बच्चे को स्तनपान कराते रहें और थोड़ी-थोड़ी मात्रा में बार-बार दूध पिलाएं। नाक बंद होने पर डॉक्टर की सलाह से सलाइन ड्रॉप्स का इस्तेमाल किया जा सकता है। बिना चिकित्सकीय सलाह के खांसी की दवा या एंटीबायोटिक न दें। बच्चे को सर्दी-खांसी से पीड़ित लोगों से दूर रखें और उसे छूने से पहले हाथ साफ करें।
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