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‘हार पर मंथन के बहाने, नगर निगम की सत्ता को बचाने की तैयारी’
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मोहाली। विधानसभा चुनाव में हुई कांग्रेस पार्टी की हार पर मंथन के बहाने पूर्व विधायक बलबीर सिंह सिद्धू अब नगर निगम की सत्ता को बचाने में जुट गए हैं। सोमवार को देर शाम उन्होंने कांग्रेस के 37 पार्षदों से एक होटल में करीब दो घंटे तक मीटिंग की। इसके साथ ही एलान किया कि कांग्रेस के सभी पार्षद एकजुट हैं। नगर निगम शहर के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। इस काम में अब राज्य में चुनी गई नई आम आदमी पार्टी की सरकार से भी पूरा सहयोग लिया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की हार के बाद इलाके में चर्चा गर्म है कि आने वाले दिनों में आप की ओर से नगर निगम में मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है। इसके संकेत आप के चुने गए नए विधायक कुलवंत सिंह ने भी दिए थे। उन्होंने कहा था कि जिस हिसाब से कांग्रेस की हार हुई है, इसे देखते हुए मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू को खुद ही इस्तीफा दे देना चाहिए। इसके बाद इलाके में विकास का पहिया घूमेगा। वहीं, सोशल मीडिया पर चर्चा जोरों पर थी कि कांग्रेस के 25 पार्षद विधायक कुलवंत सिंह के संपर्क में हैं।
इस मौके पर सभी पार्षदों से हार की वजह जानी गई और आने वाले दिनों में हालातों पर रणनीति तैयार की गई। उन्होंने पार्षदों को विश्वास दिलाया कि वह उनकी अगुवाई करने में सक्षम हैं। साथ ही इस समय हमें एकजुट रहना है, तभी पार्टी इस क्षेत्र में मजबूत रहेगी। इस मीटिंग में मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू, सीनियर डिप्टी मेयर अमरीक सिंह सोमल और डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी भी मौजूद रहे।
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इस अवसर पर बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि मौजूदा समय में मोहाली नगर निगम में 50 पार्षद हैं। इनमें कांग्रेस के 37 पार्षद हैं, जबकि विधायक कुलवंत सिंह के खेमे में 11 विधायक हैं। अकाली दल और आजाद पार्षद के बारे में स्थिति साफ नहीं है। जबकि भाजपा को पिछले नगर निगम चुनाव में कामयाबी नहीं मिली थी।
पार्टी की अंदरूनी कलह से हारी कांग्रेस
इस मीटिंग में पार्षदों ने कहा कि मोहाली विधानसभा हलका ही नहीं, बल्कि पंजाब स्तर पर कांग्रेस पार्टी की हार के लिए जिम्मेदार पार्टी का अंतर्कलह है। इसी वजह से दोबारा सरकार बनाने के लिए एक नंबर पर चल रही कांग्रेस पार्टी दूसरे नंबर पर रह गई है। बड़े नेता चुनाव हार गए हैं। नेताओं के बयानों से भी पार्टी को नुकसान पहुंचा है। मोहाली के परिणाम को देखें तो कहीं से प्रतीत नहीं होता है कि लोग पार्टी के खिलाफ थे। जबकि अकाली दल की सभी वोट आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार को पड़ती दिखी हैं। वहीं, बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि वह पार्टी के साथ खड़े हैं।
‘लोगों के आप पर जताए भरोसे को करते हैं स्वीकार’
पूर्व विधायक बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि लोगों ने आम आदमी पार्टी पर भरोसा जताया है। अब इस सरकार की जिम्मेेदारी है कि चुनी हुई संस्थाओं की राह में रुकावट न बनें और मोहाली नगर निगम पहले की तरह अपने विकास कार्य जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि लोगों ने जो आम आदमी पार्टी पर भरोसा जताया है उसे वह स्वीकार करते हैैं। उन्होंने आप की सरकार से सहयोग की अपील की है और कहा है कि इलाके के पार्षद किसी भी दबाव में नहीं आएंगे, वह पार्षदों के साथ खड़े हैं।
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जानकारी के मुताबिक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की हार के बाद इलाके में चर्चा गर्म है कि आने वाले दिनों में आप की ओर से नगर निगम में मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है। इसके संकेत आप के चुने गए नए विधायक कुलवंत सिंह ने भी दिए थे। उन्होंने कहा था कि जिस हिसाब से कांग्रेस की हार हुई है, इसे देखते हुए मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू को खुद ही इस्तीफा दे देना चाहिए। इसके बाद इलाके में विकास का पहिया घूमेगा। वहीं, सोशल मीडिया पर चर्चा जोरों पर थी कि कांग्रेस के 25 पार्षद विधायक कुलवंत सिंह के संपर्क में हैं।
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इस मौके पर सभी पार्षदों से हार की वजह जानी गई और आने वाले दिनों में हालातों पर रणनीति तैयार की गई। उन्होंने पार्षदों को विश्वास दिलाया कि वह उनकी अगुवाई करने में सक्षम हैं। साथ ही इस समय हमें एकजुट रहना है, तभी पार्टी इस क्षेत्र में मजबूत रहेगी। इस मीटिंग में मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू, सीनियर डिप्टी मेयर अमरीक सिंह सोमल और डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी भी मौजूद रहे।
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इस अवसर पर बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि मौजूदा समय में मोहाली नगर निगम में 50 पार्षद हैं। इनमें कांग्रेस के 37 पार्षद हैं, जबकि विधायक कुलवंत सिंह के खेमे में 11 विधायक हैं। अकाली दल और आजाद पार्षद के बारे में स्थिति साफ नहीं है। जबकि भाजपा को पिछले नगर निगम चुनाव में कामयाबी नहीं मिली थी।
पार्टी की अंदरूनी कलह से हारी कांग्रेस
इस मीटिंग में पार्षदों ने कहा कि मोहाली विधानसभा हलका ही नहीं, बल्कि पंजाब स्तर पर कांग्रेस पार्टी की हार के लिए जिम्मेदार पार्टी का अंतर्कलह है। इसी वजह से दोबारा सरकार बनाने के लिए एक नंबर पर चल रही कांग्रेस पार्टी दूसरे नंबर पर रह गई है। बड़े नेता चुनाव हार गए हैं। नेताओं के बयानों से भी पार्टी को नुकसान पहुंचा है। मोहाली के परिणाम को देखें तो कहीं से प्रतीत नहीं होता है कि लोग पार्टी के खिलाफ थे। जबकि अकाली दल की सभी वोट आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार को पड़ती दिखी हैं। वहीं, बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि वह पार्टी के साथ खड़े हैं।
‘लोगों के आप पर जताए भरोसे को करते हैं स्वीकार’
पूर्व विधायक बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि लोगों ने आम आदमी पार्टी पर भरोसा जताया है। अब इस सरकार की जिम्मेेदारी है कि चुनी हुई संस्थाओं की राह में रुकावट न बनें और मोहाली नगर निगम पहले की तरह अपने विकास कार्य जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि लोगों ने जो आम आदमी पार्टी पर भरोसा जताया है उसे वह स्वीकार करते हैैं। उन्होंने आप की सरकार से सहयोग की अपील की है और कहा है कि इलाके के पार्षद किसी भी दबाव में नहीं आएंगे, वह पार्षदों के साथ खड़े हैं।