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Mohali News: जगतपुरा कूड़ा निस्तारण प्लांट के विरोध में सड़कों पर उतरे लोग, निगम कार्यालय का घेराव की दी चेतावनी
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मोहाली। फेज-11 के पास जगतपुरा गांव में बनाए अस्थायी कूड़ा निस्तारण प्लांट के खिलाफ रविवार को लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोगों ने विरोध प्रदर्शन कर प्लांट को तुरंत हटाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने निगम पर लापरवाही का आरोप लगाकर चेतावनी दी कि अगर इस प्लांट को जल्द नहीं हटाया गया तो वे नगर निगम कार्यालय का घेराव करेंगे और आंदोलन को और तेज करेंगे।
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि यह प्लांट रिहायशी इलाकों के बेहद नजदीक है, जिससे न केवल आसपास की कॉलोनियों में तेज दुर्गंध फैल रही है बल्कि लोगों का सांस लेना तक मुश्किल हो गया है। हालात यह हैं कि मक्खियों की भरमार से रसोई घर, बच्चों के कमरे तक सुरक्षित नहीं हैं। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे समाजसेवी बलजिंदर मांगट, बलजिंदर सिंह, गुरदीप सिंह, हरदेव ठाकुर, पवनजीत सिंह, धीरज गोयल, संजीव जोशी, सतनाम सिंह और जसविंदर कौर ने बताया कि वे पिछले कई हफ्तों से इस समस्या को लेकर नगर निगम और संबंधित विभागों को अवगत करा चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने बताया कि निस्तारण प्लांट की बदबू आसपास के इलाकों तक फैल रही है। यहां तक कि छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सांस लेने में दिक्कत, सिरदर्द, मतली और त्वचा संबंधी समस्याएं भी होने लगी हैं। लोगों का आरोप है कि इस प्लांट को लगाते समय स्थानीय लोगों की राय तक नहीं ली गई, न ही कोई जनसुनवाई की गई। इसके चलते अब रिहायशी इलाकों में रहना दूभर हो गया है।
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इलाका निवासियों ने गमाडा और नगर निगम मोहाली से अपील की है कि वे लोगों की दिक्कतों को गंभीरता से लें और फौरन इस समस्या का स्थायी समाधान निकालें। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि शहर में कूड़े के लिए वैज्ञानिक और टिकाऊ समाधान तलाशे जाएं, जिससे लोगों को गंदगी और बीमारी की दोहरी मार न झेलनी पड़े।
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प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि यह प्लांट रिहायशी इलाकों के बेहद नजदीक है, जिससे न केवल आसपास की कॉलोनियों में तेज दुर्गंध फैल रही है बल्कि लोगों का सांस लेना तक मुश्किल हो गया है। हालात यह हैं कि मक्खियों की भरमार से रसोई घर, बच्चों के कमरे तक सुरक्षित नहीं हैं। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे समाजसेवी बलजिंदर मांगट, बलजिंदर सिंह, गुरदीप सिंह, हरदेव ठाकुर, पवनजीत सिंह, धीरज गोयल, संजीव जोशी, सतनाम सिंह और जसविंदर कौर ने बताया कि वे पिछले कई हफ्तों से इस समस्या को लेकर नगर निगम और संबंधित विभागों को अवगत करा चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
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उन्होंने बताया कि निस्तारण प्लांट की बदबू आसपास के इलाकों तक फैल रही है। यहां तक कि छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सांस लेने में दिक्कत, सिरदर्द, मतली और त्वचा संबंधी समस्याएं भी होने लगी हैं। लोगों का आरोप है कि इस प्लांट को लगाते समय स्थानीय लोगों की राय तक नहीं ली गई, न ही कोई जनसुनवाई की गई। इसके चलते अब रिहायशी इलाकों में रहना दूभर हो गया है।
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इलाका निवासियों ने गमाडा और नगर निगम मोहाली से अपील की है कि वे लोगों की दिक्कतों को गंभीरता से लें और फौरन इस समस्या का स्थायी समाधान निकालें। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि शहर में कूड़े के लिए वैज्ञानिक और टिकाऊ समाधान तलाशे जाएं, जिससे लोगों को गंदगी और बीमारी की दोहरी मार न झेलनी पड़े।