{"_id":"60a6c5a88ebc3ea3a63d3632","slug":"people-making-ashiana-spending-millions-in-gateway-city-of-mohali-craving-sewerage-connection-not-giving-up-connection-mohali-news-pkl413995731","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोहाली की गेटवे सिटी में लाखों खर्च कर आशियाना बनाने वाले लोग सीवरेज कनेक्शन को तरसे, गमाडा नहीं दे रहा कनेक्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोहाली की गेटवे सिटी में लाखों खर्च कर आशियाना बनाने वाले लोग सीवरेज कनेक्शन को तरसे, गमाडा नहीं दे रहा कनेक्शन
विज्ञापन
मोहाली। गमाडा की ओर से बसाई गई गेटवे सिटी में लाखों रुपये खर्च कर अपने आशियाने बनाने वाले लोग मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं। न तो अभी तक लोगों के घरों तक पहुंचने के लिए सीधी सड़क है और न ही लोगों को सीवरेज के कनेक्शन मिल पा रहे हैं। लोग काफी आहत है। इस मामले को लेकर पिछले दो दिनों से लगातार अलॉटी पुडा भवन के चक्कर काट रहे हैं। आश्वासन के सिवाय अलॉटियों को कुछ भी हासिल नहीं हो रहा है। अलॉटियों का कहना है कि पुडा के इस प्रोजेक्ट में उनके साथ धोखा हुआ है। अगर हालात में सुधार नहीं हुए तो उन्हें संघर्ष की राह पर आना पड़ेगा।
इस बारे में पुडा दफ्तर के पहुंचे एडवोकेट संजीव सैनी, चरनजीत सिंह, सचिन सोहल, बलविंदर सिंह समेत लोगों ने बताया कि साल 2015 में गमाडा ने 417 रिहायशी प्लॉटों की स्कीम निकाली थी। सितंबर 2016 में अलॉटियों को अलाटमेंट पत्र जारी किए गए थे। साथ ही डेढ़ साल के अंदर सारी बुनियादी सुविधाएं मुहैया करवाने का दावा किया गया था। लेकिन गमाडा यह चीज नहीं कर पाया।। लोगों ने बताया कि करीब 25 से ज्यादा घर बनकर तैयार हो चुके हैं। लेकिन सीवरेज के कनेक्शन न होने से लोगों को दिक्कत उठानी पड़ रही है। क्योंकि गमाडा ने सीवरेज की लाइन बिछा दी है। अभी तक निकासी का प्रबंध नहीं किया गया है।
वहीं, जो लोग सीवरेज लाइन में कनेक्शन जोड़ रहे है, उन्हें नोटस भेजे जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह उनके साथ सीधी धक्केशाही है। पुडा ने पहले ही नियमों को ताक में रखकर लोगों का शोषण कर रहा है। उन्होंने बताया कि जब लोग घर बनाएंगे तो सीवरेज की लाइन तो जोड़नी ही पड़ेगी। ऐसा कर तो अधिकारी लोगों के धक्का कर रहे हैं।
विज्ञापन
इस मामले में गमाडा के ईओ पवित्रपाल सिंह ने बताया कि मामला उनके ध्यान में है। कुछ जमीन को एक्वायर करने के प्रक्रिया चल रही है। ग्रामीण विभाग के साथ उनका पत्राचार चल रहा है। लोगों की सुविधा को ध्यान में रखकर इस संबंध में जल्दी ही कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
इस बारे में पुडा दफ्तर के पहुंचे एडवोकेट संजीव सैनी, चरनजीत सिंह, सचिन सोहल, बलविंदर सिंह समेत लोगों ने बताया कि साल 2015 में गमाडा ने 417 रिहायशी प्लॉटों की स्कीम निकाली थी। सितंबर 2016 में अलॉटियों को अलाटमेंट पत्र जारी किए गए थे। साथ ही डेढ़ साल के अंदर सारी बुनियादी सुविधाएं मुहैया करवाने का दावा किया गया था। लेकिन गमाडा यह चीज नहीं कर पाया।। लोगों ने बताया कि करीब 25 से ज्यादा घर बनकर तैयार हो चुके हैं। लेकिन सीवरेज के कनेक्शन न होने से लोगों को दिक्कत उठानी पड़ रही है। क्योंकि गमाडा ने सीवरेज की लाइन बिछा दी है। अभी तक निकासी का प्रबंध नहीं किया गया है।
विज्ञापन
वहीं, जो लोग सीवरेज लाइन में कनेक्शन जोड़ रहे है, उन्हें नोटस भेजे जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह उनके साथ सीधी धक्केशाही है। पुडा ने पहले ही नियमों को ताक में रखकर लोगों का शोषण कर रहा है। उन्होंने बताया कि जब लोग घर बनाएंगे तो सीवरेज की लाइन तो जोड़नी ही पड़ेगी। ऐसा कर तो अधिकारी लोगों के धक्का कर रहे हैं।
विज्ञापन
इस मामले में गमाडा के ईओ पवित्रपाल सिंह ने बताया कि मामला उनके ध्यान में है। कुछ जमीन को एक्वायर करने के प्रक्रिया चल रही है। ग्रामीण विभाग के साथ उनका पत्राचार चल रहा है। लोगों की सुविधा को ध्यान में रखकर इस संबंध में जल्दी ही कार्रवाई की जाएगी।