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विकास में हिस्सेदार, फिर नौकरियों में क्यों दरकिनार
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मुल्लांपुर। राज्य सरकार की ओर से नौकरियों में 75 फीसदी आरक्षण स्थानीय लोगों को देने के मुद्दे ने इलाके में बाहरी राज्यों से रह रहे लोगों की नींद उड़ा दी है। पंजाब में रह रहे प्रवासियों का मानना है कि जब हम यहां पर रहकर सरकार के विकास में हिस्सेदार हैं तो इसके बावजूद अगर राज्य सरकार सिर्फ पंजाबियों को आरक्षण दे देगी तो प्रवासियों के बच्चों के भविष्य पर बुरा असर पड़ेगा।
जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने एक निजी चैनल को दिए गए इंटरव्यू में इस बात का जिक्र किया था कि पंजाब में पंजाबियों के लिए नौकरियों में आरक्षण देने पर विचार किया जा रहा है। इस इंटरव्यू के बाद से ही बाहरी राज्यों को अपने बच्चों के भविष्य के बारे में चिंता सता रही है। बाहरी राज्यों के प्रवासियों का तर्क है कि हम मेहनत मजदूरी पंजाब में करते हैं और अपना खाना पीना भी पंजाब में ही करते हैं, जिससे पंजाब सरकार को विकास के लिए राजस्व मिलता है, और अब नौकरी की बात आई तो उसमें पंजाबियों को ही आरक्षण देकर प्रवासियों को दरकिनार क्यों किया जा रहा है।
ऐसे फैसले लेने से बचे सरकार
सरकार पूरी जनता की ओर से मतदान देने के बाद बनाई जाती है। लेकिन सरकारों को क्षेत्र के हिसाब से भेदभाव नहीं करना चाहिए। कांग्रेस सरकार अगर ऐसा फैसला लेती है तो वह गलत है। - गोविंद पासवान, मूल निवासी बिहार।
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इस तरह फैसला लेना गलत
सरकार का कोई हक नहीं है कि प्रवासियों के साथ इस तरह का व्यवहार करे। पूरे पंजाब में अलग अलग जगह मेहनत मजदूरी करने वाले लोग प्रवासी हैं। सरकार को सोच समझ कर फैसला करना चाहिए। - अनिल मंडल, प्रवासी नयागांव।
कामयाब नहीं होगा सरकार का स्टंट
राजनीतिक पार्टियां अपने वोट बैंक की राजनीति में अलग-अलग समाज को एक दूसरे से लड़ाने का काम करती हैं। कांग्रेस का यह भी इसी प्रकार का एक स्टंट है, जोकि कामयाब नहीं होने वाला है। - कांता शर्मा, समाजसेवी नयागांव।
कांग्रेस सरकार आपसी लड़ाई में इतना बौखला गई है कि उनके नेताओं को खुदको यह भी नहीं पता चल रहा है कि वह क्या निर्णय ले रहे हैं और क्या बोल रहे हैं। कम से कम मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को तो सोच समझकर फैसला लेना चाहिए। - गुरध्यान सिंह, अकाली नेता।
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जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने एक निजी चैनल को दिए गए इंटरव्यू में इस बात का जिक्र किया था कि पंजाब में पंजाबियों के लिए नौकरियों में आरक्षण देने पर विचार किया जा रहा है। इस इंटरव्यू के बाद से ही बाहरी राज्यों को अपने बच्चों के भविष्य के बारे में चिंता सता रही है। बाहरी राज्यों के प्रवासियों का तर्क है कि हम मेहनत मजदूरी पंजाब में करते हैं और अपना खाना पीना भी पंजाब में ही करते हैं, जिससे पंजाब सरकार को विकास के लिए राजस्व मिलता है, और अब नौकरी की बात आई तो उसमें पंजाबियों को ही आरक्षण देकर प्रवासियों को दरकिनार क्यों किया जा रहा है।
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ऐसे फैसले लेने से बचे सरकार
सरकार पूरी जनता की ओर से मतदान देने के बाद बनाई जाती है। लेकिन सरकारों को क्षेत्र के हिसाब से भेदभाव नहीं करना चाहिए। कांग्रेस सरकार अगर ऐसा फैसला लेती है तो वह गलत है। - गोविंद पासवान, मूल निवासी बिहार।
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इस तरह फैसला लेना गलत
सरकार का कोई हक नहीं है कि प्रवासियों के साथ इस तरह का व्यवहार करे। पूरे पंजाब में अलग अलग जगह मेहनत मजदूरी करने वाले लोग प्रवासी हैं। सरकार को सोच समझ कर फैसला करना चाहिए। - अनिल मंडल, प्रवासी नयागांव।
कामयाब नहीं होगा सरकार का स्टंट
राजनीतिक पार्टियां अपने वोट बैंक की राजनीति में अलग-अलग समाज को एक दूसरे से लड़ाने का काम करती हैं। कांग्रेस का यह भी इसी प्रकार का एक स्टंट है, जोकि कामयाब नहीं होने वाला है। - कांता शर्मा, समाजसेवी नयागांव।
कांग्रेस सरकार आपसी लड़ाई में इतना बौखला गई है कि उनके नेताओं को खुदको यह भी नहीं पता चल रहा है कि वह क्या निर्णय ले रहे हैं और क्या बोल रहे हैं। कम से कम मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को तो सोच समझकर फैसला लेना चाहिए। - गुरध्यान सिंह, अकाली नेता।