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नगर निगम हदबंदी पर आपत्तियां : केवल हां और न में जवाब लेने पर लोगों ने जताई नाराजगी

Thu, 20 Nov 2025 11:51 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 20 Nov 2025 11:51 PM IST
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Objections to municipal corporation demarcation: People expressed displeasure over receiving only yes and no answers
मोहाली। नगर निगम मोहाली की हदबंदी बढ़ाने के मामले में वीरवार को चंडीगढ़ सेक्टर-35 स्थित स्थानीय निकाय विभाग में सुनवाई हुई। विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव तेजवीर सिंह और नगर निगम कमिश्नर परमिंदरपाल सिंह ने करीब दो घंटे तक आपत्तियों पर सुनवाई की।इसमें 150 से अधिक लोग पहुंचे। लोगों के अनुसार विभाग ने एतराज तो सुने, पर उपस्थित लोगों के अनुसार यह सिर्फ खानापूर्ति बनकर रह गया। कुछ लोगों ने इस सुनवाई पर एतराज भी किया कि उन्हें ढंग से नहीं सुना गया। टीडीआई सिटी से पहुंचे एडवोकेट गौरव गोयल ने बताया कि अधिकारियों ने आडिटोरियम में मौजूद लोगों से कहा कि जिनका नाम पुकारा जाएगा वही बोलें। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने केवल इतना पूछा कि क्षेत्र नगर निगम में शामिल होना चाहिए या नहीं और जवाब सिर्फ ‘हां’ या ‘ना’ में देने को कहा गया। न लोगों की दलीलें सुनी गई, न दस्तावेज़ देखे गए। समस्याओं पर भी चर्चा नहीं हुई। उनका कहना है कि प्रदेश की आप सरकार और स्थानीय निकाय विभाग जनता की आवाज को दबा रही है। लोगों की समस्याओं के प्रति पूरी तरह लापरवाह है। दूसरी तरफ गांव बलौंगी के नरेश कुमार नेशी ने बताया कि एतराज सुनना एक खानापूर्ति थी, सही ढंग से उनकी सुनवाई नहीं हुई है। पंजाब सरकार से नई हदबंदी को लेकर जनता से आपत्तियां और सुझाव मांगे जा रहे हैं। हदबंदी का अंतिम ड्राफ्ट एक-दो दिन में विचार के बाद तैयार कर लिया जाएगा।
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गांव रूड़का की पंचायत नगर निगम में नहीं होगी शाामिल
एयरोसिटी के पास स्थित गांव रूड़का की ग्राम पंचायत ने स्पष्ट शब्दों में घोषणा की है कि वे किसी भी स्थिति में नगर निगम में शामिल नहीं होना चाहते। पंचायत ने बैठक कर सर्वसम्मति से फैसला लिया कि नगर निगम में जाने से ग्रामीण ढांचा प्रभावित होगा और विकास कार्यों पर भी असर पड़ेगा। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि गांव की जरूरतें और समस्याएं अलग हैं, जिन्हें ग्राम पंचायत व्यवस्था में ही बेहतर तरीके से हल किया जा सकता है। स्थानीय निकाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव तेजवीर सिंह ने बताया कि सुनवाई के दौरान सभी उपस्थित लोगों को अपनी बात रखने का अवसर दिया गया। रुड़का गांव से आए प्रतिनिधियों ने निगम में शामिल न किए जाने की मांग रखी, जबकि अन्य क्षेत्रों से भी कई तरह की आपत्तियां आईं हैं। उन्होंने कहा कि सभी आपत्तियां सरकार को भेजी जाएंगी और निर्धारित समय-सीमा के भीतर आगे की कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी।
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