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Mohali News: पावरकॉम के कच्चे कर्मचारी 13 अगस्त से करेंगे अनिश्चितकालीन हड़ताल
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जीरकपुर। पॉवरकाम विभाग में काम करने वाले कच्चे कर्मचारियों ने अपनी मांगें न माने जाने पर 13 अगस्त से अनिश्चित समय के लिए हड़ताल पर जाने का एलान किया है। वीरवार को इन कर्मचारियों ने सांकेतिक तौर पर एक घंटा धरना दिया। विभाग और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद 13 अगस्त को धरने से जुड़ा ज्ञापन एक्सईएन पावरकॉम के मौजूद न होने पर एसडीओ को सौंपा।
इस मौके पर यूनियन के सर्कल सचिव एकम सिद्धू ने बताया कि हमने अपनी मांगों को लेकर पहले भी कई बार धरना दिया है। लेकिन, हमारी मांगों को जान बूझकर नजर अंदाज किया जा रहा है। कच्चे कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान न तो सरकार की ओर से किया जा रहा है और न ही विभाग की ओर से किया जा रहा है। यहां तक कि उनकी कंपनी भी सुनवाई नहीं कर रही है।
उन्होंने कहा कि उनसे छुट्टी वाले दिन भी काम लिया जाता है। काम के बदले में बनते पैसे भी उन्हें नहीं दिए जाते। वर्दी के नाम पर मिलने वाले पैसे भी ऊपर वाले अधिकारी खा जाते हैं। कच्चे कर्मचारियों को कोई सेफ्टी किट आदि नहीं दिए जाती। जबकि, एक महीने में हमारे 17 कर्मचारियों की मौत हो चुकी है। लेकिन, सरकार के कानों तले जू नहीं रेंग रही।
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बताया कि बीते दिनों जालंधर में मुख्यमंत्री की कोठी के नजदीक हमारा एक कर्मचारी करंट लगने से मर गया, लेकिन मुख्यमंत्री के पास उनके परिवार से संवेदना व्यक्त करने का समय भी नहीं था। जबकि दूसरे प्रदेश हरियाणा में एक खिलाड़ी के घर मिलने चले गए थे। जलंधर में मृतक के परिजन मुआवजे की मांग कर रहे हैं लेकिन मुख्यमंत्री के पास उस पर ध्यान देने का समय ही नहीं है।
इन सारी समस्याओं के चलते 13 अगस्त को राज्य स्तरीय धरना खरड़ में दिया जाएगा। यह अनिश्चितकाल के लिए चलेगा, ताकि उनकी आवाज बहरी सरकार और मैनेजमेंट के कानों तक पहुंच सके।
इस मौके पॉवरकाम और ट्रांसको ठेका मुलाजिम यूनियन बिजली बोर्ड डिवीजन जीरकपुर के अध्यक्ष रमेश सिंह, कैशियर अमर कुमार और जगमोहन सिंह, उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह, बनूड़ सीनियर उपाध्यक्ष लकी, सचिव बख्तावर सिंह, वरिंदर सिंह, सुखविंदर सिंह, कुलविंदर सिंह, रोहित कुमार, मंजीत सिंह, जगजीत सिंह, जसप्रीत सिंह आदि उपस्थित थे।
बॉक्स
क्या है कर्मचारियों की मांगें
1. सीएचबी कर्मियों को पूरा सामान, सेफ्टी किट, वर्दी, बूट आदि हर केंद्र पर मुहैया करवाई जाए। उसकी लिस्ट प्रतिकर्मी तथा हस्ताक्षर यूनियन को उपलब्ध करवाई जाए।
2. वर्ष 2019 से कर्मियों को मिलने वाली छुट्टियां नहीं दी गई हैं। उनके बदले में पैसे या सुविधा उनके खाते में डालने की लिखित तिथि बताई जाए।
3. 25 जून 2024 को धरने के दौरान सैलरी में हुई कटौती और उससे पहले पटियाला में लगाए गए धरने के दौरान हुई कटौती के पैसों की पूर्ति के संबंध में लिखित जानकारी दी जाए।
4. कर्मचारियों की सैलरी स्लिप, ईएसआई कार्ड, पीएफ कार्ड, आईडी कार्ड आदि देने संबंधी लिखित रूप में दिया जाए।
5. लंबे समय से जीरकपुर के अंतर्गत वैगन गाड़ी का स्टाफ अपने वाहनों पर काम कर रहा है। उनको 2 हजार रुपए प्रति महीना वेतन कम दिया जा रहा है। उन्हें पूरी तनख्वाह दी जाए या उन कर्मियों से वैगन पर काम लिया जाए।
6. नगला कंप्लेंट सेंटर के अधीन स्टाफ की कमी के चलते एक ही शिफ्ट चल रही है। इस कारण वहां के स्टाफ को क्षेत्र के जेई द्वारा 12 घंटे काम करने के लिए परेशान किया जा रहा है। बाहर से और भर्ती करके वर्कलोड को काम किया जाए।
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इस मौके पर यूनियन के सर्कल सचिव एकम सिद्धू ने बताया कि हमने अपनी मांगों को लेकर पहले भी कई बार धरना दिया है। लेकिन, हमारी मांगों को जान बूझकर नजर अंदाज किया जा रहा है। कच्चे कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान न तो सरकार की ओर से किया जा रहा है और न ही विभाग की ओर से किया जा रहा है। यहां तक कि उनकी कंपनी भी सुनवाई नहीं कर रही है।
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उन्होंने कहा कि उनसे छुट्टी वाले दिन भी काम लिया जाता है। काम के बदले में बनते पैसे भी उन्हें नहीं दिए जाते। वर्दी के नाम पर मिलने वाले पैसे भी ऊपर वाले अधिकारी खा जाते हैं। कच्चे कर्मचारियों को कोई सेफ्टी किट आदि नहीं दिए जाती। जबकि, एक महीने में हमारे 17 कर्मचारियों की मौत हो चुकी है। लेकिन, सरकार के कानों तले जू नहीं रेंग रही।
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बताया कि बीते दिनों जालंधर में मुख्यमंत्री की कोठी के नजदीक हमारा एक कर्मचारी करंट लगने से मर गया, लेकिन मुख्यमंत्री के पास उनके परिवार से संवेदना व्यक्त करने का समय भी नहीं था। जबकि दूसरे प्रदेश हरियाणा में एक खिलाड़ी के घर मिलने चले गए थे। जलंधर में मृतक के परिजन मुआवजे की मांग कर रहे हैं लेकिन मुख्यमंत्री के पास उस पर ध्यान देने का समय ही नहीं है।
इन सारी समस्याओं के चलते 13 अगस्त को राज्य स्तरीय धरना खरड़ में दिया जाएगा। यह अनिश्चितकाल के लिए चलेगा, ताकि उनकी आवाज बहरी सरकार और मैनेजमेंट के कानों तक पहुंच सके।
इस मौके पॉवरकाम और ट्रांसको ठेका मुलाजिम यूनियन बिजली बोर्ड डिवीजन जीरकपुर के अध्यक्ष रमेश सिंह, कैशियर अमर कुमार और जगमोहन सिंह, उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह, बनूड़ सीनियर उपाध्यक्ष लकी, सचिव बख्तावर सिंह, वरिंदर सिंह, सुखविंदर सिंह, कुलविंदर सिंह, रोहित कुमार, मंजीत सिंह, जगजीत सिंह, जसप्रीत सिंह आदि उपस्थित थे।
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क्या है कर्मचारियों की मांगें
1. सीएचबी कर्मियों को पूरा सामान, सेफ्टी किट, वर्दी, बूट आदि हर केंद्र पर मुहैया करवाई जाए। उसकी लिस्ट प्रतिकर्मी तथा हस्ताक्षर यूनियन को उपलब्ध करवाई जाए।
2. वर्ष 2019 से कर्मियों को मिलने वाली छुट्टियां नहीं दी गई हैं। उनके बदले में पैसे या सुविधा उनके खाते में डालने की लिखित तिथि बताई जाए।
3. 25 जून 2024 को धरने के दौरान सैलरी में हुई कटौती और उससे पहले पटियाला में लगाए गए धरने के दौरान हुई कटौती के पैसों की पूर्ति के संबंध में लिखित जानकारी दी जाए।
4. कर्मचारियों की सैलरी स्लिप, ईएसआई कार्ड, पीएफ कार्ड, आईडी कार्ड आदि देने संबंधी लिखित रूप में दिया जाए।
5. लंबे समय से जीरकपुर के अंतर्गत वैगन गाड़ी का स्टाफ अपने वाहनों पर काम कर रहा है। उनको 2 हजार रुपए प्रति महीना वेतन कम दिया जा रहा है। उन्हें पूरी तनख्वाह दी जाए या उन कर्मियों से वैगन पर काम लिया जाए।
6. नगला कंप्लेंट सेंटर के अधीन स्टाफ की कमी के चलते एक ही शिफ्ट चल रही है। इस कारण वहां के स्टाफ को क्षेत्र के जेई द्वारा 12 घंटे काम करने के लिए परेशान किया जा रहा है। बाहर से और भर्ती करके वर्कलोड को काम किया जाए।