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मोहाली : 6390 कोरोना मरीज, 96 फीसदी होम आइसोलेशन में हो रहे ठीक

Tue, 20 Apr 2021 10:39 AM IST
निवेदिता वर्मा नवनीत छिब्बर, अमर उजाला, मोहाली (पंजाब)
नवनीत छिब्बर, अमर उजाला, मोहाली (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 20 Apr 2021 10:39 AM IST
सार

मोहाली में कोरोना संक्रमित की मॉनीटरिंग के लिए जिले को जरूरत के अनुसार अलग-अलग हिस्सों में बांट उनकी जिम्मेदारी डाक्टर्स को दी गई है। जो रोजाना सुबह शाम फोन के जरिये मरीज के हालात को मॉनिटर करते हैं।

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More than 96 percent of Corona Patients are Recovering in Home Isolation at Mohali
कोरोना - फोटो : social media

विस्तार

देश के कई हिस्सों में जहां अस्पतालों में हालात गंभीर होते जा रहे हैं। वहीं, मोहाली में 96.17 प्रतिशत संक्रमित होम आइसोलेशन में हैं और यहां के अस्पतालों में 50 प्रतिशत तक बिस्तर खाली पड़े हैं। कोरोना संक्रमण की रफ्तार में आई तेजी ने लोगों की ही नहीं सरकार और प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी है। हालांकि मोहाली के लिए अच्छी बात यह भी है कि जिस तेजी से मरीज सामने आ रहे हैं, उसी तेजी से स्वस्थ भी हो रहे हैं। कोरोना काल के दौरान संक्रमण का शिकार होने वाले 81.40 प्रतिशत लोग अभी तक सेहतमंद होकर सामान्य जीवन जी रहे हैं। ज्यादातर मरीजों में कोरोना के गंभीर लक्षण नहीं मिल रहे।
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जिले में 18 अप्रैल तक 36073 संक्रमित मिल चुके हैं। वहीं इस अवधि में 29360 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। इस तरह जिले के 81.40 प्रतिशत मरीजों ने कोरोना को हरा दिया है। 19 अप्रैल को जिले में कोरोना के 6390 सक्रिय मरीज हैं। जिनमें से 96.17 प्रतिशत यानि 6145 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। मोहाली में कोरोना से 18 अप्रैल तक 502 लोगों की जान गई। जिले में कोरोना मृत्यु दर 1.40 प्रतिशत है। जो कि राज्य में कोरोना मृत्यु दर से तीन फीसदी तक कम है।
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होम आइसोलेशन में मरीज को दी जा रही किट

सोमवार के आंकड़े के अनुसार, मोहाली में 96.17 प्रतिशत कोरोना संक्रमित होम आइसोलेशन में रहकर स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। इनकी मॉनीटरिंग के लिए जिले को जरूरत के अनुसार अलग-अलग हिस्सों में बांट उनकी जिम्मेदारी डाक्टर्स को दी गई है। जो रोजाना सुबह शाम फोन के जरिये मरीज के हालात को मॉनिटर करते हैं।

होम आइसोलेशन के दौरान मरीज को किट उपलब्ध करवाई जाती है, जिसमें दवाओं के साथ सैनिटाइजर, इम्यूनिटी बूस्टर, कफ सिरप, सैच्यूरेशन मीटर जैसा जरूरी सामान होता है। अगर कोई मरीज सांस लेने में तकलीफ या अन्य असुविधा के बारे में बताता है तो उसे तुरंत अस्पताल में भेज दिया जाता है। यही कारण है कि घर में रहकर ज्यादा मरीज स्वस्थ हो रहे हैं। इधर, अस्पतालों में कोरोना पॉजिटिव मरीजों के लिए बिस्तर खाली हैं।  

कोरोना से बचाव के लिए कैसी हो खुराक
संक्रमण जब शरीर में प्रवेश कर जाता है तो कोशिकाएं उससे लड़ना शुरू कर देती हैं। ऐसे में कोशिकाओं को स्वस्थ और सुरक्षित रखने के लिए एंटी ऑक्सिडेंट की जरूरत होती है। इंटीग्रेटिड डिजीज सर्विलांस कार्यक्रम की प्रभारी डॉ. हरमनदीप कौर कहती हैं कि हमें ये एंटी ऑक्सिडेंट काफी मात्रा में फलों, सब्जियों से मिल जाते हैं। लिहाजा नियमित समय पर संतुलित आहार लेना ही सेहत के लिए फायदेमंद है। मरीज की जरूरत के अनुसार दवा दी जाती है। उनका कहना है कि कोई भी दवा डाक्टर की सलाह के बिना न लें।
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