फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   Oil production will be one and a half times from GM mustard seeds

Mohali News: जीएम मस्टर्ड बीज से डेढ़ गुणा होगा तेल का उत्पादन

Thu, 28 Sep 2023 02:09 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 28 Sep 2023 02:09 AM IST
विज्ञापन
Oil production will be one and a half times from GM mustard seeds
मोहाली। देश में खाद्य तेलों का उत्पादन खपत के हिसाब से आधे से भी कम है। देश में तेल उत्पादन की मांग 250 लाख टन प्रति साल है, लेकिन घरेलू उत्पादन 111.6 लाख टन प्रति वर्ष है। विदेशों पर आयात की निर्भरता कम करने के लिए सेक्टर-81 स्थित नेशनल एग्री-फूड बायोटेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट (नाबी) ने नए बीज की खोज की है। इस बीज से फसल लेने के बाद देश में सरसों का उत्पादन करीब डेढ़ गुना बढ़ जाएगा। 2023 में खाद्य तेल का उत्पादन करीब 35 प्रतिशत बढ़ा है। इस बीज से खेती होने के बाद तेल का आयात घटने के साथ ही विदेशी मुद्रा भी बचेगी। इस खोज को सरकार की मंजूरी मिल गई है और जल्द ही यह बीज बाजार में किसान खरीद सकेंगे।नाबी मोहाली के कार्यकारी निदेशक और प्रो. अश्वनी पारीक, नई दिल्ली एनपीजीआर के निदेशक डॉ. सुभ्रा चक्रवर्ती और नई दिल्ली राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी के सचिव डॉ. केसी बंसल ने मिलकर शोध करके नए बीज जीएम मस्टर्ड के अंतर्गत डीएमएच-11 की खोज की है। उन्होंने कहा कि सरसों भारत में एक महत्वपूर्ण फसल है और तेल उत्पादक संसाधन भी है। सरसों की विभिन्न किस्में उपलब्ध होने के बावजूद भी अन्य तेल फसलों की तुलना में सरसों की उपज (प्रति एकड़) को अधिकतम करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। वहीं, अच्छे उत्पादन के लिए डीएमएच-11 बीज बहुत ही अच्छे हैं। साथ ही डीएमएच-11 हाइब्रिड किस्म ने मौजूदा किस्मों से 28 प्रतिशत और जोनल चेक किस्मों से 37 प्रतिशत अधिक उपज देकर बेहतर प्रदर्शन किया।
विज्ञापन



विदेशों में 20 साल से उगाई जा रही जीएम सरसों
बता दें कि कनाडा, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में 20 वर्षों से जीएम सरसों उगाई जा रही है। इन देशों में 90 प्रतिशत सरसों उत्पादन जीएम किस्मों से होता है। इस सब को देखने के बाद डीएमएच-11 और इसकी मूल किस्मों को देश में लागू करने की सिफारिश की गई। यह किस्म देश में सरसों की किस्मों के प्रति हेक्टेयर पैदावार में वृद्धि होगी। इसके साथ ही इससे किसानों की आमदन भी बढ़ेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed