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Mohali News: बजट को लोगों ने बताया खास, आप और कांग्रेस ने नकारा
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बजट को लोगों ने बताया खास, आप और कांग्रेस ने नकारा
बजट को लोगों ने बताया खास, आप और कांग्रेस ने नकारा
लोगों ने कहा- बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी पर भी होनी चाहिए थी बातचीत
कुछ नेताओं ने नए बजट को सिर्फ बड़े घरानों को ही फायदा पहुंचाने वाला बताया
माई सिटी रिपोर्टर
मोहाली। केंद्र सरकार ने लोकसभा चुनाव-2024 से पहले बुधवार को अपना अंतिम पूर्ण बजट पेश कर दिया। शहर के लोगों ने इस बजट में टैक्स स्लैब में मिली छूट को सही बताते हुए इसे खास बताया है। वहीं आप और कांग्रेस के नेताओं ने इसे नकार दिया है। इन दोनों ही पार्टियों के कुछ नेताओं ने कहा कि यह बजट सिर्फ बड़े घरानों को ही फायदा पहुंचाने वाला है।
वहीं, शहर के उद्योगपतियों ने कहा कि तीन करोड़ रुपये के टर्नओवर वाले माइक्रो उद्योग को कर में छूट देने का फैसला सही है। इससे इलाके में रोजगार के मौके बढ़ेंगे। वहीं लोगों ने कहा कि सिगरेट पर कर बढ़ाने से यह महंगी हो जाएगी और इससे काफी युवा इसका इस्तेमाल करना छोड़ देंगे। इससे वे गंभीर बीमारियों का शिकार होने से बच पाएंगे। इसके अलावा गृहिणियों ने बजट को नकारते हुए कहा कि इसमें महंगाई को कम करने की कोई बात नहीं की गई है।
शहर के युवाओं का बजट पर कहना है कि सरकार को युवाओं के रोजगार के लिए बजट में कुछ तो रखना चाहिए था। इस बार के बजट में मोबाइल, इलेक्ट्रिक गाड़ियों, कपड़े, टीवी और हीरे के आभूषणों को सस्ता करने की बात कही गई है। ये चीजें तो विलासिता का साधन हैं। युवाओं ने कहा कि सरकार को रोजाना इस्तेमाल में होने वाली चीजों के बढ़ते दामों में कमी लाने के लिए बजट में प्रावधान लाना चाहिए था, जो कि नहीं किया गया।
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बुजुर्ग
1. वरिष्ठ नागरिकों के लिए कुछ नहीं
इस बार का बजट अमीरों का बजट है। वरिष्ठ नागरिकों को इस बजट से बहुत उम्मीदें थीं। बजट पेश होने के बाद उनके हाथ कुछ नहीं लगा है। रेलवे में पहले उन्हें छूट मिलती थी लेकिन वह भी काफी समय से बंद पड़ी है। -वीसी प्रेमी, बुजुर्ग
2. गांव में विकास हो तो पता चलेगा
देश की आजादी से अब तक बहुत से बजट देखे और सुने हैं। सभी सरकारें बजट के लिए अपनी पीठ थपथपाती है। लेकिन हमारे गांव के हालात आज भी वहीं हैं, जो अंग्रेजों के जमाने के थे। बजट का तब पता चलेगा, जब आने वाले एक साल में कोई विकास कार्य होगा। -दौलत सिंह, बुजुर्ग
3. बच्चों पर निर्भर बुजुर्गों के लिए कुछ नहीं
वरिष्ठ नागरिकों के लिए बचत खाते में रखी जाने वाली रकम की लिमिट बढ़ाने का फैसला सिर्फ नौकरी पेशा और कारोबारी बुजुर्गों के लिए लाभदायक है। वहीं जो बुजुर्ग अपने बच्चों पर निर्भर हैं, उनके लिए सरकार ने कोई ऐलान नहीं किया है। -एके चौधरी, बुजुर्ग
4. बुजुर्गों के लिए चाहिए थी रियायतें
बचत पर सात लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर कोई भी टैक्स नहीं लगाना केंद्र सरकार का एक अच्छा प्रयास रहा है। इससे बहुत से लोगों को काफी फायदा होगा। सरकार को बुजुर्गों के लिए बजट में और रियायतें लानी चाहिए थीं -महिंदर सिंह, बुजुर्ग
किसान
1. किसानों को कुछ नहीं मिला
केंद्र सरकार का बजट हर बार कार्पोरेट घरानों को ध्यान में रखकर बनाया जाता है। इस बार बजट में कर्मचारी वर्ग को कर में छूट देकर लुभाने की कोशिश की गई है। लेकिन किसानों को बजट में कुछ भी नहीं दिया गया है। -नछत्तर सिंह बैदवान, किसान
2. किसानों के लिए केंद्र लाया काला बजट
केंद्र सरकार ने बजट अमीरों को ध्यान में रखकर ही बनाया है। किसानों के लिए इसमें कुछ नहीं है, उनके लिए यह काला बजट है। किसानों को उम्मीद थी कि उन्हें डीजल, बीज, कृषि यंत्र आदि लेने में सब्सिडी मिलेगी पर कुछ नहीं हुआ। -परमदीप सिंह बैदवान, किसान
3. किसानों के लिए कोई नहीं बड़ा फैसला
सरकार ने किसानों के लिए कोई बड़ा फैसला नहीं किया है। जबकि किसान काफी आर्थिक तौर पर पिछड़ता जा रहा है। केंद्र सरकार ने देश की किसानी को अपने पैरों पर निर्भर करने के लिए बड़े-बड़े दावे किए थे। वहीं बजट में किसानों के लिए कोई एलान नहीं किया गया। -जोगा सिंह जवाहरपुर, किसान
4. बजट किसानों के लिए मीठी गोली
यह बजट किसानों के लिए एक मीठी गोली की तरह साबित हुआ है। इसका कुछ ज्यादा फायदा होने वाला नहीं है। बजट दौरान एमएसपी की बात तक नहीं की गई जबकि आधे से ज्यादा आबादी गांवों में रहती है। उन्हें बजट में नजरअंदाज किया गया है। - प्रेम राणा, किसान नेता लालड़ू
गृहिणी
1. महंगाई कम करने के लिए कुछ नहीं
महिला सम्मान बचत पत्र योजना शुरू करने का फैसला सही है। इसमें महिलाओं को दो लाख की बचत पर 7.5 प्रतिशत का ब्याज मिलेगा। इससे महिलाओं में बचत की आदत बढ़ेगी। इसके अलावा सरकार को महंगाई कम करने के बारे में सोचना चाहिए था। -सुनीता अग्रवाल, गृहिणी
2. महंगाई थमे तो ही बजट अच्छा
पिछले सालों में रसोई का बजट बिगड़ चुका है। महंगाई इतनी है कि घर का खर्चा चलाना मुश्किल हो रखा है। सरकार का बजट न जाने क्या है, लेकिन जिस दिन रसोई का बजट जेब के हिसाब से होगा, उस दिन लगेगा कि सरकार कोई अच्छा बजट लेकर आई है। - पल्लवी शर्मा, गृहिणी
3. महिलाओं के लिए बजट में खास नहीं
महिलाओं के लिए इस बजट में कोई खास घोषणा न करना काफी आश्चर्यजनक है। देश की वित्त मंत्री भी महिला है लेकिन फिर भी मात्र महिला सम्मान बचत पत्र योजना का एलान करना सही नहीं है। -ज्हानवी, दुरेजा, गृहिणी
4. सोना महंगा होने से मध्यम वर्ग की बढ़ी मुश्किल
कई साल से महंगाई दिनोंदिन बढ़ रही है। सरकार ने इसे कम करने की कोशिश नहीं की है। सोने के दाम बढ़ाकर मध्यम वर्ग परिवार वालों को शादी के लिए मुश्किल बढ़ी है, अब इसे खरीदने से पहले सोचना होगा। -रश्मि, गृहिणी
शिक्षक
1. नए 157 नर्सिंग कॉलेज बनाने का फैसला सही
सरकार ने आदिवासियों के लिए 2023-24 में विशेष स्कूल खोलने का एलान किया है। इसके लिए सरकार ने 15 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। वहीं देश में 157 नए नर्सिंग कॉलेज बनाने का फैसला भी सही है। -वनीता जोशी, शिक्षिका
2. डिजिटल लाइब्रेरी खोलने से घटेगा पढ़ाई का खर्च
डिजिटल लाइब्रेरी खोलने का फैसला क्रांतिकारी है। अगर सरकार ऐसी सुविधा देती है तो इससे पढ़ाई का खर्च घटेगा। सरकार को ऐसे प्रावधान भी करने चाहिए कि जो बच्चे डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं, वे गलत चीजों का इस्तेमाल न करें। -मनप्रीत कौर, प्रिंसिपल, सेकेंडरी स्कूल नयागांव
3. निजी स्कूलों में कम होनी चाहिए थी फीस
शिक्षा दिनोंदिन महंगी होती जा रही है। सरकार को इसके लिए बजट में प्रावधान लाना चाहिए था ताकि निजी स्कूलों द्वारा ली जाती फीस में कमी होती। वहीं सरकारी स्कूल-कॉलेजों में शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए भी काम करना चाहिए था। -सरोज मित्तल, शिक्षिका
4. शिक्षा के लिए अहम फैसला नहीं
सरकार ने बजट में शिक्षा के लिए कोई अहम फैसला नहीं किया है। सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। वहीं निजी स्कूलों में बच्चे पढ़ाना वित्तीय लूट है। -अनुराधा महिंद्रू, शिक्षक
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डॉक्टर
1. कोरोना से निपटेंगे 220 करोड़ टीके
इस बार का बजट सही रहा है। देश को एनीमिया मुक्त बनाने के लक्ष्य के साथ नए नर्सिंग कॉलेज और अनुसंधान केंद्रों को लेकर घोषणा की गई। कोरोना से निपटने के लिए 220 करोड़ टीके देना लोगों के लिए राहत है। -डॉ. संजीव कंबोज, मोहाली
2. टैक्स स्लैब में बदलाव से होगा फायदा
सरकार का टैक्स स्लैब में बदलाव करना एक सराहनीय कदम है। इससे मध्यमवर्गीय नौकरी पेशा वाले लोगों को लाभ मिलेगा। अभी इसके लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। जब तक छूट के दायरों का विस्तृत विवरण न मिल जाए तब तक कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा। -डॉ. अर्शदीप शर्मा, मुल्लांपुर
3. मध्यम वर्ग को आयुष्मान में शामिल करना सही
बजट दौरान स्वास्थ्य चिकित्सा को बेहतर के लिए बजट का दायरा बढ़ाने से आधुनिक करण द्वारा नई तकनीक से बेहतर सेवाएं उपलब्ध होंगी मध्यवर्ग को भी आयुष्मान योजना में शामिल करना भी एक सराहनीय कदम है। -डॉ. हिमांशु सैनी, लालड़ू
4. स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़ा एलान नहीं
बजट में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कोई बड़ा एलान नहीं किया गया। चंडीगढ़ में स्थित पीजीआई, सेक्टर-32 जीएमसीएच व अन्य बड़े अस्पतालों में मरीजों की गिनती ज्यादा है पर सुविधाओं की भारी कमी है। सरकार कोई अस्पतालों में सुविधाओं को बढ़ाना चाहिए। -डॉ. महिमा मलिक, होम्योपैथी, ढकोली
वकील
1. हर शहर में मशीनों से सफाई होने से शहर होंगे साफ
बजट में शहरी विकास पर सरकार द्वारा सालाना 10 हजार करोड़ रुपये खर्च करने की बात कही गई है। शहरों और कस्बों में पूरी तरह से मशीनी पद्धति से सफाई होने से शहर में सफाई व्यवस्था सुधरेगी। -संजीव शर्मा, वकील
2. बजट में हर वर्ग का रखा ध्यान
बजट में देश के हरेक वर्ग का विशेष ख्याल रखा गया है। गरीबों को एक साल के लिए मुफ्त अनाज, सात लाख तक आय पर कर में छूट, युवाओं के लिए स्टार्टअप फंड, तीन साल तक भत्ता मिलना व इंटरनेशनल स्किल सेंटर्स बनेने जैसे फैसले सराहनीय हैं। -रामजीत धीमान, वकील
3. बेरोजागरी पर नहीं कोई चर्चा
बजट के दौरान कुछ सामानों की कीमतें घटाई गईं और कुछ की बढ़ाई। आज बेरोजगार युवाओं को रोजगार की जरूरत है, लेकिन इस पर कोई चर्चा नहीं की गई। इसके चलते युवा ठगा सा महसूस कर रहे हैं। -अजय राणा, वकील
4. टैक्स स्लैब में बदलाव का फायदा वकीलों को मिल सकता है लेकिन सरकार की तरफ से वकीलों को कोई विशेष घोषणा नहीं की गई है। वकील देश के संविधान की रखवाली करते हुए लोगों के मुकदमों की पैरवी करते हैं। ऐसे में सरकार को वकीलों के लिए एक विशेष पैकेज रखना चाहिए। इसमें उनके बच्चों की शिक्षा, आवास एवं स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं का प्रावधान होना चाहिए। -बबीता पंत, वकील
युवा
1. युवाओं के लिए बजट में हुआ काम
युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने पर बजट में काम किया गया है। अंतरराष्ट्रीय अवसरों के लिए कुशल बनाने के लिए विभिन्न राज्यों में 30 स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर स्थापित करने से रोजगार के मौके बढ़ेंगे। -अनुराग कृष्ण, युवा
2. व्यापारियों को नहीं दी कोई छूट
बजट से व्यापारियों को काफी उम्मीद थी लेकिन बजट में सरकार ने व्यापारियों के लिए कोई भी छूट नहीं दी गई है। उम्मीद थी कि जीएसटी की दर कम की जाएगी। जीएसटी भरने की प्रक्रिया में सुधार कर आसान किया जाएगा, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है। -नवीन बंसल, युवा व्यापारी
3. बजट से युवा वर्ग को निराशा
केंद्र सरकार ने सत्ता में आने से पहले युवाओं को बड़ी गिनती पर रोजगार देने के दावे किए थे। वहीं बजट में भी सरकार ने सीधे रोजगार के मौके प्रदान करने का कोई एलान नहीं किया गया। सरकार युवाओं को कारोबार शुरु करने के लिए कर्ज देने का दावा तो करती है लेकिन वह भी सिर्फ उन युवाओं को दिया जाता है जो बड़े घरों से हैं। इस कारण इस बजट से युवा काफी निराश है। -जगजीत सिंह, युवा
4. मिलाजुला है बजट, महंगाई से मिलेगी राहत
इस बार के बजट में मिलाजुला असर देखने को मिला है। मध्यवर्ग के सभी लोगों के सपने पूरे होंगे और महंगाई से कुछ राहत मिलेगी। बजट दौरान महिला सम्मान बचत पत्र योजना शुरू करना एक अच्छा प्रयास है। - उदय सिंह, युवा।
बजट पर नेताओं की राय
1. देश की 96 प्रतिशत आबादी को करमुक्त करने की कोशिश
सरकार इस बार बहुत अच्छा बजट लाई है। देश की करीब 96 प्रतिशत आबादी को करमुक्त करने की कोशिश की गई है। पर्यावरण के प्रति संजीदगी दिखाते हुए सरकार बजट लाई है। बजट में उद्योग को बढ़ावा देने की कोशिश की गई है। प्रदेश सरकार को इसका फायदा उठाने के लिए उद्योगों के लिए अच्छा वातावरण बनाना होगा ताकि बजट का फायदा उठाया जा सके। -संजीव वशिष्ट, जिला भाजपा प्रधान
2. बजट किसी वर्ग के लिए सही नहीं
बजट किसी वर्ग के लिए सही नहीं है। कांग्रेस सरकार के समय में बजट हर वर्ग को ध्यान में रखकर बनाया जाता था। वहीं केंद्र सरकार के दूसरे कार्यकाल के अंतिम पूर्ण बजट से लोगों को काफी उम्मीदें थीं लेकिन सब चकनाचूर हो गईं। बजट सिर्फ कार्पोरेट घरानों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। -जसप्रीत सिंह गिल, जिला सिटी कांग्रेस प्रधान
3. किसी वर्ग के लिए बजट में कुछ नहीं
सरकार ने बजट के नाम पर लॉलीपॉप पेश किया है। निम्न वर्ग और मध्यम वर्ग के लिए बजट में कुछ भी खास नहीं है। इस बजट को मोदी सरकार की बड़े घरानों को ध्यान में रखकर बनाने की नीति पर ही काम किया गया है। -प्रभजोत कौर, जिला आप प्रधान
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सालाना 15 लाख आय वाले परिवार की बजट पर राय
एक निजी फाइनांस बैंक में कार्यरत असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट (एवीपी) विशाल शर्मा ने कहा कि इस बार का बजट बढ़िया है। इसमें टैक्स स्लैब घटाकर और आय पर कर में छूट बढ़ाकर मध्यम वर्ग को तोहफा दिया गया है। केंद्र सरकार की ओर से 15 लाख आय वर्ग को दी राहत से उन्हें 20 प्रतिशत फायदा होगा और सालाना उनके साढ़े सैंतीस हजार रुपये बचेंगे। नए बजट को उन्होंने 10 में से 10 नंबर देते हुए कहा कि अगर राज्य सरकार साथ नहीं देती तो बजट का पूरा फायदा जनता को नहीं मिलेगा। तब इस बजट के नौ नंबर ही रह जाएंगे
परिवार के मुखिया का नाम : विशाल शर्मा
निवास स्थान : सेक्टर-67, मोहाली
व्यवसाय : एक निजी फाइनांस कंपनी में असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट (एवीपी) सबसे ज्यादा खर्च : पेट्रोल पर
सालाना बचत : दो से तीन लाख रुपये
बजट को कितने नंबर : 10 में से 10
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बजट को लोगों ने बताया खास, आप और कांग्रेस ने नकारा
लोगों ने कहा- बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी पर भी होनी चाहिए थी बातचीत
कुछ नेताओं ने नए बजट को सिर्फ बड़े घरानों को ही फायदा पहुंचाने वाला बताया
माई सिटी रिपोर्टर
मोहाली। केंद्र सरकार ने लोकसभा चुनाव-2024 से पहले बुधवार को अपना अंतिम पूर्ण बजट पेश कर दिया। शहर के लोगों ने इस बजट में टैक्स स्लैब में मिली छूट को सही बताते हुए इसे खास बताया है। वहीं आप और कांग्रेस के नेताओं ने इसे नकार दिया है। इन दोनों ही पार्टियों के कुछ नेताओं ने कहा कि यह बजट सिर्फ बड़े घरानों को ही फायदा पहुंचाने वाला है।
वहीं, शहर के उद्योगपतियों ने कहा कि तीन करोड़ रुपये के टर्नओवर वाले माइक्रो उद्योग को कर में छूट देने का फैसला सही है। इससे इलाके में रोजगार के मौके बढ़ेंगे। वहीं लोगों ने कहा कि सिगरेट पर कर बढ़ाने से यह महंगी हो जाएगी और इससे काफी युवा इसका इस्तेमाल करना छोड़ देंगे। इससे वे गंभीर बीमारियों का शिकार होने से बच पाएंगे। इसके अलावा गृहिणियों ने बजट को नकारते हुए कहा कि इसमें महंगाई को कम करने की कोई बात नहीं की गई है।
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शहर के युवाओं का बजट पर कहना है कि सरकार को युवाओं के रोजगार के लिए बजट में कुछ तो रखना चाहिए था। इस बार के बजट में मोबाइल, इलेक्ट्रिक गाड़ियों, कपड़े, टीवी और हीरे के आभूषणों को सस्ता करने की बात कही गई है। ये चीजें तो विलासिता का साधन हैं। युवाओं ने कहा कि सरकार को रोजाना इस्तेमाल में होने वाली चीजों के बढ़ते दामों में कमी लाने के लिए बजट में प्रावधान लाना चाहिए था, जो कि नहीं किया गया।
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बुजुर्ग
1. वरिष्ठ नागरिकों के लिए कुछ नहीं
इस बार का बजट अमीरों का बजट है। वरिष्ठ नागरिकों को इस बजट से बहुत उम्मीदें थीं। बजट पेश होने के बाद उनके हाथ कुछ नहीं लगा है। रेलवे में पहले उन्हें छूट मिलती थी लेकिन वह भी काफी समय से बंद पड़ी है। -वीसी प्रेमी, बुजुर्ग
2. गांव में विकास हो तो पता चलेगा
देश की आजादी से अब तक बहुत से बजट देखे और सुने हैं। सभी सरकारें बजट के लिए अपनी पीठ थपथपाती है। लेकिन हमारे गांव के हालात आज भी वहीं हैं, जो अंग्रेजों के जमाने के थे। बजट का तब पता चलेगा, जब आने वाले एक साल में कोई विकास कार्य होगा। -दौलत सिंह, बुजुर्ग
3. बच्चों पर निर्भर बुजुर्गों के लिए कुछ नहीं
वरिष्ठ नागरिकों के लिए बचत खाते में रखी जाने वाली रकम की लिमिट बढ़ाने का फैसला सिर्फ नौकरी पेशा और कारोबारी बुजुर्गों के लिए लाभदायक है। वहीं जो बुजुर्ग अपने बच्चों पर निर्भर हैं, उनके लिए सरकार ने कोई ऐलान नहीं किया है। -एके चौधरी, बुजुर्ग
4. बुजुर्गों के लिए चाहिए थी रियायतें
बचत पर सात लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर कोई भी टैक्स नहीं लगाना केंद्र सरकार का एक अच्छा प्रयास रहा है। इससे बहुत से लोगों को काफी फायदा होगा। सरकार को बुजुर्गों के लिए बजट में और रियायतें लानी चाहिए थीं -महिंदर सिंह, बुजुर्ग
किसान
1. किसानों को कुछ नहीं मिला
केंद्र सरकार का बजट हर बार कार्पोरेट घरानों को ध्यान में रखकर बनाया जाता है। इस बार बजट में कर्मचारी वर्ग को कर में छूट देकर लुभाने की कोशिश की गई है। लेकिन किसानों को बजट में कुछ भी नहीं दिया गया है। -नछत्तर सिंह बैदवान, किसान
2. किसानों के लिए केंद्र लाया काला बजट
केंद्र सरकार ने बजट अमीरों को ध्यान में रखकर ही बनाया है। किसानों के लिए इसमें कुछ नहीं है, उनके लिए यह काला बजट है। किसानों को उम्मीद थी कि उन्हें डीजल, बीज, कृषि यंत्र आदि लेने में सब्सिडी मिलेगी पर कुछ नहीं हुआ। -परमदीप सिंह बैदवान, किसान
3. किसानों के लिए कोई नहीं बड़ा फैसला
सरकार ने किसानों के लिए कोई बड़ा फैसला नहीं किया है। जबकि किसान काफी आर्थिक तौर पर पिछड़ता जा रहा है। केंद्र सरकार ने देश की किसानी को अपने पैरों पर निर्भर करने के लिए बड़े-बड़े दावे किए थे। वहीं बजट में किसानों के लिए कोई एलान नहीं किया गया। -जोगा सिंह जवाहरपुर, किसान
4. बजट किसानों के लिए मीठी गोली
यह बजट किसानों के लिए एक मीठी गोली की तरह साबित हुआ है। इसका कुछ ज्यादा फायदा होने वाला नहीं है। बजट दौरान एमएसपी की बात तक नहीं की गई जबकि आधे से ज्यादा आबादी गांवों में रहती है। उन्हें बजट में नजरअंदाज किया गया है। - प्रेम राणा, किसान नेता लालड़ू
गृहिणी
1. महंगाई कम करने के लिए कुछ नहीं
महिला सम्मान बचत पत्र योजना शुरू करने का फैसला सही है। इसमें महिलाओं को दो लाख की बचत पर 7.5 प्रतिशत का ब्याज मिलेगा। इससे महिलाओं में बचत की आदत बढ़ेगी। इसके अलावा सरकार को महंगाई कम करने के बारे में सोचना चाहिए था। -सुनीता अग्रवाल, गृहिणी
2. महंगाई थमे तो ही बजट अच्छा
पिछले सालों में रसोई का बजट बिगड़ चुका है। महंगाई इतनी है कि घर का खर्चा चलाना मुश्किल हो रखा है। सरकार का बजट न जाने क्या है, लेकिन जिस दिन रसोई का बजट जेब के हिसाब से होगा, उस दिन लगेगा कि सरकार कोई अच्छा बजट लेकर आई है। - पल्लवी शर्मा, गृहिणी
3. महिलाओं के लिए बजट में खास नहीं
महिलाओं के लिए इस बजट में कोई खास घोषणा न करना काफी आश्चर्यजनक है। देश की वित्त मंत्री भी महिला है लेकिन फिर भी मात्र महिला सम्मान बचत पत्र योजना का एलान करना सही नहीं है। -ज्हानवी, दुरेजा, गृहिणी
4. सोना महंगा होने से मध्यम वर्ग की बढ़ी मुश्किल
कई साल से महंगाई दिनोंदिन बढ़ रही है। सरकार ने इसे कम करने की कोशिश नहीं की है। सोने के दाम बढ़ाकर मध्यम वर्ग परिवार वालों को शादी के लिए मुश्किल बढ़ी है, अब इसे खरीदने से पहले सोचना होगा। -रश्मि, गृहिणी
शिक्षक
1. नए 157 नर्सिंग कॉलेज बनाने का फैसला सही
सरकार ने आदिवासियों के लिए 2023-24 में विशेष स्कूल खोलने का एलान किया है। इसके लिए सरकार ने 15 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। वहीं देश में 157 नए नर्सिंग कॉलेज बनाने का फैसला भी सही है। -वनीता जोशी, शिक्षिका
2. डिजिटल लाइब्रेरी खोलने से घटेगा पढ़ाई का खर्च
डिजिटल लाइब्रेरी खोलने का फैसला क्रांतिकारी है। अगर सरकार ऐसी सुविधा देती है तो इससे पढ़ाई का खर्च घटेगा। सरकार को ऐसे प्रावधान भी करने चाहिए कि जो बच्चे डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं, वे गलत चीजों का इस्तेमाल न करें। -मनप्रीत कौर, प्रिंसिपल, सेकेंडरी स्कूल नयागांव
3. निजी स्कूलों में कम होनी चाहिए थी फीस
शिक्षा दिनोंदिन महंगी होती जा रही है। सरकार को इसके लिए बजट में प्रावधान लाना चाहिए था ताकि निजी स्कूलों द्वारा ली जाती फीस में कमी होती। वहीं सरकारी स्कूल-कॉलेजों में शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए भी काम करना चाहिए था। -सरोज मित्तल, शिक्षिका
4. शिक्षा के लिए अहम फैसला नहीं
सरकार ने बजट में शिक्षा के लिए कोई अहम फैसला नहीं किया है। सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। वहीं निजी स्कूलों में बच्चे पढ़ाना वित्तीय लूट है। -अनुराधा महिंद्रू, शिक्षक
डॉक्टर
1. कोरोना से निपटेंगे 220 करोड़ टीके
इस बार का बजट सही रहा है। देश को एनीमिया मुक्त बनाने के लक्ष्य के साथ नए नर्सिंग कॉलेज और अनुसंधान केंद्रों को लेकर घोषणा की गई। कोरोना से निपटने के लिए 220 करोड़ टीके देना लोगों के लिए राहत है। -डॉ. संजीव कंबोज, मोहाली
2. टैक्स स्लैब में बदलाव से होगा फायदा
सरकार का टैक्स स्लैब में बदलाव करना एक सराहनीय कदम है। इससे मध्यमवर्गीय नौकरी पेशा वाले लोगों को लाभ मिलेगा। अभी इसके लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। जब तक छूट के दायरों का विस्तृत विवरण न मिल जाए तब तक कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा। -डॉ. अर्शदीप शर्मा, मुल्लांपुर
3. मध्यम वर्ग को आयुष्मान में शामिल करना सही
बजट दौरान स्वास्थ्य चिकित्सा को बेहतर के लिए बजट का दायरा बढ़ाने से आधुनिक करण द्वारा नई तकनीक से बेहतर सेवाएं उपलब्ध होंगी मध्यवर्ग को भी आयुष्मान योजना में शामिल करना भी एक सराहनीय कदम है। -डॉ. हिमांशु सैनी, लालड़ू
4. स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़ा एलान नहीं
बजट में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कोई बड़ा एलान नहीं किया गया। चंडीगढ़ में स्थित पीजीआई, सेक्टर-32 जीएमसीएच व अन्य बड़े अस्पतालों में मरीजों की गिनती ज्यादा है पर सुविधाओं की भारी कमी है। सरकार कोई अस्पतालों में सुविधाओं को बढ़ाना चाहिए। -डॉ. महिमा मलिक, होम्योपैथी, ढकोली
वकील
1. हर शहर में मशीनों से सफाई होने से शहर होंगे साफ
बजट में शहरी विकास पर सरकार द्वारा सालाना 10 हजार करोड़ रुपये खर्च करने की बात कही गई है। शहरों और कस्बों में पूरी तरह से मशीनी पद्धति से सफाई होने से शहर में सफाई व्यवस्था सुधरेगी। -संजीव शर्मा, वकील
2. बजट में हर वर्ग का रखा ध्यान
बजट में देश के हरेक वर्ग का विशेष ख्याल रखा गया है। गरीबों को एक साल के लिए मुफ्त अनाज, सात लाख तक आय पर कर में छूट, युवाओं के लिए स्टार्टअप फंड, तीन साल तक भत्ता मिलना व इंटरनेशनल स्किल सेंटर्स बनेने जैसे फैसले सराहनीय हैं। -रामजीत धीमान, वकील
3. बेरोजागरी पर नहीं कोई चर्चा
बजट के दौरान कुछ सामानों की कीमतें घटाई गईं और कुछ की बढ़ाई। आज बेरोजगार युवाओं को रोजगार की जरूरत है, लेकिन इस पर कोई चर्चा नहीं की गई। इसके चलते युवा ठगा सा महसूस कर रहे हैं। -अजय राणा, वकील
4. टैक्स स्लैब में बदलाव का फायदा वकीलों को मिल सकता है लेकिन सरकार की तरफ से वकीलों को कोई विशेष घोषणा नहीं की गई है। वकील देश के संविधान की रखवाली करते हुए लोगों के मुकदमों की पैरवी करते हैं। ऐसे में सरकार को वकीलों के लिए एक विशेष पैकेज रखना चाहिए। इसमें उनके बच्चों की शिक्षा, आवास एवं स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं का प्रावधान होना चाहिए। -बबीता पंत, वकील
युवा
1. युवाओं के लिए बजट में हुआ काम
युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने पर बजट में काम किया गया है। अंतरराष्ट्रीय अवसरों के लिए कुशल बनाने के लिए विभिन्न राज्यों में 30 स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर स्थापित करने से रोजगार के मौके बढ़ेंगे। -अनुराग कृष्ण, युवा
2. व्यापारियों को नहीं दी कोई छूट
बजट से व्यापारियों को काफी उम्मीद थी लेकिन बजट में सरकार ने व्यापारियों के लिए कोई भी छूट नहीं दी गई है। उम्मीद थी कि जीएसटी की दर कम की जाएगी। जीएसटी भरने की प्रक्रिया में सुधार कर आसान किया जाएगा, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है। -नवीन बंसल, युवा व्यापारी
3. बजट से युवा वर्ग को निराशा
केंद्र सरकार ने सत्ता में आने से पहले युवाओं को बड़ी गिनती पर रोजगार देने के दावे किए थे। वहीं बजट में भी सरकार ने सीधे रोजगार के मौके प्रदान करने का कोई एलान नहीं किया गया। सरकार युवाओं को कारोबार शुरु करने के लिए कर्ज देने का दावा तो करती है लेकिन वह भी सिर्फ उन युवाओं को दिया जाता है जो बड़े घरों से हैं। इस कारण इस बजट से युवा काफी निराश है। -जगजीत सिंह, युवा
4. मिलाजुला है बजट, महंगाई से मिलेगी राहत
इस बार के बजट में मिलाजुला असर देखने को मिला है। मध्यवर्ग के सभी लोगों के सपने पूरे होंगे और महंगाई से कुछ राहत मिलेगी। बजट दौरान महिला सम्मान बचत पत्र योजना शुरू करना एक अच्छा प्रयास है। - उदय सिंह, युवा।
बजट पर नेताओं की राय
1. देश की 96 प्रतिशत आबादी को करमुक्त करने की कोशिश
सरकार इस बार बहुत अच्छा बजट लाई है। देश की करीब 96 प्रतिशत आबादी को करमुक्त करने की कोशिश की गई है। पर्यावरण के प्रति संजीदगी दिखाते हुए सरकार बजट लाई है। बजट में उद्योग को बढ़ावा देने की कोशिश की गई है। प्रदेश सरकार को इसका फायदा उठाने के लिए उद्योगों के लिए अच्छा वातावरण बनाना होगा ताकि बजट का फायदा उठाया जा सके। -संजीव वशिष्ट, जिला भाजपा प्रधान
2. बजट किसी वर्ग के लिए सही नहीं
बजट किसी वर्ग के लिए सही नहीं है। कांग्रेस सरकार के समय में बजट हर वर्ग को ध्यान में रखकर बनाया जाता था। वहीं केंद्र सरकार के दूसरे कार्यकाल के अंतिम पूर्ण बजट से लोगों को काफी उम्मीदें थीं लेकिन सब चकनाचूर हो गईं। बजट सिर्फ कार्पोरेट घरानों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। -जसप्रीत सिंह गिल, जिला सिटी कांग्रेस प्रधान
3. किसी वर्ग के लिए बजट में कुछ नहीं
सरकार ने बजट के नाम पर लॉलीपॉप पेश किया है। निम्न वर्ग और मध्यम वर्ग के लिए बजट में कुछ भी खास नहीं है। इस बजट को मोदी सरकार की बड़े घरानों को ध्यान में रखकर बनाने की नीति पर ही काम किया गया है। -प्रभजोत कौर, जिला आप प्रधान
सालाना 15 लाख आय वाले परिवार की बजट पर राय
एक निजी फाइनांस बैंक में कार्यरत असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट (एवीपी) विशाल शर्मा ने कहा कि इस बार का बजट बढ़िया है। इसमें टैक्स स्लैब घटाकर और आय पर कर में छूट बढ़ाकर मध्यम वर्ग को तोहफा दिया गया है। केंद्र सरकार की ओर से 15 लाख आय वर्ग को दी राहत से उन्हें 20 प्रतिशत फायदा होगा और सालाना उनके साढ़े सैंतीस हजार रुपये बचेंगे। नए बजट को उन्होंने 10 में से 10 नंबर देते हुए कहा कि अगर राज्य सरकार साथ नहीं देती तो बजट का पूरा फायदा जनता को नहीं मिलेगा। तब इस बजट के नौ नंबर ही रह जाएंगे
परिवार के मुखिया का नाम : विशाल शर्मा
निवास स्थान : सेक्टर-67, मोहाली
व्यवसाय : एक निजी फाइनांस कंपनी में असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट (एवीपी) सबसे ज्यादा खर्च : पेट्रोल पर
सालाना बचत : दो से तीन लाख रुपये
बजट को कितने नंबर : 10 में से 10