{"_id":"6272e52bae7055754b11a026","slug":"new-initiative-for-tourists-visiting-siswan-dam-digital-water-gauge-meter-installed-mohali-news-pkl449633652","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिसवां डैम पर आने वाले सैलानियों के लिए नई पहल, डिजिटल वाटर गेज मीटर स्थापित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिसवां डैम पर आने वाले सैलानियों के लिए नई पहल, डिजिटल वाटर गेज मीटर स्थापित
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुल्लांपुर (नयागांव)। चंडीगढ़ की सुखना लेक की तर्ज पर सिसवां डैम को संवारने के साथ ही अब सरकार ने एक और कदम उठाया है। इसके तहत डैम में जलस्तर के बढ़ने या कम होने की जानकारी तुरंत अधिकारियों के पास पहुंच जाएगी। इसके लिए वहां पर डिजिटल वाटर गेज मीटर लगाया गया है। जोकि हर आधे घंटे में विभाग से लेकर जिला प्रशासन एवं आपातकालीन टीम के अधिकारियों तक को पानी के स्तर का मैसेज भेजता है। अभी ट्रायल चल रहा है। अगर यह सफल होता है तो इसको पंजाब के सभी डैम पर लगाया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, पिछले सालों में डैम के पानी का स्तर अचानक बढ़ जाने के कारण आसपास के गांवों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती थी क्योंकि पहले पानी का स्तर जांचने के लिए डैम की दीवारों पर निशान लगाए हुए थे जोकि मिट जाते थे। इस कारण पानी के स्तर की सही जांच नहीं हो पाती थी लेकिन विभाग की तरफ से सिसवां डैम पर पर्यटकों की संख्या एवं सुरक्षा को देखते हुए एक डिजिटल सिस्टम लगाया है। विभाग की ओर से इस सिस्टम को सोलर पावर से जोड़ा गया है ताकि खराब मौसम में बिजली जाने के बाद भी यह सिस्टम अपना काम करता रहे। इससे दिन में वोटिंग कर रहे यात्रियों की सुरक्षा को भी ध्यान में रखा जा सकता है। जैसे ही डैम के पानी का स्तर खतरे के निशान से ऊपर बढ़ेगा तो यह सिस्टम अपने आप ही आपातकालीन सायरन बजाना शुरू कर देगा। इस सिस्टम की खास बात है कि इसके अंदर कई अधिकारियों के फोन नंबर दर्ज किए गए हैं। दर्ज किए गए सभी नंबरों पर हर आधे घंटे में पानी के लेवल का मैसेज इस सिस्टम के द्वारा भेजा जाता है। संवाद
क्या कहते हैं अधिकारी
इस सिस्टम को अभी ट्रायल के तौर पर उपयोग में लाया गया है। मैनुअल सिस्टम में गलतियां होने की संभावना ज्यादा थी लेकिन इस सिस्टम से गलतियां होने का खतरा नहीं है। यह सिस्टम हर समय अपने आप ही पानी के स्तर पर निगरानी रखता है। इससे सिसवां डैम पर आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा में और ज्यादा बढ़ोतरी होगी।
विज्ञापन
-कुलवंत सिंह, असिस्टेंट इंजीनियर नहरी विभाग
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, पिछले सालों में डैम के पानी का स्तर अचानक बढ़ जाने के कारण आसपास के गांवों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती थी क्योंकि पहले पानी का स्तर जांचने के लिए डैम की दीवारों पर निशान लगाए हुए थे जोकि मिट जाते थे। इस कारण पानी के स्तर की सही जांच नहीं हो पाती थी लेकिन विभाग की तरफ से सिसवां डैम पर पर्यटकों की संख्या एवं सुरक्षा को देखते हुए एक डिजिटल सिस्टम लगाया है। विभाग की ओर से इस सिस्टम को सोलर पावर से जोड़ा गया है ताकि खराब मौसम में बिजली जाने के बाद भी यह सिस्टम अपना काम करता रहे। इससे दिन में वोटिंग कर रहे यात्रियों की सुरक्षा को भी ध्यान में रखा जा सकता है। जैसे ही डैम के पानी का स्तर खतरे के निशान से ऊपर बढ़ेगा तो यह सिस्टम अपने आप ही आपातकालीन सायरन बजाना शुरू कर देगा। इस सिस्टम की खास बात है कि इसके अंदर कई अधिकारियों के फोन नंबर दर्ज किए गए हैं। दर्ज किए गए सभी नंबरों पर हर आधे घंटे में पानी के लेवल का मैसेज इस सिस्टम के द्वारा भेजा जाता है। संवाद
विज्ञापन
क्या कहते हैं अधिकारी
इस सिस्टम को अभी ट्रायल के तौर पर उपयोग में लाया गया है। मैनुअल सिस्टम में गलतियां होने की संभावना ज्यादा थी लेकिन इस सिस्टम से गलतियां होने का खतरा नहीं है। यह सिस्टम हर समय अपने आप ही पानी के स्तर पर निगरानी रखता है। इससे सिसवां डैम पर आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा में और ज्यादा बढ़ोतरी होगी।
विज्ञापन
-कुलवंत सिंह, असिस्टेंट इंजीनियर नहरी विभाग